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    अयोध्या। प्रसिद्ध सावन झूलनोत्सव मेला व कार्यक्रम हर्ष उल्लास और खुशी के साथ संपन्न।

    ............ सावन झूला मेला समापन के साथ चांदी के झूले से उतरकर सिंहासन पर  रामलला

    देव बक्श वर्मा 

    अयोध्या। अयोध्या का  प्रसिद्ध सावन झूला मेला हर्ष उल्लास के वातावरण में कड़ी सुरक्षा के बीच संपन्न हो गया! लाखों लाख श्रद्धालुओं ने मां सरयू के सलिल धारा में स्नान करके, नागेश्वरनाथ में जलाभिषेक किया और भगवान श्री राम, हनुमानजी, कनक बिहारी भगवान के दर्शन करते हुए सुख समृद्धि की याचना किया! और अयोध्या का प्रसिद्ध सावन झूला मेला समापन के साथ श्रद्धालु अब अपने अपने गृह पहुंच रहे हैं! मेले के समापन के साथ ही भगवान श्री रामजी  की प्रतिमा को चांदी के झूले से उतरकर सिंहासन पर विराजमान किया! अयोध्या  एक धार्मिक नगरी है  जहां पर कण-कण में भगवान श्रीराम का वास है  अयोध्या नगरी में आयोजित होने वाले प्रसिद्ध सावन झूला मेले का शुक्रवार की शाम को समापन हो गया! यह मेला सावन माह में शुक्ल पक्ष की तृतीया से मणि पर्वत के मेला के साथ जहां पर भगवान श्री राम माता सीता जी के साथ झूला पर झूलती है। 

    विभिन्न मंदिरों से भगवान के विग्रह रूप को झूले पर विराजमान करके मणि पर्वत लाया जाता है! यही झूला मंदिरों में जाकर झुलाया जाता है! वहीं से सावन झूला मेला शुरू हुआ था! सावन पूर्णिमा के मुहूर्त पर इस मेले का समापन हो  गया मेले के समापन के साथ ही भगवान राम की प्रतिमा को चांदी के झूले से उतरकर सिंहासन पर विराजमान किया  गया!  अयोध्या के सभी मंदिरों में झूले में विराजमान रामलला को सिंहासन पर बिठाया  गया! परंपरा के अनुसार राम जन्मभूमि परिसर में भी झूले पर बाल स्वरूप में विराजमान भगवान राम को झूले से उतारकर सिंहासन पर बिठाया  गया! रामलला को सिंहासन से उतारने से पूर्व उनकी आरती  याचना पूजन हुआ! उसके बाद सावन झूला मेले का समापन हो गया ! सावन झूला मेले का समापन शुक्रवार की देर शाम को हो गया  इस अवसर पर अयोध्या के मंदिरों में कजरी गायन का आयोजन किया गया! इस वर्ष प्रतिदिन भगवान राम को सावन के पद और कजरी गायन सुनाया गया! यह पहला मौका था, जब रामलला के दर्शन अवधि में श्रद्धालु रामलला के झूलनोत्सव के स्वरूप का भी दर्शन कर रहे थे! श्रद्धालु रामलला के दर्शन के साथ-साथ सावन के गीत और भजन का आनंद भी ले रहे थे! भगवान राम वर्ष 1992 से टेंट में थे, उनकी मूलभूत सुविधाएं उनको नहीं दी जा सकतीं थीं! इस बस अयोध्या में सावन झूला मेला में पहले जितना सांस्कृतिक कार्यक्रम तो नहीं हुए किंतु आम श्रद्धालुओं को सुविधा की दृष्टि से काफी अच्छा रहा! लोगों को राम जन्म भूमि दर्शन करने के लिए पर्याप्त समय दिया गया! चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा की व्यवस्था थी! श्रद्धालुओं के मूलभूत सुविधाओं के लिए प्रबंध किया गया था! सरयू के सलिल धारा में जल पुलिस की तैनाती किया गया था! ताकि किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके! घाटों पर जो रमणीक समय देखने को मिला उससे श्रद्धालु काफी खुश नजर आए! राम की पैड़ी में बड़ी संख्या में लोगों ने स्नान करके वहीं पर नागेश्वरनाथ को जलाभिषेक भी किया! कांवरियों ने भी सावन के महीने में हर हर बम बम के नारे लगाते हुए अयोध्या को गुंजायमान किया था! ऐसे में अयोध्या का सावन झूला मेला हर्ष उल्लास और खुशी के साथ संपन्न हो गया!

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