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    शाहजहांपुर। रात भर लेवर पैन से तड़पती रही महिला, मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने नही किया ऑपरेशन।

    ............ मेडिकल कॉलेज प्राचार्य राज्य महिला आयोग की सदस्य का नही उठाते फोन

    ................ पीड़ित महिला के पति का आरोप 5 हजार रुपये न देने पर ऑपरेशन से किया इंकार


    फै़याज़ उद्दीन/शाहजहांपुर। जनपद में स्वास्थ्य सेवाएं कैसी है मेडिकल कॉलेज में माननीयों की भी नही सुनी जा रही है तो आम आदमी का क्या हाल होगा आप अंदेशा लगा सकते है। आपको बता दे कि अभी दो दिन पहले राज्य महिला आयोग की सदस्य सुनीता बंसल ने मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल में बेड नम्बर 10 पर एक स्वाति नाम की महिला भर्ती थी। उसने सुनीता बंसल से शिकायत की उसकी डिलीवरी होने बाली है यहां के डॉक्टर उसका ऑपरेशन नही कर रहे है। जबकि 9 माह से अधिक समय हो गया। इस सम्बंध में सुनीता बंसल ने मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य को महिला की डिलीवरी के सम्बंध में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए कहा था। लेकिन प्राचार्य द्वारा महिला को बेहतर इलाज नही दिया गया। अस्पताल में भर्ती महिला स्वाति के पति ने जब महिला आयोग की सदस्य से फोन पर बताया कि हालत बहुत सीरियस है डाक्टर ऑपरेशन नही कर रहे है। तो प्राचार्य राजेश कुमार ने कह दिया कि लेवर पैन का इंजेक्शन दे दिया गया है नार्मल डिलीवरी का इंजतार किया जा रहा है। वही सुनीता बंसल ने बताया कि उसके बाद उन्होंने प्राचार्य को कई बार फोन मिलाया लेकिन प्राचार्य ने फोन नही उठाया।

    रात भर लेवर पैन से तड़पती रही महिला

    पीड़ित महिला स्वाति के पति मनमोहन ने बताया कि उन्हें आशा के माध्यम से बताया कि अगर ऑपरेशन कराना है तो 5 हजार रुपये की व्यवस्था करो जल्दी से ऑपरेशन हो जाएगा। जब मनमोहन ने इस सम्बंध में महिला आयोग की सदस्य से बात की तो अस्पताल के स्टाफ ने बोला कि नार्मल डिलीवरी हो हो जाएगी। महिला के 21 जुलाई की शाम को लेवर पैन का इंजेक्शन लगा दिया गया। जिससे महिला पूरी रात दर्द से तड़पती रही लेकिन कोई भी स्वास्थ्य कर्मी देखने नही आया। पीड़ित महिला के पति ने बताया कि जब सुबह उन्होंने कहा कि ऑपरेशन कर दीजिए तो डॉक्टर गरिमा सहित पूरे स्टाफ ने उनसे बहुत बतमीजी से बात की। आखिर में उन्होंने अस्पताल से रेफर करने को कहा तो उन्होंने रेफर करने से इनकार कर दिया तथा मरीज को बेड से उठने भी नही दिया, पकड़ पकड़ कर जबर्दस्ती बैठाते रहे। आखिर में उन्होंने जबर्दस्ती एम्बुलेंस से प्राइवेट अस्पताल में महिला को भर्ती कराया जहां ऑपरेशन से डिलीवरी हुई। डिलीवरी लेट होने की बजह से बच्चे के मुँह में गंदगी भर जाने से बच्चा वेंटिलेटर पर है। जिसका खर्च प्रतिदिन 7 हजार आ रहा है गरीब मनमोहन बहुत दुखी है उसका कोई सुनने बाला नही है।


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