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    श्रावस्ती। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक सम्पन्न।

    • संस्थागत प्रसव पर दिया जाए विशेष बल, लाभार्थियों का समय से किया जाए भुगतान-जिलाधिकारी
    • आशाओं एवं ए0एन0एम0 के माध्यम से लोगों को परिवार नियोजन हेतु दी जाए जानकारी-जिलाधिकारी
    • आशाओं का शत-प्रतिशत किया जाए भुगतान-मुख्य विकास अधिकारी

    सर्वजीत सिंह\श्रावस्ती। जिलाधिकारी नेहा प्रकाश की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में सम्पन्न हुई। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सक से लेकर पैरामेडिकल कर्मी तक अपने दायित्व बोध के साथ काम कर लोगों को स्वस्थ्य रखने में अपनी महती भूमिका निभायें। उन्होने जोर देते हुए कहा कि जिले में मातृ एंव शिशु मृत्यु दर अन्य जनपदों की तुलना में अधिक है, जो चिंता का विषय है। इसे रोके बिना स्वस्थ्य समाज की परिकल्पना नही पूरी की जा सकती है, इसलिए मातृ एंव शिशु मृत्यु दर पर रोकथाम के लिए कारगर कदम उठाए जाएं ताकि स्वास्थ्य के देखभाल के अभाव में जिले में किसी भी गर्भवती/धात्री महिला एंव नवजात शिशुओं की मौत न होने पाए। ए0एन0एम0 और आशा गांव में स्वास्थ्य कार्यक्रमों के संचालन की मुख्य धुरी है इसलिए सभी प्रभारी चिकित्साधिकारी ए0एन0एम0 और आशा वार किये गये कार्यो की समीक्षा भी करे और लापरवाही बरतते पाये जाने पर आशा और ए0एन0एम0 को दण्डित भी किया जाय। साथ ही यह भी निर्देश दिया कि आर0सी0एच0 पोर्टल पर गर्भवती महिलाओं एवं नवजात शिशुओं का पंजीकरण/अपडेशन शत-प्रतिशत किया जाए। यदि शत-प्रतिशत अपडेशन में ब्लाक कार्यक्रम प्रबंधक एवं डाटा इंट्री ऑपरेटर की लापरवाही पायी जाए तो उनके विरूद्ध कार्यवाही भी सुनिश्चित किया जाए।

    जिलाधिकारी ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के मुखिया से लेकर उनके अधीनस्थ प्रभारी चिकित्साधिकारियों के साथ ही स्वास्थ्य पर्यवेक्षक, ए0एन0एम0, आशा बहू, आशा संगिनियो को अब विशेष ध्यान रखकर दायित्व बोध के साथ काम करना होगा। इसके लिए उन्होने जिले की हर गर्भवती महिलाओं से लेकर नवजात शिशुओं को सूचीबद्ध करना होगा तथा समय से टीकाकरण के साथ-साथ स्वास्थ्य परीक्षण कराकर उन्हें समय से इलाज मुहैया कराकर स्वस्थ्य बनाना होगा, ताकि जिले की मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाई जा सके। उन्होने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र/प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रवार मातृ एंव शिशु मृत्यु दर की समीक्षा की और मृत्यु के कारणों का विश्लेषण करते हुए सभी प्रभारी चिकित्साधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए, उन्होने यह भी निर्देश दिया कि यदि भविष्य में कोई भी मातृ एव शिशु की प्रसव से पूर्व प्रसव के दौरान या प्रसव केे पश्चात मृत्यु होती है तो सम्बन्धित प्रभारी चिकित्साधिकारियों को मृत्यु का कारण जच्चा-बच्चा की प्रसव पूर्व की गई देख भाल एवं टीकाकरण/पोषण सम्बन्धी दी गई सुविधाओं के विषय में स्थिति स्पष्ट करनी होंगी।

    जिलाधिकारी द्वारा अपेक्षा की गई की वे ए0एन0एम0 और आशाओं के माध्यम से परिवार नियोजन के बारे में तैनाती स्थलों के गांवों में जानकारी दिलाई जाए और उन्हें यह बताएं कि परिवार बड़ा होने पर उनके भरण पोषण में दिक्कत होती है। उन्होंने कहा कि परिवार बडा होने से बच्चों की पढ़ाई पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, इसलिए लोगों को परिवार सीमित रखने के लिए परिवार नियोजन अपनाना आज के परिवेश में महती आवश्यकता है। प्रदेश के अन्य जिलों की अपेक्षा इस जिले में परिवार की वृद्धि दर अधिक है। जनसंख्या वृद्धि रोकने के लिए सरकार की ओर से परिवार नियोजन के लिए अस्पताल के माध्यम से कई सुविधाएं जरूरत मन्दो को निशुल्क दी जा रही है। इसके साथ ही उन्हें प्रोत्साहन स्वरूप महिला नसबंदी के लिए दो हजार, पुरुष नसबंदी के लिए तीन हजार, प्रसव के बाद कापर टी लगवाने पर नगद धनराशि दी जा रही है। जिले के सभी अस्पतालों में पुरूष महिला नसबन्दी, महिलाओं को प्रसव के बाद कापर टी, अंतरा इंजेक्शन, छाया टेबलेट, ओरल पिल्स, माला एन एवं निरोध भी मुफ्त दिया जा रहा है। इसे जरूरतमन्द अपनाकर अपना एवं अपने परिवार का जीवन खुशहाल बना सकते है।

    जिलाधिकारी ने एनआरसी में अतिकुपोषित बच्चों की समय से भर्ती कर उन्हें स्वस्थ्य बनाये जाने का निर्देश दिया है। वहीं क्षय रोग नियंत्रण कार्यक्रम की भी उन्होने समीक्षा की तथा क्षय रोगियों को समय से दवायें उपलब्ध कराने व उनका इलाज कर स्वस्थ्य बनाने पर बल दिया। इस दौरान उन्होने प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना, जननी सुरक्षा योजना, आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना एंव हाई रिस्क गर्भवती की पहचान सहित स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित अन्य कार्यक्रमों की भी गहन समीक्षा की तथा बेहतर ढंग से कार्य कर जन-जन को स्वस्थ्य रखने का निर्देश दिया। वहीं ईलाज के दौरान सभी चिकित्सालयों में जैव अपशिष्ट पदार्थो के निस्तारण हेतु विशेष बल दिया।

    जिलाधिकारी ने सभी प्रभारी चिकित्साधिकारियों को निर्देश दिया है कि जनपद में संस्थागत प्रसव कम है जो उचित नही है, इसलिए संस्थागत प्रसव के लिए लोगों को प्रेरित कर संस्थागत प्रसव पर विशेष बल दिया जाए, ताकि जच्चा एवं बच्चा दोनो स्वस्थ्य रहें। परिवार नियोजन की प्रगति रिपोर्ट सन्तोषजनक न पाये जाने पर उन्होने समस्त अधीक्षकों को निर्देश दिया कि ए0एन0एम0 एवं आशाओं की साप्ताहिक समीक्षा बैठक कर परिवार नियोजन के बारे में बताया जाए। समस्त प्रभारी चिकित्साधिकारी अपने अधीनस्थ कार्यरत अधिकारी/कर्मचारियों की संख्या एवं कार्य विभाजन की सूचना मुख्यालय को प्रेषित करें। जननी सुरक्षा योजना के लाभार्थियों का भुगतान लम्बित पाये जाने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। आर0सी0एच0 की फीडिंग/अपडेशन शत-प्रतिशत कराने का निर्देश दिया। उन्होने यह भी निर्देश दिया कि समस्त डाटा इन्ट्री आपरेटर का वेतन तब तक आहरित न किया जाए जब तक आर0सी0एच0 की फीडिंग शत-प्रतिशत न हो जाए। उन्होने जनपद में संचालित कुल 07 रोगी कल्याण समिति का व्यय शत-प्रतिशत  कराने का निर्देश दिया।

    बैठक में सी0डी0आर0 की समीक्षा के दौरान पाया गया कि बच्चों की सम्पूर्ण सूचना नहीं भरी जा रही है। इसमें रेफरल समय एवं ड्यूटी रोस्टर के हिसाब से किये जाने का निर्देश दिया। उन्होने समस्त अधीक्षकों को निर्देशित किया कि प्रतिदिन एम्बुलेंस वैन का निरीक्षण कर रिपोर्ट मुख्य विकास अधिकारी को प्रस्तुत करें। 

    बेैठक में मुख्य विकास अधिकारी अनुभव सिंह ने उपकेन्द्र पर हुए समस्त संस्थागत प्रसव का जन्म प्रमाण पत्र जारी करने हेतु निर्देश दिया। वी0एच0एन0डी0 सत्रों पर गोपनियता का विशेष ध्यान दिया जाए। अपडेट वीएचएनडी के रिपोर्ट अगली बैठक मे शत प्रतिशत उपलब्ध कराई जाए। शून्य गर्भवती महिलाओं एवं सम्भावित गर्भवती महिलाओं को चिन्हित करने वाली आशाओं के एच0एन0वी0सी0/एच0वी0वाई0सी0 प्रपत्रों के आधार पर भुगतान किया जाए। आशाओं के भुगतान की प्रगति जिन विकास खण्डों में शून्य है, वहां सम्बन्धित अधिकारियों के विरूद्ध कार्यवाही कराकर शत-प्रतिशत भुगतान कराया जाए। उन्होने यह भी निर्देश दिया कि जिन ए0एन0एम0 का स्थनान्तरण अन्य विकास खण्ड में हुआ है उन्हें दो दिवस के अन्दर कार्य मुक्त किया जाए। साथ ही आर0सी0एच0 फीडिंग शत-प्रतिशत कराने का निर्देश दिया। गर्भवती महिलाओं की आर0सी0एच0 पोर्टल पर फीडिंग शत-प्रतिशत अवश्य करायी जाए। उन्होने प्रापर हेड काउन्ट सर्वे कराने का भी निर्देश दिया। आडिट रिपोर्ट की शिकायतें 15 दिवस के अन्दर निस्तारण कराना सुनिश्चित करें।

    इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा0 जेता सिंह, उप मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 सन्त प्रकाश, जिला पंचायत राज अधिकारी आनन्द प्रकाश, जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी अभय प्रताप, जिला कार्यक्रम अधिकारी आशा सिंह, डब्ल्यू0एच0ओ0 के एस0एम0ओ0, यूनिसेफ के प्रतिनिधि सहित सभी प्रभारी चिकित्सा अधिकारीगण, हेल्थ पार्टनर्स एवं सम्बन्धित अधिकारी/कर्मचारीगण उपस्थित रहे।

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