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    बलिया। बलिया बलिदान दिवस पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को मुख्यमंत्री ने किया नमन और परिजनों को किया सम्मानित।

    सैय्यद आसिफ़ हुसैन जै़दी\ ख़बर उत्तर प्रदेश के बलिया से है, जहां शुक्रवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बलिया बलिदान दिवस के अवसर पर यहां पहुंचकर स्वाधीनता संग्राम सेनानियों को ही नमन नहीं किया बल्कि स्वतंत्रता सेनानी उनके आश्रितों को स्मृति चिन्ह व अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया।

    आपको बता दें कि 80 वर्ष पूर्व 19 अगस्त 1942 को ही बलिया आजाद होकर राष्ट्र घोषित कर अंग्रेजी हुकूमत को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया था। योगी आदित्यनाथ ने जनसभा को संबोधित करते हुए बलिया बलिदान दिवस के  अवसर पर बलिया के क्रांतिकारी इतिहास को याद करते हुए कहा कि आज 81वां बलिया बलिदान दिवस की इतिहासिक कड़ी में एक ऐतिहासिक पहलु जुड़ गया। जब सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पारम्परिक रूप से जेल के फाटक खुलने के ऐतिहासिक अवसर पर ना सिर्फ उपस्थित रहे, बल्कि यहां से निकलने वाले जुलूस को हरी झंडी दिखाकर रवाना भी किया।

    उन्होंने पुलिस ग्राउंड में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए योगी ने कहा कि बलिया को किसी अनुशांसित होने की आवश्यकता नहीं होती, ऐसा कहा जाता है। लेकिन जब अनुशासन का पाठ पढ़ाने की बात आती है तो बलिया के वीर सपूत मंगल पांडेय ने 1857 में अंग्रेजों को गोली मारकर आंदोलन का बिगुल फूंक दिया था।

    19 अगस्त 1942 को शेरे बलिया चिंतूपांडेय के नेतृत्व में ब्रिटिश हुकूमत से देश को आजाद कराने का काम किया। श्री पांडेय ने अनुशासन के साथ बलिया का शासन भी चलाया। बाद में ब्रिटिशर्स ने बलिया पर जुल्म करते हुए  84 लोगों को शहीद कर दिया और जिसमें सैकड़ों लोग गम्भीर रूप से घायल हो गए।

    योगी जी ने  लोक नायक के जेपी आंदोलन को याद दिलाते हुए कहा बलिया आज भी एक शाप से मुक्त नहीं हो पाया है, आजादी के बाद जब लोग लोकतंत्र का गला घोट देनें पर उतारू थे तो बलिया के ही सपूत लोकनायक जयप्रकाश नारायण  ने जन आंदोलन के द्वारा और बलिया के ही सपूत चंद्रशेखर  के नेतृत्व में लोकतंत्र बचाने का काम किया था।

    बलिया के गौरवशाली इतिहास को दोहराते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा बलिया की धरती पवित्र है। या फिर भृगु मुनि की तपोभूमि है, यहां का इतिहास यह भी बताता है कि बलिया साहित्यकारों की धरती रही है जहां हजारी प्रसाद द्विवेदी, केदारनाथ सिंह  जैसे साहित्यकारों की धरती है।  बलिया आकर मुझे तो बड़ी प्रसन्नता होती है कि यहां के विद्यालयों का नाम भी वीर सेनानियों के नाम पर रखा गया है,वीरवर कुंवर सिंह विद्यालय का नाम लेते हुए कहां कि बल्कि मै यूं कहूं जगह जगह मौजूद वीर सेनानियों के प्रतिमाएं  स्वयं यह बता रही है कि बलिया जिला हमेशा बागी तेवर वाला रहने के कारण अपनी एक अलग तरह का जनपद है ।

    योगी ने मेडिकल कालेज की सौगात देते हुए कहां की 5 सालों से मैं बलिया में मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए जमीन मांग रहा हूं जो 3 साल पहले ही बन जाना चाहिए था ,लेकिन आज तक मेडिकल कॉलेज के लिए जमीन प्रशासन द्वारा उपलब्ध नहीं कराया जा सका। लेकिन आज मैं अपने साथ बलिया में ही पढे़ अपने मुख्य सचिव दुर्गा प्रसाद मिश्र को साथ लेकर आया हूं ,जो शाम तक  रुक कर इसको फाइनल करेंगे ।

    • सौगातों के क्रम में पूर्वांचल एक्सप्रेस वे से बलिया को मिल रही लिंक एक्सप्रेस वे।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि बलिया का विकास बहुत पहले हो जाना चाहिए था, जो नहीं हो पाया है। अब बलिया के विकास के लिए पूर्वांचल एक्सप्रेस वे से एक लिंक एक्सप्रेस वे की शुरुआत की जा रही है ।इसके लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

    योगी ने कहा कि जेल होगा शहर के बाहर शिफ्ट, पुराना जेल बनेगा स्मारक, शीघ्र मिलेगा जलजमाव से  मुक्ति । यह सुनते ही जनपद वासियों की तालियां गड़गड़ा ने लगी।

    योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जनपद वासियों को भव्य रोडवेज जो एयरपोर्ट की तरह सुंदर हो बनाए जाए बनाया जाएगा। सीएम योगी ने परिवहन के लिए दया शंकर सिंह को निर्देश देते हुए कहा कि बलिया का बस अड्डा एयरपोर्ट के तर्ज पर जल्द से जल्द बनाया जाए।

    सीएम योगी ने  बलिया का इतिहास लिखने  वाले हो उन सभी लोगों को प्रेरित करते हुए कहा कि उन्हें  बलिया का गौरवशाली इतिहास लिखना चाहिए।

    सीएम योगी ने कहा कि  प्रधानमंत्री मोदी जी की प्रेरणा से देश आज आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है प्रदेश का संस्कृत विभाग प्रदेश के सभी 75 जिलों में वहां की क्रांतिकारी इतिहास को पुस्तकों के रूप में प्रकाशित करने की एक योजना चला रखी है। आप सभी लोगों  से मैं अनुरोध करता हूं कि जो भी लोग इतिहास से संबंधित पुस्तक लिखना चाहते हैं लिखे छपवाने की जिम्मेदारी सरकार की होगी ।

    • स्कूली छात्र छात्राओं से पटा पंडाल

    सीएम योगी की जनसभा में स्कूली छात्र- छात्राओं की संख्या लगभग दो तिहाई से भी अधिक रही।

    सुबह 9:00 बजे जनसभा में भीड़ जुटाने की आशंका को श्री योगी ने मचं से ही कह दिया कि हमारे परिवहन मंत्री मंत्री ने कहा था कि बलिया रात में सोता नहीं है भीड़ पहुंच जाएगी।

    अगर स्कूली बच्चे नहीं होते तो पंडाल का भरना मुश्किल था।

    सूबे के मंत्री दानिश आजाद दयाशंकर सिंह ने मुख्यमंत्री को इस बीच स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।

    इस अवसर पर मंच पर सुबह ही दोनों मंत्रियों के अलावा सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त, सांसद रविंद्र कुशवाहा, राज सभा सांसद नीरज शेखर ,पूर्व सांसद भरत सिंह, विधायक केतकी सिंह जिलाध्यक्ष जयप्रकाश साहू, पूर्व मंत्री उपेंद्र तिवारी और आनंद शुक्ला पूर्व विधायक संजय यादव, छठठूराम आदि मौजूद रहे। उत्तर प्रदेश का एक ऐसा जिला जो 1942 में ही आजाद हो कर राष्ट्र घोषित हुआ था। जिसके आगे अंग्रेजी हुकूमत ने घुटने टेकने के लिए मजबूर थी।

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