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    लखनऊ। भातखण्डे संगीत संस्थान अभिमत विश्वविद्यालय लखनऊ में करोड़ों का घोटाला।

    ......  राज्यपाल के आदेश पर दर्ज हुई रिपोर्ट

    .......... कैसरबाग पुलिस ने मामला ठंडे बस्ते में डाला

    अतुल कपूर (स्टेट हेड)

    लखनऊ। भातखण्डे संगीत संस्थान अभिमत विश्वविद्यालय की पूर्व कुलपति श्रुति सडोलीकर काटकर एवं अन्य कर्मियों के विरूद्ध घोर प्रशासनिक अनियमितताओं के चलते लगभग चार करोड़ रुपए के घोटाले की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद कैसरबाग पुलिस ने कथित आर्थिक सांठगांठ के चलते मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया है। इस संबंध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तथा कुलसचिव समेत डीजीपी उत्तर प्रदेश को भी लिखित शिकायत की गई है।

    राज्यपाल के आदेश के उपरांत एफ.आई.आर. तो दर्ज हो चुकी है, किन्तु इस एफ.आई.आर. के आधार पर आरोपितों के खिलाफ कोई कार्यवाही प्रशासन द्वारा नही की गई है। मजे की बात यह है कि आरोपितों में एक कर्मचारी राम कुमार वर्तमान समय में प्रशासनिक कार्यालय में तैनात है और वह शिकायत कर्ताओं को डरा धमका रहा है तथा साक्ष्य नष्ट करने के प्रयास भी कर रहा है। उक्त कर्मचारी पर विश्वविद्यालय में संगीत की शिक्षा ग्रहण कर रही छात्राओं के साथ अश्लील हरकतें करने का भी आरोप है।

    विश्वविद्यालय के तत्कालीन रजिस्ट्रार डॉ. लवकुश द्विवेदी द्वारा सडोलीकर की शिकायत धारा 409, 420, 43 तथा 120 (बी) के अन्तर्गत कैसरबाग पुलिस थाने  में लिखाई गई थी। पूर्व कुलपति श्रुति सडोलीकर काटकर के साथ मिलकर अन्य कर्मियों ने 2 वर्ष में 2.4 करोड़ की अनियमितताएं की और अभी 1 करोड़ 80 लाख का भुगतान शेष है। 4 करोड़ की अनियमितताओं के आधार पर एफ.आई.आर होने के बाद भी आज तक श्रुति सडोलीकर काटकर के विरूद्ध कोई कार्यवाही नही की गई है। रिपोर्ट के बाद कोई कार्यवाही न किये जाने के कारण पूर्व कुलपति और घोटाले में संलिप्त अन्य कार्यरत कर्मचारी अभी तक खुले आम घूम रहे है। इससे परिसर एवं शिक्षकों, कार्यालय कर्मचारी एवं विद्यार्थियों में खौफ का माहौल है। अपराधिक प्रकृति के कर्मचारियों को दण्ड नही दिये जाने के कारण उनके हौसले बुलंद हैं।

    खेद की बात है कि राज्यपाल के आदेश पर एफ.आई.आर हुई थी और उनके  ही आदेश की खुलेआम अवहेलना की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक वर्तमान अपराधिक प्रकृति वाले कर्मचारी खुलेआम यह कह रहे है कि कैसरबाग पुलिस थाने को हम अपनी जेब में रखते है। करोड़ों के इस घोटाले में पुलिस द्वारा अब तक कोई गिरफ्तारी न किए जाना वास्तव में आश्चर्यजनक बात है।

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