Header Ads

  • INA BREAKING NEWS

    सीतापुर। प्रयागराज हाईकोर्ट द्वारा राधेश्याम जायसवाल अध्यक्ष, नगर पालिका परिषद सीतापुर के सभी वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार बहाल किए गए।

    शरद कपूर\सीतापुर। एक बार फिर पूर्व विधायक एवं नगर पालिका परिषद सीतापुर के अध्यक्ष राधेश्याम जयसवाल ने माननीय न्यायालय के सहयोग से हारी हुई बाजी पलट दी है, इस बार प्रयागराज हाईकोर्ट ने पालिकाध्यक्ष को राहत की सांस देते हुए उनके सभी वित्तीय अधिकार वापस कर दिए हैं। जैसा कि आप सभी को ज्ञात है कि कुछ दिन पूर्व शासन द्वारा नगर पालिका परिषद सीतापुर के अध्यक्ष राधेश्याम जायसवाल के सभी वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकारियों को सीज कर उनके स्थान पर सिटी मजिस्ट्रेट सीतापुर को प्रशासनिक अधिकारी नियुक्त किया गया था, जिसके विरूद्ध राधेश्याम जायसवाल ने इलाहाबाद हाईकोर्ट की शरण ली थी, जिस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट द्वारा कल निर्णय सुरक्षित कर लिया गया था, उसी क्रम में आज दिनांक 21 जुलाई, 2022 को इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच द्वारा राधेश्याम जायसवाल के नगर पालिका परिषद सीतापुर के अध्यक्ष पद के सभी वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकारियों को बहाल कर उन को बड़ी राहत पहुंचाई।

    राधेश्याम जायसवाल

    ज्ञातव्य है कि सीतापुर नगर पालिका में राधेश्याम जयसवाल के साथ इस कार्यकाल में ऐसा  5 बार हो चुका है, जिला प्रशासन और शासन स्तर पर उनके अधिकार सीज कर दिए जाते हैं और वह बार-बार माननीय न्यायालय की शरण लेकर अपने अधिकार वापस ले आते हैं। इस बार प्रयागराज हाई कोर्ट ने पावर बाहल करते हुए टिप्पणी भी की है साथ ही कोर्ट बेंच ने कहा है कि निकाय चुनाव होने तक अब पालिका अध्यक्ष राधेश्याम जयसवाल पर कोई भी चार्ज नहीं लगाया जाना चाहिए।

    राधेश्याम जयसवाल की ओर से वरिष्ठ वकील एस पी मिश्रा और प्रफुल्ल तिवारी ने जोरदार बहस की जिस पर प्रयागराज हाई कोर्ट के न्यायाधीश एके उपाध्याय और रजनीश कुमार की खंडपीठ ने यह फैसला सुनाया। संज्ञान में रहे कि इससे पूर्व भी वर्ष दो हजार अट्ठारह वर्ष 2019 वर्ष 2020 और वर्ष 2021 में भी राधेश्याम जयसवाल पर आरोप लगाते हुए जिला प्रशासन ने शासन की अनुमति पर उनके वित्तीय अधिकार सीज कर दिए थे। उक्त खबर मिलते ही राधेश्याम जायसवाल के सभी  कार्यकर्ताओं एवं समर्थकों में हर्ष की लहर दौड़ गई।

    Post Top Ad


    Post Bottom Ad


    Blogger द्वारा संचालित.