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    बैतूल। पुलिस की लचीली कार्यप्रणाली से शहर में बढ़ता अवैध सट्टे का कारोबार।

    शशांक सोनकपुरिया\बैतूल। मध्यप्रदेश के बैतूल में सट्टा पर्ची का खेल बंद हो ही नहीं रहा  है ।अब एशिया कप 2020 क्रिकेट टूर्नामेंट की हर एक गेंद का सट्टा खिलाने के लिए बैतूल क्षेत्र के कुछ लोग बेखौफ लगे हुए हैं युवा वर्ग को क्रिकेट टूर्नामेंट सट्टा लगाने के लिए आकर्षित कर रहे हैं जल्द ही पैसा डबल करने का लालच देकर युवा सट्टे के दलदल में धकेल रहे सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बैतूल के सट्टेबाज क्रिक्रेट के महाकुंभ में अच्छे से गोता लगाने को तैयार है। कस्टमर को  सट्टेबाजों ने मोबाइल नम्बर के साथ कोडवर्ड भी एलाट कर कर रखा है और खाया, लगाया, सेशन, लंबी आदि कूट भाषा में हो रही बातचीत से रोजाना लाखों करोड़ों का सट्टा मैच की हार जीत पर लगने वाला है। आम जनों के साथ-साथ संभवत: पुलिस को भी जानकारी है । लेकिन लगातार कारवाई के अभाव में इन सटोरिये के.होसले दिन पर दिन बढ़ रहे हैंवही पुलिस द्वारा कागजी खाना पूर्ति हेतु नए-नए खाईवाल पर , एक या दो पर कारवाई भी करती है लेकिन पुलिस आज तक.उन सटोरियों को नहीं पकड़ पाई है जो इन सब का बादशाह है । या इस अवैध सट्टे को पूर्ण रूप से संचालित करता है वहीं जिले में क्रिकेट का सट्टा तो और भी मशहूर है ।

    • सट्टेबाजी में हो रहा है तकनीक का प्रयोग

    बदलते समय के साथ आधुनिक होते सट्टेबाजों ने मोबाइल ऐप टेक्नोलॉजी का उपयोग भी शुरू कर दिया है। गूगल प्ले स्टोर पर कई ऐप उपलब्ध है, जो क्रिकेट के स्कोर के साथ ही सट्टेबाजों के तथाकथित "डब्बे" की लाइन का सीधा प्रसारण करते है और बॉल दर बॉल बदलता सट्टे का रेट उसपे आता रहता है।

    सोशल मीडिया एप व्हाट्सएप का भी सट्टेबाज प्रयोग कर रहे है, ऐसे ग्राहक जिनकी लिमिट प्रत्येक दिन 50 हजार रुपए या उससे अधिक है, उनके लिए वॉट्सएप ग्रुप तैयार किए गए हैं। मैच की पल-पल की अपडेट उन्हें इस ग्रुप पर उपलब्ध कराई जाती है, पर बुकिंग कॉल के जरिए ही होती है।

    • ऐसे होता है खेल

    टी-20 मैच में टॉस के बाद पल-पल खेल की स्थिति बदलती है। टॉस से पहले दोनों टीमों के हार-जीत का भाव आता है। पर टॉस जो टीम जीतती है और जिस मैदान पर खेल हो रहा है उसका इतिहास व टीमों की स्थिति देखते ही तत्काल नए भाव आना शुरू हो जाते हैं। मैच की पहली गेंद से सेशन में गेम शुरू हो जाता है। पहली इनिंग में दो सेशन 1 से 10 ओवर और दूसरा 10 से 20 ओवर का होता है। जो प्रत्येक ओवर में बदलता है। जबकि सेकंड सेशन में एक से 06 ओवर का ही सेशन रहता है। अगले में जीत हार ही रहती है।पिछले कुछ वर्ष में क्रिक्रेट पर सट्टा का कारोबार गलियों व मोहल्ले से पॉश कॉलोनियों में पहुंच गया है। यहां कमरा या फ्लैट किराए से लेकर सटोरिए खुद को महफूस समझते हैं।कुल मिला के कहा जा सकता है कि 20-20 क्रिकेट का खुमार अब छाने ही वाला है और इसके साथ ही रोजाना लाखो करोड़ो का सट्टा कारोबार अब उफान पर होगा अब देखने वाली बात ये होगी की तकनीक के साथ कदमताल मिला कर अपनी व्यूह रचना करने वाले आधुनिक युग के सट्टेबाजों के जाल को पुलिस कैसे तोड़ती है।


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