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    शाहजहांपुर। चिन्मयानंद पर कार्रवाई के लिए इंटक ने सुप्रीम कोर्ट के महानिबंधक को लिखा पत्र।

    ......... इंटक के कार्यालय सचिव ने सुप्रीम कोर्ट के महानिबंधक को भेजा पत्र

    फै़याज़ उद्दीन\शाहजहांपुर। पूर्व केंद्रीय ग्रह राज्यमंत्री व एसएस महाविद्यालय के अधिष्ठाता स्वामी चिन्मयानंद के खिलाफ दुष्कर्म के मामले को वापस लेने में राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस इंटक ने विरोध जताया है। संगठन के कार्यालय सचिव राकेश कुमार सिंह ने सुप्रीम कोर्ट के महानिबंधक को पत्र भेजकर बताया है कि हाइकोर्ट ने इस मामले में फैसला सुरक्षित रखा है। उन्होंने पत्र में कहा कि महानिबंधक अपने स्तर से कार्रवाई सुनिश्चित करे, जिससे चिन्मयानंद जैसे लोगों को सजा मिल सके। पत्र में राकेश कुमार सिंह ने बताया है कि स्वामी चिन्मयानंद पर दुष्कर्म जैसे गम्भीर अभियोग दर्ज हुए लेकिन राजनीतिक पहुंच के कारण कार्रवाई नही हो रही है। उन्होंने पत्र में बताया कि चिन्मयानंद का पूर्व नाम कृष्णपाल है और पूरी तरह राजनीतिक ब्यक्ति है। वह मुख्यमंत्री का करीबी होने का डर दिखाकर लोगों को डराते व धमकाते है।

     नके कॉलेज में ही पढ़ने बाली युवती ने दुष्कर्म का आरोप लगाया था। लेकिन भाजपा सरकार बनने के बाद उनके खिलाफ अभियोग वापस लेने की अर्जी दी गई। पीड़िता ने इस फैसले को न्यायालय में चुनौती दी। जिसे निचली अदालत ने खारिज कर दिया। हाईकोर्ट में अपील की गई तो वहां से स्वामी चिन्मयानंद को स्टे मिल गया। यूपी सरकार द्वारा चिन्मयानंद के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा वापस लेने के कार्रवाई हाईकोर्ट इलाहाबाद में प्रेषित की का चुकी है। जुलाई के अंतिम सप्ताह में उक्त कार्रवाई के मामले में न्यायमूर्ति ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। जबकि मुकदमा वापसी की राज्य सरकार की अर्जी निचली अदालत से पहले ही खारिज की चुकी है। पत्र में अनुरोध किया गया कि स्वामी चिन्मयानंद पद प्रतिष्ठा का दुरुपयोग कर भारतीय संविधान व न्याय पालिकाओं में दबाब बनाकर दोषमुक्त होने का प्रयास कर रहे है। 

    इंटक के जिलाध्यक्ष पवन सिंह को एसएस कॉलेज के बीबीए विभाग से कार्य मे लापरवाही की बजह शिक्षण कार्य से हटा दिया गया। इसलिए वो बदले की भावना संस्थान को बदनाम करने का षणयंत्र रच रहे है। उनके कार्यालय के सचिव के पत्र से उनका कोई सम्बन्ध नही है। 

    ओम सिंह अधिवक्ता मुमुक्षु आश्रम

    प्रत्यारोप लगाने से बाबा के कुकर्म छिप नही जायेंगे, उनकी बेटी को अगर निकाला गया है तो उसके कोई कागज दिखाए, जबकि उनकी बेटी को निकाला नही गया, चिन्मयानंद ने उपस्थिति रजिस्टर अपनी कुटिया में लेजाकर रख लिया। दो माह का वेतन भी नही मिला है। जब कुकर्म रिलीज के वीडियो रिलीज हो रहे है उन्हें कैसे छिपाया जा सकता है। 

    पवन सिंह इंटक जिलाध्यक्ष

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