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    श्रावस्ती। जिले में धूमधाम से मनायी गई स्वतंत्रता सेनानी मंगल पाण्डेय की जयन्ती।

    • जिले के परिषदीय विद्यालयों, इण्टर कालेजों, महाविद्यालयों, एन0सी0सी0, एन0एस0एस0 कैडर एवं नेहरू युवा केन्द्र के माध्यम से निकाली गई प्रभात फेरी
    • साहस व दृढ़ संकल्प के पर्याय है महान क्रान्तिकारी मंगल पाण्डेय-जिलाधिकारी
    • 1857 की क्रान्ति में मंगल पाण्डेय का है अमूल्य योगदान-मुख्य विकास अधिकारी

    सर्वजीत सिंह\श्रावस्ती। शासन के मंशानुसार ’’आजादी के अमृत महोत्सव’’ कार्यक्रम के अन्तर्गत जिले में महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी मंगल पाण्डेय की जयन्ती धूमधाम से मनायी गई। जिला स्तर पर आयोजित मुख्य कार्यक्रम जूनियर हाईस्कूल भिनगा में सम्पन्न हुआ। जिलाधिकारी नेहा प्रकाश, मुख्य विकास अधिकारी अनुभव सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमिता सिंह, अग्रणी बैंक प्रबन्धक जितेन्द्रनाथ श्रीवास्तव, खण्ड शिक्षा अधिकारी अमित कुमार, अध्यापक/अध्यापिकाएं एवं छात्र-छात्राओं ने महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी मंगल पाण्डेय के चित्र पर माल्यार्पण, पुष्प वर्षा एवं द्वीप प्रज्वलन कर उन्हें नमन किया।  इसके अतिरिक्त जनपद के सभी परिषदीय विद्यालयों, एन0सी0सी0, एन0एस0एस0 कैडर एवं नेहरू युवा केन्द्र के माध्यम से प्रभात फेरी, 1857 की क्रान्ति से सम्बन्धित स्वतंत्रता सेनानियों पर वाद-विवाद, कहानी आदि प्रतियोगिता भी आयोजित की गई।

    जिला स्तर पर आयोजित कार्यक्रम में जिलाधिकारी ने अपने सम्बोधन में कहा कि महान क्रान्तिकारी मंगल पाण्डेय साहस व दृढ़ संकल्प के पर्याय हैं। जिन्होंने 1857 में भारत के प्रथम स्वाधीनता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वे ईस्ट इंडिया कंपनी की 34वीं बंगाल इंफेन्ट्री के सिपाही थे। 1857 विद्रोह का प्रारम्भ एक बंदूक की वजह से हुआ। बंदूक भरने के लिये कारतूस को दांतों से काटकर खोलना पड़ता था। कारतूस के बाहरी आवरण में चर्बी होती थी। सिपाहियों के बीच अफ़वाह फ़ैल चुकी थी कि कारतूस में लगी हुई चर्बी सुअर और गाय के मांस से बनायी जाती है, जो कि 1857 की क्रान्ति का एक बड़ा कारण बनी। उन्होंने इतिहास के बेहद कठिन समय में देशभक्ति की चिंगारी जलाई थी। जिससे लोगों में आजादी के प्रति जागरूकता फैली और परिणामस्वरूप आज हम सब ’’आजादी का अमृत महोत्सव’’ मना रहे है। देश को आजादी दिलाने में महान क्रान्तिकारी मंगल पाण्डेय का बहुत बड़ा योगदान रहा है। इसके लिए देश हमेशा महान क्रान्तिकारी का ऋणी रहेगा। और उन्हें नमन भी करता रहेगा। 

    इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि मंगल पाण्डेय एक महान स्वतंत्रता सेनानी थे। 1857 की क्रान्ति में उनका अमूल्य योगदान रहा है। देश को आजाद कराने के लिए क्रान्तिकारी मंगल पाण्डेय ने ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ बगावत की। उन्होंने ईस्ट इंडिया कंपनी के खिलाफ क्रांति की शुरुआत की थी और 29 मार्च 1857 को बैरकपुर में अंग्रेजों पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया था। वह पहले ईस्ट इंडिया कंपनी में एक सैनिक के तौर पर भर्ती हुए थे लेकिन ब्रिटिश अफसरों की भारतीयों के प्रति क्रूरता को देखकर उन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ विद्रोह कर दिया।


    इसी क्रम में नेहरू युवा केंद्र, श्रावस्ती द्वारा जिला युवा अधिकारी कोमल की अगुवाई में मंगल पांडे जयंती के उपलक्ष्य में जनपद के सभी ग्रामों में प्रभात फेरी का आयोजन कराया गया। वहीं जिला युवा कल्याण अधिकारी कृष्ण स्वरूप मिश्रा की अगुवाई में पी0आर0डी0 के जवानों द्वारा प्रभात फेरी निकाली गई। तपसी इन्टर कालेज सेमरहना में अमर शहीद मंगल पाण्डेय जी की जयन्ती के अवसर पर एस0एस0बी0 कमांडर डगमरा की उपस्थिति जयन्ती मनायी गई। इसके अलावा जिले के सभी परिषदीय विद्यालयों, एन0सी0सी0, एन0एस0एस0 एवं नेहरू युवा केन्द्र के माध्यम से प्रभात फेरी, 1857 की क्रान्ति से सम्बन्धित स्वतंत्रता सेनानियों पर वाद-विवाद, कहानी आदि प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। जिसमें अधिकारियों/कर्मचारियों, अध्यापक/अध्यापिकाओं एवं स्कूली बच्चों ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम का संचालन जिला समन्वयक अजीत उपाध्याय ने किया। इस अवसर पर जिला सूचना अधिकारी शिवनाथ, प्रचार सहायक सुनील प्रियदर्शी, विद्यालय के अध्यापक/अध्यापिकाएं एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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