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    शाहजहांपुर। सांसद राज्यसभा मिथिलेश कुमार ने रेल राज्यमंत्री अश्वनी वैष्णव से की मुलाकात।

    ............ मिथिलेश कुमार ने मैलानी शाहजहांपुर फर्रुखाबाद रेल कार्य प्रारंभ करनें का एक बार फ़िर रखा प्रस्ताव।

    ............. इससे पहले भी वह रेल मंत्री को दे चुके हैं, प्रस्ताव।

    शाहजहांपुर। भाजपा नेता भारतीय जनता पार्टी के सांसद राज्यसभा  मिथिलेश कुमार ने नई दिल्ली में केंद्रीय रेलमंत्री अश्वनी वैष्णव से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने  रेलमंत्री से रेल परियोजना फर्रुखाबाद-मैलानी पर रेल कार्य प्रारंभ करने के संबंध में चर्चा की एवम् पत्र सौंपा।इस दौरान पत्र के माध्यम से सांसद राज्यसभा मिथिलेश कुमार ने रेलमंत्री को अवगत कराया कि फर्रुखाबाद-मैलानी नई रेलवे लाइन बिछाने हेतु सर्वे का कार्य पूर्ण हो चुका है। परंतु इस परियोजना पर अभी तक कार्य प्रारंभ नहीं हो सका है। लगभग डेढ़ सौ किलोमीटर लंबी इस रेल परियोजना के पूरा होने के बाद क्षेत्र में निवास करने वाले लाखों लोगों के लिए वरदान साबित होगी। तथा इस पिछड़े क्षेत्र में व्यवसाय तथा रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे साथ ही रेलवे की आय में भी वृद्धि होगी।

    पत्र के माध्यम से बताया कि यह नई रेलवे लाइन विकास के नए आयाम स्थापित करने के साथ-साथ सामरिक दृष्टिकोण से भी उपयोगी बन सकेगी। सैन्य छावनीओं के कारण शाहजहांपुर और फतेहगढ़ जैसे सुरक्षा की दृष्टि से सामरिक केंद्रों का जुड़ाव सीधे मथुरा, आगरा , ग्वालियर, झांसी तथा टनकपुर स्थित छाबनियों से होने से संवेदनशील रहने वाली उत्तरी सीमा को मजबूती मिल सकेगी। सांसद राज्यसभा  मिथिलेश कुमार कठेरिया ने रेलमंत्री से अनुरोध करते हुए कहा कि जनहित की परियोजना फर्रुखाबाद-मैलानी नई रेल लाइन पर धन अवमुक्त करके यथाशीघ्र कार्य का शुभारंभ कराने का कष्ट करें। जिससे क्षेत्र के विकास के साथ-साथ देश को सामरिक दृष्टिकोण से भी मजबूती मिलेगी।

    • कौन हैं, मिथिलेश कुमार 

    मिथिलेश की राजनीतिक पारी 2002 से शुरू हुई।  वह पुवायां से 2002 में विधायक रहे। 2007 में उनकी पत्नी शंकुतला देवी भी पुवायां से विधायक रहीं। इसके बाद 2014 में मिथलेश कुमार सपा में रहते हुए सांसद का चुनाव हार गए थे। सात साल लग गए पूर्व सांसद मिथलेश कुमार को भाजपा में दुबारा स्थापित करने में। पूर्व सांसद मिथलेश कुमार को सात साल के बाद एक बार फ़िर सत्ता में मिली पावर । राज्य सभा सांसद 2019 के लोकसभा के चुनाव के दौरान सपा से भाजपा में आए थे। 

    इससे पहले वह पहली बार 2002 में भाजपा समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी चुनें गये जिसके बाद 2007 में एक बार फ़िर मिथलेश सपा के टिकट पर उतरे और दोबारा विधायक बने। उसके बाद उन्होंने शाहजहांपुर लोकसभा  चुनाव में ताल ठोंकी जहां उन्हें जीत दर्ज कर सभी को चौंका दिया। लगातार जीत दर्ज कर अपना परचम लहराने वाले मिथिलेश कुमार ने एक बार फ़िर 2012 में अपनी पत्नी शकुंतला देवी को सपा से चुनाव मैदान में उतारा उन्होंने भी जीत दर्ज कर सपा को मजबूती प्रदान की उसके बाद उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार आ गई तो फिर उन्होंने भाजपा के अंदर अपनी पैठ बनाना शुरु कर दी जहां वह कामयाब भी रहे और वह फिर 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा में सपा से आए थे। इसके बाद उन्हें दो साल इंतजार करना पड़ा। उसके बाद उन्हें उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति आयोग का उपाध्यक्ष बनाया गया।

    • मिथलेश को आशीर्वाद, निर्विरोध चुने गए राज्यसभा सदस्य

    शाहजहांपुर के मिथलेश कुमार का राज्यसभा के लिए  निर्विरोध हुए निर्वाचित ।

    वह 2009 में सपा के टिकट से लोकसभा सदस्य चुने गए थे। इस बार 2022 में मिथलेश कुमार को भाजपा ने राज्यसभा का टिकट दिया और निर्विरोध चुने गए। 2014 से 2022 तक मिथलेश कुमार का राजनीतिक बनबास रहा जो अब 2022 जून में खत्म हुआ और वह 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा में आ गए। जहां उन्हें एससी-एसटी आयोग का उपाध्यक्ष मनोनीत किया गया। 

    जिसके बाद मिथलेश कुमार को 30 जून को भाजपा द्वारा राज्यसभा के लिए टिकट दिया गया जहां वह निर्विरोध राज्य सभा सांसद चुने गए। 

    • मिथलेश राज्यसभा जाने वाले तीसरे नेता हैं।

    मिथलेश कुमार शाहजहांपुर जिले के तीसरे ऐसे नेता हैं, जो राज्यसभा सदस्य चुने गए हैं। उनसे पहले 1984 में कांग्रेस के नेता शिवकुमार मिश्रा राज्यसभा के लिए चुने गए थे। 1994 में कांग्रेस नेता जितेंद्र प्रसाद को राज्यसभा का सदस्य चुना गया था।

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