Header Ads

  • INA BREAKING NEWS

    नैमिषारण्य/सीतापुर। आदि गंगा गोमतीं के तल में विराजमान है भोलेनाथ।

    नैमिषारण्य/सीतापुर। 88000 ऋषियों की तपोस्थली नैमिषारण्य गोमती नदी के तट पर भगवान शिव का एक अलग ही अद्भुत अनूठा स्थल रुद्रावर्त धाम नैमिषारण्य तीर्थ से लगभग पाँच किलोमीटर की दूरी पर गोमती नदी में एक कुंड बना हुआ है। मान्यता यहां है इस कुंड गोमती नदी के मध्य में साक्षात भगवान शिव का स्वरूप विद्यमान हैं जिसके चलते यहां पर जो श्रद्धालु श्रद्धाभाव के साथ भगवान भोलेनाथ का ध्यान करके बेलपत्र, दूध,फल,इत्यादि ॐ नमः शिवाय मंत्र के साथ गोमती नदी में अर्पित करता है। 

    वो वस्तुएं सीधे जल में जाकर भगवान शिव को प्राप्त हो जाती हैं यदि कोई भक्त पाँच फल पूजन के साथ श्रद्धापूर्वक भाव से जल में अर्पित करता है तो उसको प्रसाद स्वरुप एक या दो फल ऊपर आ जाते है शेष फल गोमती नदी में समा जाते है इस स्थान पर देश के विभिन्न प्रान्तों से श्रद्धालु आते हैं इन दिनों बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं इस पावन धाम उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, व बीएल जोशी समेत कई वीआईपी आ चुके है।

    Post Top Ad


    Post Bottom Ad


    Blogger द्वारा संचालित.