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    बांदा। यूपी में सबसे संवेदनशील जेल बनी बांदा, माफिया मुख्तार अंसारी की वजह से तैनाती पर अफसर नहीं आ रहे, एक साल में नहीं मिला सुपरिटेंडेंट।

    बांदा। माफिया मुख्तार अंसारी बांदा जिला जेल में बंद है। इसलिए ये जेल संवेदनशील बनी हुई है। यहां तैनाती से अब अफसर भी किनारा करने लगे हैं। एक वजह ये भी है कि मुख्तार की मौजूदगी की वजह से DM और SSP जेल में लगातार छापामारी कर रहे हैं।बांदा जेल मंडल स्तर की जेल है, जिसका हेड सीनियर जेल सुपरिटेंडेंट होता है। पंजाब जाने से पहले जब मुख्तार बांदा जेल में बंद था। तब भी जेल में कोई सुपरिटेंडेंट नहीं था। तत्कालीन जेलर रंजीत सिंह ने मुख्तार को उच्चाधिकारियों की अनुमति के बिना पंजाब जाने दिया था। जिसकी वजह से उनको सस्पेंड कर दिया गया था।

    मुख्तार अंसारी की बांदा जेल में वापसी के बाद उन्नाव जेल के सुपरिटेंडेंट अरुण कुमार सिंह को 17 मई 2021 को बांदा जेल भेजा गया। मगर 5 महीने बाद ही वो लंबी छुट्‌टी पर चले गए। अपना मेडिकल भेज दिया। शासन ने बरेली जेल के सुपरिटेंडेंट विजय विक्रम सिंह को बांदा जेल भेजा गया। मगर उन्होंने चार्ज नहीं लिया। विभाग की ओर से चेतावनी देने के बाद भी वो बांदा नहीं गए। इसके बाद उनको भी सस्पेंड कर दिया गया। तब से जेलर प्रमोद त्रिपाठी ही बांदा जेल संभालते रहे हैं।3 महीने बाद उनकी जगह ललितपुर के जेलर वीरेंद्र सिंह को बांदा भेजा गया। बीती 30 जून को लखीमपुर जेल के सीनियर सुपरिटेंडेंट पीपी सिंह को बांदा जेल भेजने का आदेश हुआ, लेकिन उन्होंने भी चार्ज नहीं लिया और बाद में उनको बाराबंकी जेल का सुपरिटेंडेंट बना दिया गया।

    स्टाफ की कमी कैसे पूरी हो रही है? इसको ऐसे समझ सकते हैं कि मौजूदा वक्त में नोएडा से एक डिप्टी जेलर बांदा में तैनात किए गए हैं। बरेली जोन की 8 जेलों के 12 वार्डन भी शिफ्ट किए गए हैं। जेल के स्टाफ को 8 बॉडी वार्न कैमरा, 44 CCTV भी दिए गए हैं। डेढ़ सेक्शन PAC अंदर और 20 जवान बाहर की सुरक्षा में तैनात हैं।

    बांदा जेल में पिछले दिनों अधिकारियों के छापे के बाद डिप्टी जेलर वीरेश्वर सिंह समेत 4 जेलकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया। कारागार प्रशासन ने बांदा जेल की संवेदनशीलता को देखते हुए कई बार सुपरिटेंडेंट तैनात करने का प्रस्ताव भेजा। मगर मुख्तार के आने के बाद से अप्रैल 2021 के बाद से जेल सुपरिटेंडेंट की कुर्सी खाली है। 15 दिन पहले जेल में पड़े छापे के दौरान डिप्टी जेलर 2 दिन की छुट्टी पर थे। चित्रकूट के जेलर संतोष कुमार के पास बांदा जेल का एडिशनल चार्ज था। संतोष कुमार होटल में रुके थे और छापे के समय मौजूद नहीं थे।

    सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद 6 अप्रैल 2022 को मुख्तार अंसारी को पंजाब की रूपनगर जेल से बांदा जेल लाया गया था। जिसके बाद इसे हाई सिक्योरिटी जेल में तब्दील कर दिया गया। जेल की निगरानी कारागार मुख्यालय की वीडियो वॉल से रियल टाइम होने लगी।

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