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    प्रयागराज। नम आंखों के साथ सुपुर्द-ए-खाक किए गए ताजिए, अकीदतमंदों ने किया जंजीर का मातम

    Ekhlak Haider

    प्रयागराज। यमुनापार स्थित दांदूपुर गांव में दसवीं  मोहर्रम पर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने मजलिस मातम करते हुए ताज़िया को कर्बला में दफन कर दिया। मंगलवार को कस्बे के 18 इमामचौक व इमामबाड़ों से ताज़ियों के उठने का सिलसिला एक सुबह से ही जारी रहा। ताजिये के जुलूस में हज़ारों की संख्या में भीड़ जुटी रही, इस दौरान अकीदतमंदों ने जंजीर के मातम का भी नजराना पेश किया। 

    नौ मोहर्रम की रात कस्बे के सभी इमामबाड़ों से ताजिया का जुलूस बरामद हुआ और इमामचौक पर लाकर रखा गया। इसके बाद अकीदतमंदों ने सारी रात ताज़ियों पर नज़्र नियाज दिलाई और बोसा दिया। दसवीं मोहर्रम की सुबह इमामबारगाह नौचंदी से ताजिया निकलने की शुरूआत हुई। कस्बे में ही मौजूद कर्बला तक एक एक कर ताजिये के जुलूस पहुंचते रहे। दोपहर में इमामबाड़ा बारगाहे मासूमीन से बरामद हुई ताजिया में जंजीर का मामत पेश किया गया। इसके बाद इमामबाडा़ जाफरिया और पूरब पट्टी से भी ताजिया का जुलूस बरामद होकर कर्बला तक पहुंचा। इमामबारगाह ज़ामिन हुसैन में आले यासीन की मर्सियाख्वानी के बाद बरामद हुई ताजिया कर्बला पहुंची जहां सोगवारों ने ताजिये पर फातिहा दिलाई और फाका तोड़ा। वहीं सबसे आखिर में पूर्व न्यायाधीश शबीहुल हसनैन के घर पर हुई मजलिस के बाद ताजिया का जुलूस बरामद हुआ। जोकि रीवां रोड हाइवे पर पहुंचा और वहां हज़ारों की संख्या में लोगों ने जंजीर का मामत पेश किया।  मंजर अब्बास और रजा हैदर की सरपरस्ती में जंजीर का मातम हुआ इस दौरान अकीदतमंदों के साथ साथ जंजीर का मातम देखने वालों का हुजूम उमड़ा रहा। 

    जुलूस के दौरान लंगर व सबील का भी इंतजाम रहा। शर्बत व चाय के कई स्टाल लगे रहे। जुलूस के दौरान कस्बे के सभी नौहाख्वानों ने नौहा पढ़ा और मातम व सीना जनी और  जंजीर का मातम करने वालों जमाल हैदर मुदस्सीर अब्बास समीर राज अली एहतेशाम हैदर इरशाद हैदर सकलेन आजादार गुलाम अब्बास सैफ कैफ मो आलम असगर अली शेर अली समीम सकील वसी अब्बास साकिब हिफाजत हुसैन   नवाब हैदर आदि लोग मौजूद रहे। इमाम हुसैन व उनके 71 साथियों की शहादत को याद कर पुरसा पेश किया।

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