Header Ads

  • INA BREAKING NEWS

    महराजगंज। चुनाव की घोषणा होते ही सरकार विरोधी कम्युनिस्ट पार्टियों ने आंदोलन कर सरकार को किया असहज।

    महराजगंज। नेपाल में आम चुनाव की घोषणा के बीच चार अलग-अलग नाम धारी कम्युनिस्ट पार्टियों ने अपनी मांग को लेकर हिंसात्मक आंदोलन की शुरुआत कर सरकार को सकते में डाल दिया। मंगलवार को सुबह से ही जगह जगह विस्फोट करने की नियत से आंदोलनकारियों के विस्फोटक सामग्री रखकर जनहानि पहुंचाने की कोशिश को नाकाम करने में पुलिस और सेना को काफी मशक्कत करनी पड़ी। आंदोलनकारियों के इस कोशिश को  चुनाव में विघ्न डालने के षड्यंत्र के रूप में भी देखा जा रहा है। नेपाल सरकार की चिंता यह है कम्युनिस्ट नामधारी इन गुटों के आंदोलन का व्यापक असर पहाड़ से लेकर नेपाल के मैदानी इलाकों तक देखा गया।

    नेपाल चूंकि कम्युनिस्ट विचारधारा के प्रभाव वाला देश है इसलिए यहां विभिन्न नामधारी कम्युनिस्ट पार्टियों की भरमार है जो मुख्य कम्युनिस्ट पार्टियों से पृथक है। हाल के दिनों में नेत्र बिक्रम चंद विप्लव के नेतृत्व वाली कथित कम्युनिस्ट पार्टी के साथ तीन अन्य कम्युनिस्ट पार्टी साइंस्टिफिक शोसलिस्ट कम्युनिस्ट पार्टी और सीपीएन माओवादी कम्युनिस्ट पार्टी भी अस्तित्व में आई है। ये कम्युनिस्ट पार्टियां वक्त वक्त पर सरकार को तंग करने के लिए आंदोलन, तोड़ फोड़, धरना प्रदर्शन करती रहती हैं,ठीक उसी तर्ज पर जैसे राजशाही शासन में नेकपा माओवादी के लोग कर रहे थे। मंगलवार को अपने विभिन्न मांगों को लेकर इन कम्युनिस्ट पार्टियों ने मिलकर सरकार के खिलाफ बड़ा आंदोलन छेड़ दिया।

    नेत्र विक्रम चंद विप्लव के नेतृत्व वाली सीपीएन ने कुछ माह पहले जेल भेजे गए अपने कार्यकर्ताओं की रिहाई की मांग को लेकर आंदोलन शुरू की तो इनके साथ तीन अन्य कम्युनिस्ट पार्टियों के लोग अमेरिका और नेपाल के बीच हुए एमसीसी नामक समझौता और मंहगाई के विरोध का नारा बुलंद कर आंदोलन में साथ आ गए। विप्लव गुट के आंदोलन में इन तीन कम्युनिस्ट दलों के साथ आने से आंदोलन देश व्यापी हो गया। अमरीकी प्रोजेक्ट का विरोध चूंकि प्रमुख विपक्षी दल एमाले भी कर रही है इसलिए इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि इस आंदोलन को केपी शर्मा ओली का समर्थन न हो।पहाड़ी जिलों में आंदोलनकारियों द्वारा सरकारी संस्थाओं और वाहनों को छति पंहुचाने का भी समाचार है। हालांकि तत्परता दिखाते हुए सुरक्षाकर्मियों ने इसे नियंत्रित कर लिया। इस दौरान  सड़क यातायात, उद्योग, स्कूल आदि भी प्रभावित हुए। कुछ जगहों पर संदिग्ध सामान मिलने पर स्थानीय आम जनता दहशत जदा देखी गई। काठमांडू पुलिस मुख्यालय के अनुसार मंगलवार सुबह जानकारी मिली कि कैलाली, बैतड़ी, रूपन्देही काभ्रे समेत कई जिले के कुछ स्थानों पर संदिग्ध वस्तुएं मिली हैं जिसे नेपाली सेना ने निष्क्रिय कर दिया। पुलिस प्रवक्ता उप पुलिस महानिरीक्षक टेक प्रसाद राय ने बताया कि अन्य जगहों पर जहां विस्फोट सामग्री मिल रहे हैं उसे निष्क्रिय किया जा रहा है। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि आंदोलनकारियों ने जगह जगह सड़कों पर विस्फोटक सामग्री रखकर जनहानि की भी साज़िश रची थी। पुलिस और सेना की सतर्कता से इस पर काबू पा लिया गया। आंदोलनकारियों के बंद की घोषणा के बाद मंगलवार सुबह से ही पुलिस ने सुरक्षा कड़ी कर दी है। पुलिस प्रवक्ता का कहना है कि काठमांडू घाटी समेत देश भर के प्रमुख शहरों और राजमार्गों पर सुरक्षा गश्त बढ़ा दी गई है वहीं देश के अलग-अलग हिस्सों से 35 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।अकेले काठमांडू घाटी से करीब 19 आंदोलनकारियों को गिरफ्तार किया गया है। 

    Post Top Ad


    Post Bottom Ad


    Blogger द्वारा संचालित.