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    कानपुर। दलित होने की मिली सजा, कर्मचारी को झूठे आरोप में फंसाकर कर दिया निलंबित

    इब्ने हसन ज़ैदी\कानपुर। संज्ञान में आया है कि कानपुर विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष अरविंद सिंह ने अपने अधीनस्थ नगर नियोजन विभाग में सेवारत कर्मचारी जो अनुसूचित जाति का है,उसको झूठे प्रचार के आरोप में कुछ समय पूर्व निलंबित कर दिया गया था,और उस पर जांच कमेटी बनाकर आरोप भी सिद्ध करा दिया गया।जांच कमेटी ने यह तक नहीं देखा कि जो आरोपी पर आरोप लगा है वह सही है कि गलत है,जांचकर्ताओं ने भी आरोप को सही करार देते हुए आरोप पत्र तक बना दिया,आरोपी ने तर्क दिया शिकायतकर्ता निरंजन मिश्रा द्वारा झूठी शिकायत की गई है।शिकायतकर्ता द्वारा बताया गया कि कर्मचारी प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी के साथ 218 घाटमपुर में प्रचार प्रसार कर रहा है,जबकि प्रगतिशील समाजवादी पार्टी का कोई भी प्रत्याशी उत्तर प्रदेश में चुनाव नहीं नहीं लड़ा था।आरोपी द्वारा उपाध्यक्ष पर आरोप लगाया गया कि दलित समाज का होने के नाते उसकी किसी ने सुनी,और सीधा उसका निलंबन कर दिया।



    उन्होंने विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अरविंद सिंह पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा,उपाध्यक्ष दलित समाज के ईमानदार कर्मचारी के ऊपर झूठे आरोप लगाकर उससे व्यक्तिगत रंजिश निकालने का कार्य कर रहे हैं,और उसको मानसिक रूप से परेशान कर रहे हैं,जबकि वह कर्मचारी यूनियन का संगठन मंत्री है,परन्तु कर्मचारियों में इतना खौफहै कि कोई भी यूनियन इस अफसर के सामने अपनी पीड़ा बयान नही कर पा रही है,सही को सही गलत को गलत नहीं कह पा रही।विदित हो कि विभाग में कई ऐसे व्यक्ति हैं जो फर्जी रजिस्ट्री के मामले में निलंबित हुए और समय से पहले बहाल भी हो गए।

    जिन पर फर्जी रजिस्ट्री का आरोप लगा है उन पर कार्यवाही ना करके ईमानदार व्यक्तियों पर छवि धूमिल की जा रही है और षड्यंत्र का शिकार किया जा रहा है जबकि कर्मचारी नेता बराबर फर्जी रजिस्ट्री के लिए आवाज उठा रहा था।उसकी आवाज को दबाने का यह एक प्रयास किया जा रहा है।फर्जी रजिस्ट्री गिरोह के सदस्य में उपाध्यक्ष कार्यालय में पदस्थ बाबू के ऊपर भी आरोप कई बार लगे हैं।

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