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    बाराबंकी। उज्ज्वल भारत-उज्ज्वल भविष्य पॉवर 2043 थीम पर हुआ बिजली महोत्सव।

    ..........  मोदी योगी की सरकार में बढ़ी विद्युत आपूर्ति-सांसद

    बाराबंकी। विकास खण्ड देवां क्षेत्र के ग्राम कुसुम्भा में आजादी का अमृत महोत्सव के अंतर्गत पॉवर ग्रिड बिजली विभाग द्वारा उज्ज्वल भारत उज्ज्वल भविष्य पावर 2043 की थीम पर बिजली महोत्सव का आयोजन किया गया। जिसमे मुख्य अतिथि के रुप सांसद उपेन्द्र सिंह रावत ने महोत्सव सभा को सम्बोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री योगी के द्वारा बिजली क्षेत्र में की गई बिजली क्रांति और सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देकर जन संवाद किया। उन्होंने कहा कि आज से आठ साल पहले ग्रामीण क्षेत्रों में आठ घंटे भी बिजली नसीब नही होती थी। मोदी और योगी की सरकार ने ऐसा कार्य किया है जो आज ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे व शहरी क्षेत्र में 24 घंटे बिजली मिल रही है। यह मोदी सरकार की नीति का परिणाम है कि वही अधिकारी, वही विभाग और वही मशीनरी जो हर नागरिक को बिजली दे रही है। इस दौरान विशेष तौर पर केंद्र सरकार की ओर से बिजली क्षेत्र में हासिल किए गए प्रमुख उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। जिसमें कुछ उल्लेखनीय उपलब्धियां निम्न प्रकार है।

    बिजली उत्पादन क्षमता 2014 में 2,48,554 मेगावाट से बढ़कर आज 4,00,000 मेगावाट हो गई है, जो हमारी मांग से 1,85,000 मेगावाट ज्यादा है। भारत अब अपने पड़ोसी देशों को बिजली निर्यात कर रहा है। पूरे देश को एक ग्रिड में जोड़ने के लिए 1,63,000 सर्किट किलोमीटर ट्रासमिशन लाइनें जोड़ी गईं, जो एक फ्रीक्वेंसी से संचालित हो रही है। लद्दाख से कन्याकुमारी तक और कच्छ से म्यांमार तक यह दुनिया के सबसे बड़े एकीकृत ग्रिड के रूप में उभरा है। इस ग्रिड का इस्तेमाल करके हम देश के एक कोने से 1,12,000 मेगावाट बिजली पहुंचा सकते हैं।

    हमने कॉन्फ्रेंस ऑफ पार्टीज (कोप-21) में वचन दिया था कि 2030 तक अक्षय ऊर्जा स्रोतों से हमारी उत्पादन क्षमता का 40 फीसदी पहुंच जाएगा। हमने यह लक्ष्य निर्धारित लक्ष्य से नौ साल पहले नवंबर 2021 में ही हासिल कर लिया है। आज हम अक्षय ऊर्जा स्रोतों से 1,63,000 मेगावाट से भी अधिक बिजली पैदा करते हैं। हम दुनिया में अक्षय ऊर्जा क्षमता तेज गति से स्थापित कर रहे हैं।

    2,01,722 करोड़ रुपये के कुल लागत के साथ हमने विद्युत वितरण व्यवस्था को सुदृढ़ किया है। पिछले पांच वर्षों में बिजली के आधारभूत संरचना के तहत कई कार्यों को पूरा किया गया है। इनमें 2,921 नए उपकेन्द्र बनाना, 3,926 उपकेन्द्र का विस्तार, 6,04,465 सर्किट किलोमीटर एलटी लाइन स्थापित करना, 2,68,838 सर्किट किमी 11 केवी हाई टेंशन लाइनें स्थापित करना। 1,22,123 सर्किट किलोमीटर कृषि फीडरों का फीडर का पृथक्करण और स्थापना आदि शामिल है। 2015 में ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति की उपलब्धता औसतन 12.5 घंटे था, जो अब बढ़ कर औसतन 22.5 घंटे तक हो गया है।

    • सरकार द्वारा बिजली उपभोक्ताओं के अधिकार के तहत नियम, 2020 पेश किया गया।

    इसके तहत नए बिजली कनेक्शन प्राप्त करने की अधिकतम समय-सीमा अधिसूचित की गई है। उपभोक्ता अब रूफ टॉप सोलर को अपना सकते हैं। समय पर बिलिंग सुनिश्चित की जाएगी। मीटर संबंधी शिकायतों को दूर करने के लिए समय-सीमा अधिसूचित किया गया। राज्य नियामक प्राधिकरण अन्य सेवाओं के लिए समय सीमा अधिसूचित करेगा। उपभोक्ताओं की शिकायतों का निवारण करने के लिए डिस्कॉम द्वारा 24X7 कॉल सेंटर स्थापित किया जाएगा।

    • वर्ष 2018 में सिर्फ 987 दिनों में गांव (18,374) में 100 फीसदी विद्युतीकरण  हासिल किया।

    18 महीनों में 100 फीसदी घरेलू विद्युतीकरण (2.86 करोड़) लक्ष्य हासिल किया। जिसे दुनिया का सबसे बड़ा विद्युतीकरण अभियान माना गया। सौर पंपों को अपनाने के लिए शुरू की गई योजना जिसके तहत, केंद्र सरकार 30 फीसदी अनुदान देगी और राज्य सरकार 30 फीसदी अनुदान देगी। इसके अलावा, 30 फीसदी ऋण सुविधा उपलब्ध होगी।

    इस अवसर पर विधान परिषद के सदस्य श्रीअंगद कुमार सिंह, जिला महामंत्री संदीप गुप्ता, जिला मंत्री करुणेश वर्मा, मंडल अध्यक्ष अशोक सिंह चौहान, पारख महासंघ के जिलाध्यक्ष सुशील रावत, पी ओ नेडा, टीका राम, पिंटू कुमार ग्राम प्रधान संत कुमार, अभिषेक वर्मा, पावरग्रिड के वरिष्ठ महाप्रबंधक डी. कुशवाहा, महाप्रबंधक पंकज कुमार, कार्यक्रम के जिला नोडल अधिकारी मनीष कुमार, प्रबंधक पावरग्रिड, मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के अधिशासी अभियंता श्री अंशुमान यादव, उपखंड अधिकारी दिनेश कुमार, अमितेश्वर गोस्वामी, रमाशंकर, व विद्युत विभाग के आदेश शर्मा, संतोष कुमार, चंद्र शेखर आजाद, अवधेश सिंह, सुधीर सिंह तथा सैकड़ो ग्रामवासी उपस्थित रहे। इस दौरान गणमान्य व्यक्तियों ने भी बिजली से क्षेत्र में विकास से हो रहे लाभों पर प्रकाश डाला और पिछले कुछ वर्षों में बिजली क्षेत्र के अभूतपूर्व वृद्धि पर अपनी राय खुल कर रखी। कार्यक्रम के दौरान सौभाग्य योजना के बहुत से लाभार्थियों को सम्मानित करने के साथ प्रशस्ति पत्र दिए गए।

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