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    बोधगया\बिहार। संपूर्ण भारत वर्ष में स्वतंत्रता के 75वें वर्ष के उपलक्ष्य में मनाया जा रहा है आजादी का अमृत महोत्सव महाबोधि सांस्कृतिक केंद्र बोधगया मे।

    प्रमोद कुमार यादव

    बोधगया\बिहार। संपूर्ण भारत वर्ष में स्वतंत्रता के 75 वर्ष के उपलक्ष में आजादी का अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है इसी कड़ी में विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार एवं नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय, भारत सरकार के द्वारा बिहार सरकार के सहयोग से ज्ञान एवं मोक्ष की पावन भूमि गया जिले में बिजली महोत्सव का आयोजन किया, कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथि गण के द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया साथ ही अतिथि गण का स्वागत पर्यावरण संतुलन के संदेश के साथ पौधा देखकर किया गया । 

    केंद्र और राज्य के सहयोग से  विद्युत क्षेत्र में हुए विभिन्न उपलब्धियों को मनाने के लिए बिजली महोत्सव को एक मंच के रूप में इस्तेमाल किया गया। इस दौरान विशेष तौर पर केंद्र सरकार की ओर से बिजली क्षेत्र में हासिल किए गए प्रमुख उपलब्धियों पर प्रकाश डाला गया। 


    जिसमें कुछ उल्लेखनीय उपलब्धियां (Highlights) निम्न प्रकार है। 

    • बिजली उत्पादन क्षमता 2014 में 2,48,554 मेगावाट से बढ़कर आज 4,00,000 मेगावाट हो गई है, जो हमारी मांग से 1,85,000 मेगावाट ज्यादा है। 
    • भारत अब अपने पड़ोसी देशों को बिजली निर्यात कर रहा है। 
    • पूरे देश को एक ग्रिड में जोड़ने के लिए 1,63,000 सीकेएम ट्रासमिशन लाइनें जोड़ी गईं, जो एक फ्रीक्वेंसी से संचालित हो रही है. लद्दाख से कन्याकुमारी तक और कच्छ से म्यांमार तक यह दुनिया के सबसे बड़े एकीकृत ग्रिड के रूप में उभरा है। 
    • इस ग्रिड का इस्तेमाल करके हम देश के एक कोने से 1,12,000 मेगावाट बिजली पहुंचा सकते हैं। 
    • हमने COP-21 में वचन दिया था कि 2030 तक अक्षय ऊर्जा स्रोतों से हमारी उत्पादन क्षमता का 40 फीसदी पहुंच जाएगा. हमने यह लक्ष्य शेड्यूल से 9 साल पहले नवंबर 2021 में ही हासिल कर लिया है। 
    • आज हम अक्षय ऊर्जा स्रोतों से 1,63,000 मेगावाट से भी अधिक बिजली पैदा करते हैं। 
    • हम दुनिया में अक्षय ऊर्जा क्षमता तेज गति से स्थापित कर रहे हैं। 
    • 2,01,722 करोड़ रुपये के कुल लागत के साथ हमने विद्युत वितरण व्यवस्था को सुदृढ़ किया है. पिछले पांच वर्षों में बिजली के आधारभूत संरचना के तहत कई कार्यों को पूरा किया गया है। इनमें 2,921 नए सब-स्टेशन बनाना, 3,926 सब-स्टेशन का विस्तार, 6,04,465 सीकेएम एलटी लाइन स्थापित करना, 2,68,838 11 केवी एचटी लाइनें स्थापित करना, 1,22,123 सीकेएम कृषि फीडरों का फीडर पृथक्करण और स्थापना आदि शामिल है। 
    • 015 में ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति की उपलब्धता औसतन 12.5 घंटे था, जो अब बढ़ कर औसतन 22.5 घंटे तक हो गया है.

    सरकार द्वारा बिजली उपभोक्ताओं के अधिकार के तहत नियम, 2020  पेश किया गया,इसके तहत;

    1. नए बिजली कनेक्शन प्राप्त करने की अधिकतम समय-सीमा अधिसूचित की गई है। 
    2. उपभोक्ता अब रूफ टॉप सोलर को अपना सकते हैं। 
    3. समय पर बिलिंग सुनिश्चित की जाएगी। 
    4. मीटर संबंधी शिकायतों को दूर करने के लिए समय-सीमा अधिसूचित किया गया। 
    5. राज्य नियामक प्राधिकरण अन्य सेवाओं के लिए समयसीमा अधिसूचित करेगा। 
    6. उपभोक्ताओं की शिकायतों का निवारण करने के लिए DISCOMs द्वारा 24X7 कॉल सेंटर स्थापित किया जाएगा। 

    • वर्ष 2018 में सिर्फ 987 दिनों में गांव (18,374) में 100 फीसदी विद्युतीकरण  हासिल किया। 
    • 18 महीनों में 100 फीसदी घरेलू विद्युतीकरण (2.86 करोड़) लक्ष्य हासिल किया. जिसे दुनिया का सबसे बड़ा विद्युतीकरण अभियान माना गया। 
    • सौर पंपों को अपनाने के लिए शुरू की गई योजना जिसके तहत– केंद्र सरकार 30 फीसदी सब्सिडी देगी और राज्य सरकार 30 फीसदी सब्सिडी देगी. इसके अलावा, 30 फीसदी ऋण सुविधा उपलब्ध होगी.

    इस दौरान SBPDCL द्वारा गया जिले में की गई कार्यों की भी जानकारी दी गई, जिनमें मुख्यतः निम्नलिखत हैं:

    • DDUGJY के अंतर्गत 18 अदद 33/11KV विद्युत शक्ति उपकेंद्र का निर्माण। 
    • 2685 गाँवो का पूर्णतः विद्युतीकरण,
    • 1,36,530 इच्छुक बी पी एल उपभोक्ता तथा 7844 आवेदकों को कृषि विद्युत संबंध निःशुल्क उपलब्ध कराना तथा 55 अदद 11 KV  कृषि फीडर का निर्माण,
    • 833 km  11 KV जर्जर तार एवम 1625km LT  तार का बदलाव एवम बचे हुए चिन्हित जर्जर तारों को भी अगले दो महिनों में पूरा करने का लक्ष्य , इत्यादि

    उपरोक्त कार्यो के कारण गया जिले के बिजली की उपलब्धता में अदभुत सुधार आया है।

    पूरे देश में मनाया जा रहा यह महोत्सव उज्ज्वल भारत - उज्ज्वल भविष्य, पावर @ 2047 के तहत पूरे देश में बिजली महोत्सव के तौर पर मनाया जा रहा है. इसका उद्देश्य बिजली क्षेत्र में बड़े पैमाने पर सार्वजनिक जनभागीदारी और विकास में ज़मीन से जुड़े लोगों को इसमें सम्मिलित होना सुनिश्चित करना है.इस अवसर पर कई गणमान्य व्यक्तियों ने जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में माननीय सभापति बिहार विधान परिषद अवधेश नारायण सिंह , विशिष्ट अतिथि के रूप में माननीय विधायक गुरुआ विनय यादव तथा माननीय विधायिका बाराचट्टी ज्योति देवी, अध्यक्ष महोदया जिला परिषद नैना देवी,भारतीय रेल बिजली कंपनी लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रवि प्रकाश, अपर समाहर्ता(लोक शिकायत निवारण)नरेंद्र झा,वरीय उप- समाहर्ता  अमृता ओशो, वरीय उप समाहर्ता अमित पटेल, एन डीसी अभिषेक कुमार ने शोभा बढ़ाई। इस प्रदर्शनी में शिरकत करने के लिए बोधगया के बौद्ध भिक्षु गण तथा आसपास के स्थानीय निवासी गण एवं स्कूली बच्चे उपस्थित रहे । इस दौरान गणमान्य व्यक्तियों ने भी बिजली के क्षेत्र में हो रहे विकास से हो रहे लाभों पर प्रकाश डाला और पिछले कुछ वर्षों में बिजली क्षेत्र के अभूतपूर्व वृद्धि पर अपनी राय खुल कर रखी.यह देखना सुखद रहा  कि कार्यक्रम के दौरान कई लाभार्थियों ने अपने व्यवहारिक अनुभव आदि साझा किए। 

    आगंतुकों और मेहमानों के साथ जुड़ने के लिए, विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम, नुक्कड़ नाटक और विद्युत क्षेत्र पर  बनी लघु फिल्मों की स्क्रीनिंग आदि का आयोजन किया गया. भारी भीड़ को देखते हुए यह सुनिश्चित किया गया कि सभी सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क पहनने जैसे कोविड सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन जरूर करें. इसके साथ ही, इस दौरान सभी उपस्थित लोगों को मास्क आदि भी वितरित किए गए।

    एनटीपीसी के उप महाप्रबंधक महोदय ऊर्जा मंत्रालय, भारत सरकार के द्वारा नामित जिला नोडल पदाधिकारी श्री के०के०राय ने अपने संबोधन के दौरान कहा कि उज्जवल भारत- उज्जवल भविष्य, ऊर्जा @2047 कार्यक्रम का आयोजन जिलाधिकारी डॉ० त्यागराजन एस०एम० के कुशल दिशा निर्देश में किया जा रहा है साथ ही यह जानकारी दी कि गया जिले  का चयन प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना (सौभाग्य) श्रेणी के अंतर्गत लोक प्रशासन में उत्कृष्टता के लिए प्रधानमंत्री पुरस्कार, 2019  के लिए हुआ है।  उन्होंने बताया कि एक समय था जब विकास और पर्यावरण को परस्पर विरोधी माना जाता था लेकिन माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शिता ने यह दिखाया कि विकास और पर्यावरण एक दूसरे के विरोधी नहीं अपितु सहयोगी तथा इसी को ध्यान में रखकर ऊर्जा के क्षेत्र में नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा की भूमिका को विस्तार दिया तथा इसी को ध्यान में रखते हुए हमने COP- 2021 में वचन दिया था कि 2030 तक अक्षय ऊर्जा स्रोतों से हमारी उत्पादन क्षमता का 40 फ़ीसदी पहुंच जाएगा हमने यह लक्ष्य शेड्यूल से 9 साल पहले नवंबर 2021 में ही हासिल कर लिया है। आज हम अक्षय ऊर्जा से 1,63,000 मेगावाट बिजली पैदा करते हैं । पिछले 8 वर्षों में भारत सरकार ने अपने अथक प्रयास से ऊर्जा के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण गाथाएं गढ़ी हैं और यह सब संभव हुआ फोर डाइमेंशनल एप्रोच से - उत्पादन, संचरण, वितरण एवं कनेक्शन।

    इस अवसर पर किलकारी गया के बच्चों के द्वारा नृत्य कजरी की प्रस्तुति की गई साथ ही विभिन्न कलाकारों के द्वारा ग्रामीण विद्युतीकरण इत्यादि विषय पर नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति दी गई। धन्यवाद ज्ञापन अपर समाहर्ता लोक शिकायत निवारण नरेश झा ने किया तथा कार्यक्रम में उत्कृष्ट उद्घोषणा शिवेंद्र कुमार मालवीय ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में अधीक्षण अभियंता इंद्र भूषण कश्यप, विद्युत कार्यपालक अभियंता शहरी क्षेत्र दीपक कुमार, विद्युत कार्यपालक अभियंता गया ग्रामीण राकेश कुमार निराला, उप प्रबंधक एनटीपीसी  गौरव ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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