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    अयोध्या। चप्पे-चप्पे पर विकास प्राधिकरण की निगाह फिर भी विकसित हो रही है अवैध कालोनियां।

    ........... बड़े भूमाफियाओं को बचाने की कोशिश  जारी,आखिर बड़े  भू माफियाओं का नाम क्योंनहीं

    देव बक्स वर्मा\अयोध्या। अयोध्या में चप्पे-चप्पे पर विकास प्राधिकरण की निगाहें हैं!  फिर भी  बड़े पैमाने पर अवैध कालोनियों का निर्माण  और भूमि  घोटाले  का धंधा  पनप रहा है! प्राधिकरण सफाई दे रहा है कि अधिकृत सूची नहीं जारी हुई है! आखिर अधिकृत सूची में किसका नाम है इसको भी प्राधिकरण को बताना चाहिए! अवैध कालोनियों के विकसित होने  की पोल खोलने पर  अब अफरा-तफरी मच गई है! बड़े भूमाफियाओ का नाम सूची में नहीं  होने से लोगों में नाराजगी। 

    जनपद में शहर के आसपास की बिक्री सुदा और प्लाटिंग हुई जमीनों का सत्यापन कराकर दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही की मांग की गई है! अवैध कोलोनाइजरों की जारी कथित सूची में भाजपा विधायक व महापौर का नाम शामिल किया गया लेकिन चर्चित बड़े भूमाफिया को बचाने की पूरी कोशिश की गई है। इसके कारण अयोध्या विकास प्राधिकरण के अफसर खुद कठघरे में खड़े हो गये हैं। इस सूची के बारे में नगर आयुक्त व एडीए के उपाध्यक्ष  स्पष्टीकरण दे चुके हैं कि विभाग से कोई अधिकृत सूची नहीं जारी की गई है। फिर भी उन्होंने माना कि चिह्नित अवैध कालोनियों की सूची बनाई जा रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कथित सूची में जनप्रतिनिधियों का नाम कैसे और कहां से आया यह जांच का विषय है। इतना तय है कि विकास प्राधिकरण अयोध्या एडीए कार्यालय से ही सुनियोजित तरीके से सूची लीक की गई है। इस कारण चर्चित भूमाफिया का नाम इसमें शामिल नहीं किया गया है। भाजपा के क्षेत्रीय मंत्री एवं महानगर महामंत्री  ने अफसरों की मंशा पर सवाल खड़ा किया है। दोनों नामित सदस्यों ने मंडलायुक्त को पत्र देकर प्राधिकरण बोर्ड की बैठक बुलाकर इस प्रकरण पर चर्चा करने के अलावा मामले की जांच की भी मांग की है। अयोध्या धाम के चतुर्दिक अवैध कालोनियां  विकसित हुई हैं और मांझा बरहटा से लेकर तिहुरा व मीरापुर द्वाबा एवं मांझा जमथरा में दर्जनों स्थानों पर जमीन की प्लाटिंग धड़ल्ले से कर बेचा जा रहा है।

    नजूल की जमीनों की भी प्लाटिंग कर उनकी भी बिक्री की गयी। फिर भी विकास प्राधिकरण  ayodhya एडीए के अधिकारी आंखें बंद कर बैठे रहे। बैकुंठ धाम के निकट अवैध निर्माण को लेकर पड़ताल करने गये  लेखपाल को निर्माण एजेंसी के गुर्गों ने  पीटा था। लिखित शिकायत पर अयोध्या कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया लेकिन प्फाइनल रिपोर्ट लग चुकी है। एक प्रकरण मौजा रानोपाली भूमि का है जो चारागाह की भूमि है। इस भूमि की नवैय्यत बदलकर प्लाटिंग के जरिए करोड़ों का खेल किया गया। इसकी शिकायत रामजन्मभूमि ट्रस्ट कार्यालय के प्रभारी प्रकाश कुमार गुप्त ने की थी। पत्र में बताया गया कि भूमाफिया ने एक विक्षिप्त की आड़ में चारागाह की भूमि असामी  के नाम दर्ज कर दी गई। अकृषीय भूमि दिखाकर दो प्लाटों की बिक्री कर दी गई है। यह सब तब हुआ जबकि प्रश्नगत गांवसभा नगर निगम के विस्तारित क्षेत्र में समाहित हो गयी।

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