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    गया \बिहार। वंडर एप पायलट प्रोजेक्ट की मदद से मातृत्व ​मृत्यु दर को कम करने की कवायद ।

    ........... बोधगया प्रखंड में सबसे अधिक 2148 महिलाओं का वंडर एप पर निबंधन। 

    प्रमोद कुमार यादव 

    गया\बिहार। स्वास्थ्य के क्षेत्र में जिला में मातृत्व एवं शिशु स्वास्थ्य सुरक्षा को प्राथमिकता दी गयी है। इसके लिए विशेष कार्य किये जा रहे हैं। इन कार्यों में शतप्रतिशत गर्भवती के आवश्यक चार बार प्रसव पूर्व जांच सुनिश्चित करना, गर्भवती का आवश्यक टीकाकरण, आयरन एवं फॉलिक एसिड गोलियों का वितरण तथा गर्भवती को संस्थागत प्रसव के लिए प्रेरित करना और उन्हें अस्पताल पहुंचाने में सभी आवयक संसाधन मुहैया कराना आदि है। 

    इन सभी कार्यों को सुगम बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा महत्वाकांक्षी वंडर एप की मदद ली जा रही है। वंडर एप प्रोजेक्ट की मदद से गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच तथा गंभीर या जोखिम गर्भावस्था वाले मामलों का ब्योरा रख उन तक स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच को बढ़ाना है। वंडर एप प्रोजेक्ट का अनुश्रवण जिलाधिकारी गया डॉ त्यागराजन एसएम स्वयं अपने स्तर से कर रहे हैं। मातृत्व एवं शिशु स्वास्थ्य सुर​क्षा को लेकर इस विशेष मुहिम के तहत सभी गर्भवती महिलाओं के प्रसव पूर्व जांच व आवश्यक इलाज तथा दवा की उपलब्धता सुनिश्चित कराने संबंधी आदेश भी दिये गये हैं। वंडर एप की मदद से सभी गर्भवती महिलाओं का ब्योरा रखने के लिए कहा गया है ताकि आकस्मिक स्थिति में उन्हें इलाज में किसी प्रकार का कोई भी परेशानी नहीं हो।

    • वंडर एप से तैयार किया जा रहा डाटा बेस जानकारी

    जिला स्वास्थ्य समिति के जिला कार्यक्रम प्रबंधक नीलेश कुमार ने बताया जिला में सभी प्रखंडों में वंडर एप प्रोजेक्ट का संचालन किया जा रहा है। वंडर एप की मदद से गर्भवती महिलाओं का एक डाटा बेस तैयार किया जा रहा है। यह मातृत्व मृत्यु को कम करने में मददगार सिद्ध होगा। जिलाधिकारी के आदेशानुसार एएनएम को वं​डर एप का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। स्वास्थ्य संस्थानों सहित मंगलवार को विभिन्न पंचायतों में आयोजित किये जाने वाले वंडर एप कैंप में एएनएम गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी सभी जानकारियां एप में फीड करती हैं। इससे उनके स्वास्थ्य संबंधी जानकारियां प्राप्त होती हैं। इनमें हीमोग्लोबिन का स्तर, वजन, ब्लड ग्रूप सहित अन्य आवश्यक जानकारियां होती हैं.

    • आंगनबाड़ी सेविका गर्भवती का ​करायें निबंधन

    यूनिसेफ के संजय कुमार सिंह ने बताया जिलाधिकारी ने समेकित बाल विकास परियोजना—आइसीडीएस के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वंडर एप कैंप के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकताओं की मदद से अधिक से अधिक गर्भवती महिलाओं का निबंधन सुनिश्चित करायें। गर्भवती महिलाओं को सत्र स्थलों या आंगनबाड़ी केंद्रों पर बुलाकर उन्हें स्वास्थ्य संंबंधी देखभाल की जानकारी दें तथा उनका निबंधन करायें। वंडर एप कैंप के दौरान सभी जांच और दवाईयों की उपलब्धता सुनिश्चित करें। साथ ही वंडर एप कैंप के दौरान ही गर्भवती की जांच के साथ ही उनका प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के तहत मिलने वाली राशि के​ लिए उसी समय फॉर्म भी भर दिया जाये ताकि लाभुक को राशि प्राप्त करने में देरी या असुविधा नहीं हो।   

    •  वंडर एप पर सबसे अधिक निबंधन बोधगया में

    जिला में अब तक लगभग 4500 गर्भवती महिलाओं का वंडर एप के माध्यम से निंबधन किया गया है।  सबसे अधिक निबंधन बोधगया में किया गया है. यहां 2148 गर्भवती महिलाओं का निंबधन कर स्वास्थ्य जानकारियां एप पर मौजूद हैं। वहीं  बांकेबाजार में 314, प्रभावती अस्पताल में 310, मोहनपुर 287, बेलागंज में 170, गुरुआ में 169, बाराचट्टी में 147, डुमरिया में 141, बथानी में 136, वजीरगंज में 115, मोहरा में 114, सदर अस्पताल शेरघाटी में 89, आमस में 80, कोंच में 65, इमामगंज में 63, परैयार में 34, अतरी में 31, टिकारी में 20, गुरारू में 8, मगध मेडिकल में 5, खिजरसराय में 2, मानपुर में 1 महिलाओं की वंडर एप पर निबंधन कर स्वास्थ्य संबंधी जानकारियों की इंट्री की गयी है। इनमें 109 जोखिम गर्भावस्था की श्रेणी में आने वाली 109 महिलाओं का फॉलोअप किया जा रहा है। जबकि 12 क्रिटिकल केस चिन्हित किये गये हैं। ज़िला पदाधिकारी ने जीविका, सेविका, सहायिका, एएनएम, यूनिसेफ एवं स्वास्थ्य विभाग के कर्मी आपस मे समन्वय बना कर कम प्रगति वाले प्रखंड, गर्ववती महिलाओं का निबंधन कार्य करते हुए लाइन लिस्टिंग कार्य मे तेजी लाये।

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