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    पलवल। होडल प्रदेश अध्यक्ष उदयभान।

    ऋषि भारद्वाज/पलवल। होडल में आज अपने निवास स्थान पर कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष उदय भान ने बिजली को लेकर प्रदेश की भाजपा सरकार और अडानी बिजली सप्लाई के बीच जी समझोता हुआ है उसको लेकर कहा की प्रदेश की भाजपा सरकार अडानी के सामने घुटने टेक दिए हैं यानी नवमस्तक हो गई है। 2008 में अडानी बिजली सप्लाई के बीच 25 वर्षों के लिए समझोता हुआ था लेकिन बीच ही अडानी ने आंख दिखाई तो प्रदेश की  सरकार ने घुटने टेक दिए हैं। लेकिन उसके बाद भी प्रदेश की जनता को बिजली के कटों से राहत नहीं मिलेगी।

    होडल में अपने निवास स्थान पर कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष उदयभान ने कहा की जो 27 जून को प्रदेश की भाजपा सरकार और अडानी बिजली सप्लाई के बीच समझोता हुआ है यह प्रदेश की जनता के साथ सरकार कुठारा घात कर रही है। उदयभान ने कहा की 2008 में कांग्रेस सरकार के शासन काल में कांग्रेस सरकार और अडानी बिजली सप्लाई के बीच समझौता हुआ था कि 25 साल तक 2 रूपर  94 पैसे प्रति यूनिट के हिसाब से प्रदेश की जनता को बिजली सप्लाई देनी होगी लेकिन भाजपा सरकार के शासनकाल में अडानी बिजली सप्लाई ने सरकार को 2021 में आंखे दिखानी शुरू कर दी और बिजली की सप्लाई पर  रोक लगा दी ।  जिससे प्रदेश में हाहाकार मच गया और भाजपा सरकार ने आंगन आंगन में 12 रुपए से लेकर 14 रुपए  प्रति यूनिट के हिसाब से बिजली खरीदी जबकि सरकार को अडानी बिजली सप्लाई को दंडित करना था और उसको  कटघरे में खड़ा करना था । क्योंकि जब 25 साल तक के लिए अडानी सप्लाई से समझौता हुआ है तो उसने बीच में ही सप्लाई किस वजह से रोक दी इस बारे में सरकार को जवाब मांगना था और कटघरे में खड़ा करना था और उसको दंडित करना भी था।  लेकिन सरकार ने अडानी सप्लाई के सामने अपने घुटने टेक दिए आत्मसमर्पण कर दिया और दोबारा से फिर से समझौता हुआ है । अडानी ने समझौते  सरकार ने किस वजह से तोड़ा किस वजह से उसको पूरा क्यों नहीं किया जबकि सभी समझौते  2008 में लिखित रूप में किया था । उदय भान ने कहा कि जनता के साथ सरकार ने कुठाराघात किया है और जहां 1424 मेगावाट  बिजली 2 रुपर 94 पैसे के हिसाब से देनी थी तो अब सरकार ने 224 मेगावाट बिजली के लिए हटाने के सामने आत्मसमर्पण कर दिया और 12 सौ मेगावाट बिजली पर अपने हस्ताक्षर कर दिए हैं।  अब सरकार 224 मेगावाट बिजली कहां से खरीदेगी किस रेट में खरीदेगी इसका जवाब जनता को देना चाहिए और सरकार को मंत्रिमंडल में देना चाहिए, विधानसभा में देना चाहिए । लेकिन सरकार इस बारे में कुछ नहीं बोल रही है उदय भान ने कहा कि इस तरह से प्रदेश की जनता पर 50 करोड़ रुपए हर महीने अतिरिक्त भार पड़ेगा जिससे जनता दुखी होगी और प्रदेश फिर से कर्ज मान होगा। उन्होंने कहा कि जो बिजली की सप्लाई रोकी और बीच में जो सरकार ने मंहगे दामों में सरकार ने बिजली खरीदी इसका दोषी कौन है इसका सीधा दोषी अडानी बिजली सप्लाई विभाग है । उसको सरकार द्वारा दंडित करना चाहिए था लेकिन सरकार पूरी तरह से नव मस्तक हो चुकी है। उदय भान ने कहा कि आज जिस तरह से प्रदेश में 8 से 10 घंटे के कट लगाए जा रहे हैं जनता को सरकार बिजली नहीं दे पा रही है चारों तरफ बिजली ने मिलने की वजह से त्राहि-त्राहि मची हुई है। नहीं तो लोगों को पीने के लिए पानी मिल रहा है और ने किसानों को सिंचाई के लिए पानी मिल रहा है क्योंकि कट इतने  चल रहे हैं की जनता पूरी तरह से परेशान है। उन्होंने कहा कि इस समझौते से नहीं लगता प्रदेश की जनता को भरपूर बिजली मिलेगी उदय भान ने कहा कि जनता को इसी तरह से कट झेलने पड़ेंगे अतिरिक्त कर भी झेलना पड़ेगा और सरकार जो भी कर लगाएगी उसका बोझ भी जनता पर ही पड़ेगा। लेकिन उसके बाद भी सरकार जनता को पूरी तरह से बिजली नहीं दे पाएगी ।क्योंकि जिस तरह से अदानी सप्लाई विभाग ने बीच में समझौता तोड़कर दोबारा से समझौता किया है तो इस तरह से अडानी  कुछ दिन के बाद फिर इसी तरह से सरकार को आंख दिखाएगा और समझौते को फिर से करेगा। फिर से रेट को बढ़ाएं जिससे जनता पर लगातार बोझ बढ़ता रहेगा । उन्होंने कहा कि वे इसके लिए कांग्रेस पार्टी पूरी तरह से जनता के साथ है कांग्रेश पार्टी इस पर प्रदर्शन भी कर सकती है विरोध भी करेगी और कोर्ट का भी दरवाजा खटखटाएगी।

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