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    सम्भल। लबो पर गूंजे अली मौला-हैदर मौला के नारे।

    उवैस दानिश\सम्भल। बड़ी ही अकीदत के साथ अलम का जुलूस निकाला गया। हज़रते अब्बास अलमदार के जुलूस में हुसैनियत व देश भक्ति का रंग देखने को मिला। जगह-जगह शबीले लगाई गई और लोगों की प्यास बुझाई गई। जबकि लोगों ने अपने घर की छतो से लंगर बांटा। जिला पुलिस प्रशासन के सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुख्ता इंतजाम रहे।

    शनिवार को नगर में हज़रत अब्बास अलमदार की याद में अलम मुबारक का जुलूस निकाला जा रहा है। अलम उठाने वाले हर एक अकीदतमन्द की ज़बान पर अली मौला-हैदर मौला, या अली-या हुसैन का नारा सुनने को मिला। नगर के मौहल्ला मियां सराय से शुरू हुआ अलम मुबारक का जुलूस डूंगर सराय, हिलाली सराय, हातिम सराय मियां सराय, पन्जू सराय बेग़म सराय के अलदारो को लेता हुआ चमन सराय पहुंचा, जबकि यहां पर सैफ खां सराय, नूरियो सराय, कागजी सराय, हुसैन खां सराय, मण्डी किशन दास सराय, शेर खां सराय, मौहल्ला नाला, चौधरी सराय, जगत के अलमदार पहले ही अपने जुलूस के साथ पहुंच गए। चमन सराय से दर्जन भर मौहल्लो के अलमदार अलम मुबारक लेकर बाज़ार गड्डा गली सब्ज़ी मंडी होते हुए कोट गर्बी स्थित रेतला मैदान में जमा हुए। दूसरी और फतहेउल्ला सराय, देहली दरवाज़ा, कोर्ट गर्बी, स्थित विभिन्न मौहल्लो के इमाबाड़ो से अलम एक बड़े जुलूस की शक्ल में रेतला मैदान से महमूद खां सराय, नखासा, खग्गू सराय, दीपा सराय की गलियो में होते हुए तिमरदास सराय पहुंचे। 

    तसदीक ईलाही, पूर्व मेम्बर चमन सराय

    देर शाम सभी अलमदार अपने-अपने मौहल्ले के लिए आर्य समाज से रवाना हो लिए। जुलूस को शांति पूर्वक सम्पन्न कराने के लिए कमेटी के पदाधिकारी व पुलिस-प्रशासनिक अधिकारी डटे रहे।

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