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    कासगंज। कैमरे के सामने निकल पड़े पीड़ितों के आंसू! साहब सब कुछ बर्बाद हो गया...

    कासगंज। पटियाली क्षेत्र के गांव नगला पटे में शनिवार को 40 परिवारों की झोपड़ियां जल गईं। चार सिलिंडरों में विस्फोट हो गया, जिससे आग की लपटें और भड़क गईं। बुर्जी,  बिटौरे सहित कुल 75 स्थानों पर आग लगी। अग्निकांड में ग्रामीण आशाराम की 11 साल की बच्ची अंजू की जलकर मौत हो, जबकि एक युवक झुलस गया।  दमकल की चार गाड़ियों ने बमुश्किल आग पर काबू पाया। आग की शुरुआत गांव के बाहरी हिस्से में बने ओमवीर की झोपड़ी से हुई। यहां किसी चिंगारी से आग लग गई। इसके बाद आग ने आसपास के सभी कच्चे पक्के मकानों को चपेट में लिया। गांव में तीन घंटे तक दहशत फैली गई। चीत्कार मचा रहा। आग में कई परिवारों का घर-गृहस्थी का सामान जलकर राख हो गया। जिलाधिकारी हर्षिता माथुर, एसपी रोहन प्रमोद बोत्रे ने मौके पर पहुंच कर घटना का जायजा लिया और पीड़ितों को मदद का भरोसा दिलाया। 

    गांव नगला पटे में हुए भीषण अग्निकांड के दौरान गैस सिलिंडर के विस्फोट से स्थिति बिगड़ गई। सिलिंडर फटने की तेज आवाजों से ग्रामीण दहशत में आ गए। पूरे गांव में तीन से चार घंटे अफरातफरी का माहौल बना रहा। ग्रामीण झोपड़ियों से भागकर जान ही बचा पाए, लेकिन अपना सामान नहीं बचा पाए। ग्रामीणों की घर गृहस्थी का सब सामान जलकर नष्ट हो गया।

    • साहब!.... सब कुछ तबाह हो गया ......
    दोपहर तीन बजे के बाद ओमवीर के घर से आग लगना शुरू हुई। छप्पर धू-धू कर जलने लगा। तेज हवाओं के कारण आग तेजी से फैली। ओमवीर के घर के पास में ही आशाराम का मकान था। देखते ही देखते आशाराम का पूरा मकान आग की लपटों से घिर गया और 11 वर्षीय अंजू आग में जल गई। इन मकानों में कुछ की दीवारें पक्की थीं तो कुछ मकान कच्चे थे। 

    • जब जिले की तीनों गाड़ियों से नहीं पा सके आग पर काबू तो बदायूं से मंगानी पड़ी दमकल की गाड़ी।

    करीब चार बजे दमकल कर्मियों को सूचना मिली। 20 मिनट बाद पटियाली से दमकल की पहली गाड़ी पहुंची और आग बुझाने का काम शुरू किया गया, लेकिन आग इतनी विकराल थी कि एक गाड़ी से नियंत्रण नहीं हो पा रहा था। ऐसी स्थिति में जिले की सभी तीन दमकल की गाड़ियां नगला पटे पहुंची और एक दमकल पड़ोसी जनपद बदायूं से बुलाई गई। चार घंटे की कवायद के बाद आग पर काबू पाया जा सका। 

    • गम में डूब गए ग्रामीण

    गांव में भीषण अग्निकांड के बाद ऐसा चीत्कार का मंजर बना कि पीड़ितों की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। मृतक बालिका अंजू के परिवार के लोग भी उसके शव को देखकर चीत्कार कर उठे। किसी भी पीड़ित के घर में कोई सामान नहीं बचा था। तिनका तिनका करके घर गृहस्थी बनाई थी, वह चंद मिनटों में आग की लपटों में राख हो गई। 

    • जिला प्रशासन ने की मदद की घोषणा, मृतक बच्ची के परिवार को चार लाख की आर्थिक सहायता।

    नगला पटे में हुए हादसे के बाद गांव में सिर्फ सिसकियां और चीत्कार ही सुनाई दे रहा है, इसी बीच कासगंज जिला प्रशासन ने अग्निकांड के  पीड़ितों के लिए मदद का एलान किया है। डीएम कार्यालय से जारी प्रेस नोट के अनुसार मृतक बच्ची के परिजनों को चार लाख रुपये आर्थिक मदद की घोषणा की गई है तो वहीं अग्निकांड में मौत के मुंह में समाए दुधारू पशुओं के मालिकों को तीस हजार व बिना दूध देने वाले मृत पशुओ के मालिकों को पंद्रह हजार रुपये आआर्थिक मदद का एलान किया गया है।

    अतुल यादव (रवि)

    Initiate News Agency (INA), कासगंज


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