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    शाहजहांपुर। प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगाने से पूर्व इसके व्यवहारिक पहलुओं पर भी विचार करना होगा। डॉ0 अनुराग अग्रवाल

    फै़याज़ उद्दीन\शाहजहांपुर। शुकदेवानंद महाविद्यालय के रसायन विज्ञान विभाग की ओर से सिंगल यूज प्लास्टिक के एकत्रीकरण, पुनर्चक्रण एवं प्रतिबंध की थीम पर विविध कार्यक्रम आयोजित कराया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ अनुराग अग्रवाल ने कहा कि प्लास्टिक के गंभीर नुकसान को देखते हुए इसके खिलाफ जन जागरूकता का काम विगत कई वर्षों से हो रहा है पर प्लास्टिक के विकल्प को तैयार करने की दिशा में बहुत अधिक कार्य नहीं हुआ है। 

    इसलिए तुरंत इस पर प्रतिबंध लगाने से पूर्व इसके व्यवहारिक पहलुओं पर भी विचार करना होगा। कार्यक्रम के संयोजक डॉ आलोक कुमार सिंह ने कहा कि सिंगल यूज प्लास्टिक उन्हें कहा जाता है जिनका पुनर्चक्रण नही किया जा सकता । प्लास्टिक के शॉपिंग बैग, प्लास्टिक के कांटे और चाकू, प्लास्टिक कॉफी कप के ढक्कन, प्लास्टिक के तिनके, प्लास्टिक की पानी की बोतलें, प्लास्टिक ले-आउट कंटेनर, सिगरेट बट्स, फूड रैपर, प्लास्टिक किराना बैग, प्लास्टिक के ढक्कन, फोम , प्लास्टिक स्ट्रॉ और स्टिरर जो सैकड़ों वर्षों तक बिना विघटित हुए घातक रसायन छोड़ती रहती है जिससे कैंसर और डायबिटीज जैसे बीमारियों की बाढ़ सी आ गई है।

    इस अवसर पर डा शिशिर शुक्ला और डा संदीप अवस्थी के निर्देशन में विद्यार्थियों ने एक जागरूकता रैली निकाली जिसमे डा प्रभात शुक्ला ने उपस्थित शिक्षकों और विधार्थियो को सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग नही करने की शपथ दिलाई।

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