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    खैराबाद\सीतापुर। पीर और मुरीद का गहरा रिश्ता होता है जिस तरह पीर से मोहब्बत करना फ़र्ज़ है उसी तरह अपने मुल्क से मोहब्बत करना भी फ़र्ज़ है:-फुरक़ान मियां

    शरद कपूर 

    खैराबाद\सीतापुर। स्थानीय दरगाह हाफ़िज़िया अस्लमिया में चल रहे पांच दिवसीय 177वें उर्स के दूसरे दिन प्रातःकाल क़ुरआन ख्वानी हुई तथा 2बजे से महफिले समा प्रारम्भ हुई  और सांय 7 बजे हाफिज मोहम्मद अली शाह का कुल हुआ इसके पश्चात रात में हाफ़िज़ मोहम्मद हसन मियां अलैहिर्रहमा मजज़ुब मियां का संदल चढ़ाया गया तथा तीसरे दिन दोपहर में हाफिज़ी हाल में एक जलसे का आयोजन सय्यद गयास मियां की संरक्षकता में  किया गया जिसकी अध्यक्षता सज्जादानशीन हाजी सैय्यद फुरक़ान मियां हाशमी ने किया। 

    इस अवसर पर हाफिज़ी मदरसे में पढ़ने वाले  बच्चों ने नात शरीफ़ व तिलावत क़ुरआन पाक किया इसके बाद सज्जादानशीन हाजी सैय्यद फुरक़ान मियां ने सम्बोधित करते हुए कहा कि हम सबको अपने बुजुर्गों की तालीमात यानी उनकी  शिक्षा पर पूरी तरह अमल करना चाहिए केवल उर्स में आ जाने और क़व्वाली सुन लेने से काम चलने वाला नहीं है हमे नमाज़ की पाबन्दी आवश्यक रूप से करनी होगीअपने चरित्र को और अपने आचरण को सही करना होगा तभी हम एक अच्छे इंसान बन पाएंगे और जब इंसान बन जाएंगे तो सारे काम सही हो जाएंगे।श्री हाशमी ने यह भी कहा कि पीर और मुरीद का बहुत गहरा रिश्ता और सम्बन्ध होता है इस लिए मुरीद को सदैव ऐसा काम करना चाहिए कि उसके पीर का नाम बदनाम न होने पाए उसे नमाज़ की पाबन्दी करनी होगी अपने माता पिता का आदर सम्मान करना होगा अपने मुल्क देश से मोहब्बत करनी चाहिए अच्छे नागरिक होने फ़र्ज़ निभाना होगा। 

    कार्यक्रम का सफल संचालन क़ारी फय्याज ने किया।कुल शरीफ़ के समय उपस्थित सज्जादानशीन में दरगाह आलिया सादिया शाह विलायत हज़रत मख़दूम शेख सादुद्दीन अलमारूफ़ बड़े मखदूम साहब के नजमुल हसन शोएब मियां,छोटे मख़दूम साहब के सैय्यद अज़ीज़ुल हसन रिज़वी मदनी मियां, उर्स के संरक्षक मजा शाह क़लन्दर अलैहिर्रहमा लहरपुर के सैय्यद गयास मियां ,हैदराबाद से दरगाह हज़रत सरदार बेग अलैहिर्रहमा के ज़ुबैर नवाब, एजाज़ हसन खान एडवोकेट,फफूंद शरीफ के मौलाना सय्यद अख्तर मियां चिश्ती,मौलाना अज़हर मिया,ग़ज़ाली मियां,हैदराबाद के अन्य सज्जादानशीन पीर जादगान,पल्ली मियां,हमीद अहमद अहमद,खुर्शीद अहमद,इलियास अहमद बुलंदशहर, सलमी मियां,फरजान मियां,फरहानमियां, फरमान मियां चिश्ती,क़ारी इसलाम अहमद आरफ़ी,हाफिज आरिफ,हाफिज सलमान,हाफिज नईम, इमरान सिद्दीकी,मोइन सीतापुरी, सलीम खान ,अवसाफ़, अंसार,लईक अहमद किरमानी,गुड्डू, अकील खान,क़ारी फैयाज,मतवल्ली दरगाह सैय्यद इरफ़ान वहीद हाशमी,दानियाल आरफी,सिराजुल हसन आदि मौजूद थे। सैय्यद फरमान मियां चिश्ती ने सभी का स्वागत किया।

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