Header Ads

  • INA BREAKING NEWS

    श्रावस्ती। शिक्षा, स्वास्थ्य एवं बाल विकास पुष्टाहार के अधिकारी आपस में सामजंस्य बनाकर जन-जन को करें लाभान्वित-अपर सचिव भारत सरकार।

    • सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं/विकास कार्यक्रमों को धरातल पर उतार कर जन-जन को लाभान्वित करें अधिकारीगण- अपर सचिव भारत सरकार।
    • शिक्षा और स्वास्थ्य बेहतर होने से ही जिले का होगा चहुंमुखी विकास-अपर सचिव भारत सरकार।

    सर्वजीत सिंह\श्रावस्ती। जन-जन के विकास के लिए भारत सरकार/प्रदेश सरकार प्रतिबद्ध है। इसके लिए तमाम जनकल्याणकारी योजनाओं का संचालन विभिन्न विभागों के माध्यम से किया जाता है। इसलिए सम्बन्धित विभागीय अधिकारियों का दायित्व बनता है कि वे अपने-अपने विभागों में सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं/विकास कार्यक्रमों को धरातल पर उतारें, और हर पात्र व्यक्ति को जरूर लाभान्वित करें तथा यह भी ध्यान रखें कि कोई भी गरीब, असहाय, बेसहारा व्यक्ति सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से वचिंत न रहने पावे। 

    उक्त विचार अपर सचिव, आवास एवं शहरी विकास मंत्रालय भारत सरकार कामरान रिजवी ने कलेक्ट्रेट सभागार में तमाम विभागों के जिलास्तरीय अधिकारियों के साथ नीति आयोग के इंडीकेटर पर आधारित विकास बिन्दुओं पर गहन समीक्षा करने के दौरान व्यक्त किया। उन्होने जोर देते हुए कहा कि अशिक्षा विकास में बाधक रही है, इसलिए शत-प्रतिशत लोगों को शिक्षित किये बिना सम्पूर्ण विकास की परिकल्पना नही की जा सकती। जिले में साक्षरता दर पूरे भारत में कम है, लेकिन अब सुधार आया है। जो प्रशंसनीय है और अब तक किए गए प्रयासों का दर्शाता है। आगे भी हमें टीम भावना के साथ काम करके साक्षरता दर को बढ़ाने के लिए लोगों से विशेष प्रयास करने की जरूरत है। उन्होने कहा कि सम्पूर्ण विकास में शिक्षा और स्वास्थ्य की बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका है, इसलिए इन दोनो बिन्दुओं पर विशेष जोर दिया जाना चाहिए। उन्होने कहा कि प्राथमिक से लेकर जूनियर, जूनियर से लेकर इण्टरमीडिएट एवं इण्टरमीडिएट से लेकर उच्च शिक्षा में दाखिले तक छात्र-छात्राओं की निगरानी के लिए भी कार्य योजना बनाई जाए और मानीटरिंग भी की जाए। ताकि जिले का कोई भी छात्र/छात्रा शिक्षा से वंचित न रहने पाये।

    स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान यह ज्ञात हुआ कि जागरूकता के अभाव में गर्भवती महिलाएं एवं नवजात शिशुओं का समय से टीकाकरण न होने के कारण जिले में मातृ और शिशु मृत्युदर अधिक है, जो बहुत ही गम्भीर विषय है। इसके लिए भी स्वास्थ्य विभाग, बाल विकास पुष्टाहार एवं बेसिक शिक्षा को अब विशेष सतर्कता बरतनी होगी और जिले की हर गर्भवती महिलाओं का शत-प्रतिशत टीकाकरण, उनके स्वास्थ्य की देखभाल एवं नवजात शिशु से लेकर पॉच वर्ष तक के बच्चों का समय से टीकाकरण कराने के साथ हर गर्भवती महिलाओं एवं उनके नवजात बच्चों के टीकाकरण का लेखा जोखा ढंग से रखा जाए। ताकि कोई भी गर्भवती महिला तथा नवजात शिशु टीकाकरण से वंचित न रहने पाए। उन्होनें यह भी निर्देश दिया की प्रयास यह होना चाहिए कि जिले की हर गर्भवती महिला का संम्बधित क्षेत्र की आशा बहू द्वारा संस्थागत प्रसव ही कराया जाए। उन्होने यह भी निर्देश दिया कि संस्थागत प्रसव में जहां कमी पाई जाती है वहां पर संबंधित आशा, एएनएम के विरूद्ध विधिक कार्यवाई की जाए। ताकि जच्चा बच्चा के स्वास्थ्य की देख भाल बेहतर ढंग से अस्पतालों में हो सकें। उन्होने निर्देश दिया कि ऐनम, आशा बहू एवं आशा संगनी की प्रत्येक माह जिला स्तर पर बैठक नियमित रूप से आयोजित कर उन्हें बच्चों के टीकाकरण तथा परिवार नियोजन अपनाने हेतु लोगों को प्रेरित करने के लिए प्रशिक्षित किया जाए। ताकि वे अपने अपने क्षेत्रों में वी0एच0एन0डी0 सत्र के दौरान एवं अन्य घर घर जा कर लोगों को स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों के बारे में लोगों को बतावें तथा उन्हंे परिवार नियोजन के साधन/नसबंदी अपनाने/करवाने हेतु प्रेरित भी करें।

    अपर सचिव ने बैठक में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, आयुष्मान भारत योजना,स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, पेय जल, विधवा, वृद्धा एवं दिव्यांगजन पेंशन योजना, बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, प्रधानमंत्री कन्या सुमंगला योजना, जल संचयन, कौशल विकास, प्रधानमंत्री जन-धन योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, आदि योजनाओं के बारें में समीक्षा की तथा योजनाओं के लक्ष्य की पूर्ति के बारे में सम्बन्धित अधिकारियों से वार्ता कर जानकारी ली तथा बेहतर ढंग से सरकार की योजनाओं को धरातल पर उतार कर जन-जन को लाभान्वित करने का निर्देश दिया। उन्होनें यह भी कहा कि यह भी ध्यान रखा जाए कि सरकार जनकल्याणकारी योजनाओं से कोई भी पात्र व्यक्ति वंचित न रहने पाये।

    बैठक के दौरान जिलाधिकारी नेहा प्रकाश ने अपर सचिव को अवगत कराया कि जिले में स्वास्थ्य और शिक्षा के स्तर में सुधार लाने के लिए विशेष प्रयास किये जा रहे है। उन्होने बताया कि संस्थागत प्रसव को बढावा दिये जाने हेतु 64 नये डिलीवरी प्वाइण्टस खोले गये हैं तथा 5 और खोले जा रहे हैं। जनपद में पूर्व में मात्र 1 एफआरयू कियाशील रहा है, जिसकी संख्या बढकर 4 हो गयी है। 3 एफआरयू में सी-सेक्शन प्रारम्भ हो गया है। जनपद में जिला अस्पताल में 20 बेड का एसएनसीयू सेन्ट्रलाइज्ड आक्सीजन प्लांट के साथ क्रियाशील है। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सोनवा में पीआईसीयू, आक्सीजन प्लांट एवं बीएसए लैब स्थापित की जा रही है, जिससे कोविड की जनपद में जांच की सुविधा उपलब्ध है। गर्भवती महिलाओं एवं स्वास्थ्य सेवाओं की सुविधा बढाये जाने हेतु रूर्बन मिशन एवं अन्टाइड फण्ड के माध्यम से 5 एएनएम सबसेण्टर को माडल उपकेन्द्र बनाया जा रहा है। 102 हेल्थ एवं वेलनेस केन्द्र कियाशील तथा चिल्हरिया में आदर्श हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर स्थापित किया गया है, जिसको केन्द्रीय स्थास्थ्य मंत्री जी द्वारा पुरूस्कृत किया गया है।

    उन्होने बताया कि शिक्षा के क्षेत्र में आपरेशन सक्षम फेज-1 के अर्न्तगत 82.17 लाख की लागत से 25 स्मार्ट क्लासरूम की स्थापना कराई गई है। आपरेशन सक्षम फेज-2 के अन्तर्गत 3.60 करोड़ की अनुमानित लागत से 300 स्मार्ट क्लास एवं 40 लाख की अनुमानित लागत से 10 स्मार्ट क्लासरूम की स्थापना कराई जा रही है। जनपद के 50 प्रतिशत विद्यालयों में स्मार्ट क्लास स्थापित कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। आपरेशन सक्षम के अन्तर्गत स्मार्ट केन्द्रों की निगरानी हेतु विकास भवन श्रावस्ती में मानीटरिंग सेण्टर स्थापित किया गया है। पंचायतीराज विभाग के माध्यम से समस्त विद्यालयों में बेसिक इन्फ्रान्स्टेक्चर का उच्चीकरण किया जा रहा है। शतप्रतिशत विद्यालयों में शौचालय कियाशील है तथा 575 किचेन का अपग्रेडेशन कराया गया है। सभी स्कूलों में साफ-सफाई, स्वच्छता को बढ़ावा दिये जाने हेतु रनिग वाटर की उपलब्धता हेतु कार्य किया जा रहा है। जिला स्तरीय अधिकारीगण को प्रशिक्षण प्रदान कर विद्यालयों का निरीक्षण कराया जा रहा है, जिससे बच्चों ई-लर्निंग विद्यालयों में अवस्थापना सुविधा, मध्यान्ह भोजन योजना, अध्यापकों की उपस्थिति एवं शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार हो सके। आपरेशन कायाकल्प के अर्न्तगत विद्यालयों के समस्त कक्षाओं में निर्धारित मानक के अनुसार ब्लैकबोर्ड व्यवस्थित कराये गये हैं। जल संचयन एवं सम्वर्धन में विकास हेतु 350 स्कूलों में माडल रूफटाप वाटर हार्वेस्टिंग प्लांट लगाया गया है। मनरेगा के माध्यम से इस वर्ष 27 खेल मैदान विकसित किये गये हैं। बैठक का संचालन मुख्य विकास अधिकारी अनुभव सिंह ने किया।

    इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी कमलेश चन्द्र्र्र्र्र, उपजिलाधिकारी प्रवेन्द्र कुमार, उपजिलाधिकारी आशुतोष ,वैज्ञानिक जल शक्ति मंत्रालय भारत सरकार  जुनैद,जिला जिला विकास अधिकारी विनय कुमार तिवारी ,उपनिदेशक कृषि कमल कटियार,जिला पंचायत राज अधिकारी आनन्द प्रकाश,जिला कार्यक्रम अधिकारी आशा सिंह,अधिशासी अभियंता जल निगम एस0एम0 असजद, जिला प्रोबेशन अधिकारी सुबोध कुमार सिंह, जिला सूचना अधिकारी शिवनाथ, ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर शरद श्रीवास्तव सहित सम्बंधित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहें।

    Post Top Ad


    Post Bottom Ad


    Blogger द्वारा संचालित.