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    वाराणसी। जन्माष्टमी : काशी की गुलाबी मीनाकारी से बने लड्डू-गोपाल और राधे-कृष्ण प्रतिमाएं लोगों को कर रहीं आकर्षित।

    • शिव की नगरी काशी में कान्हा की मूर्तियों की धूम 
    • घरेलू बाजार के साथ ही गुलाबी मीनाकारी के उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय मांग भी बढ़ी
    • महिला हस्तशिल्पियों को मिल रहा रोजगार, आर्थिक रूप से मिल रहा संबल 
    • सीएम योगी ने की थी अपील- अपनों को उपहार में दें ओडीओपी और जीआई टैग वाले उत्पाद

    वाराणसी। शिव की नगरी काशी में इन दिनों कान्हा की मूर्तियों की धूम है। काशी की प्राचीन हस्तकला गुलाबी मीनाकारी की मांग धार्मिक त्योहारों में बढ़ती ही जा रही है। जन्माष्टमी के त्योहार पर काशी की ख़ास गुलाबी मीनाकारी से निर्मित लड्डू गोपाल और राधा कृष्ण की मूर्तियों की डिमांड बढ़ती जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा विदेशी नेताओं को गुलाबी मीनाकारी के उत्पाद भेंट में देने और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ की ओर से लोगों को उपहार में ओडीओपी और जीआई प्रोडक्ट देने की अपील ने वाराणसी की गुलाबी मीनाकारी को नयी उड़ान दे दी है। महादेव की नगरी में हर-हर महादेव के साथ जय श्री कृष्णा का भी उद्घोष सुनाई दे रहा है। इन दिनों शिव की नगरी काशी कृष्णमय हो गई है। 

    जन्माष्टमी की झांकी सजाने के लिए लोग आकर्षक डिज़ाइन वाले ग़ुलाबी मीनाकारी के कृष्ण भगवान को खूब पसंद कर रहे हैं। नेशनल अवार्डी कुंज बिहारी ने बताया कि घरेलू बाजार के साथ ही गुलाबी मीनाकारी प्रोडक्ट्स की अंतरराष्ट्रीय मांग भी बढ़ रही है। धार्मिक त्यहारों में भगवान् की मूर्तियों की मांग बढ़ जाती है। इसकी ख़ास वजह ये है कि धार्मिक अनुष्ठानों में चांदी शुभ मानी जाती है और गुलाबी मीनाकारी में चांदी का काम होता है। जन्माष्टमी में लड्डू गोपाल व राधे-कृष्ण की गुलाबी मीनाकारी की मूर्तियों की मांग बढ़ी है। इसके अलावा भगवान के आभूषण और जन्माष्टमी की झांकी में सजाने के लिए हाथी, घोड़ा, मोर, तोता जैसी अन्य गुलाबी मीनाकारी के उत्पादों की भी डिमांड है। 

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने ख़ास मेहमानों को उपहार में वन डिस्ट्रिक वन प्रोडक्ट और जीआई टैग वाले उत्पाद देते हैं। काशी की जीआई टैग वाली ग़ुलाबी मीनाकारी के प्रोडक्ट इसमें विशेष तौर पर शामिल हैं। इन उत्पादों की मांग बढ़ने से महिला हस्तशिल्पि आर्थिक रूप से मिल मजबूत हो रही हैं।

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