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    कानपुर। जीएसटी का मतलब गम-समस्या-तनाव।

    इब्ने हसन ज़ैदी/कानपुर। जीएसटी के पांच साल होने पर जीएसटी को व्यापारियों के लिए (G)गम, (S)समस्या व (T)तनाव भरा बताते हुए सपा व्यापार सभा के बैनर तले सत्याग्रह किया और सरकार से विसंगतिपूर्ण जटिल जीएसटी को व्यापारियों के अनुरूप तैयार करके सरल बनाने की मांग रखी।सपा व्यापार सभा के प्रदेश महासचिव अभिमन्यु गुप्ता के नेतृत्व में व्यापारियों ने भाजपा सांसद सत्यदेव पचौरी को प्रधानमंत्री व वित्तमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन दिया।सांसद निवास के बाहर व्यापारियों ने बैनर लेकर जीएसटी को श्रद्धांजलि देते हुए जीएसटी के पांच साल व्यापारियों के हाल बेहाल के नारे लगाए।

    व्यापार सभा के प्रदेश महासचिव अभिमन्यु गुप्ता ने कहा की जीएसटी लागू हुए आज 5 वर्ष हो गए। देश को सरल व वन नेशन वन टैक्स का वादा करके मोदी जी ने रात को 12 बजे भव्य तरीके से सांसद में कार्यक्रम आयोजित करके जीएसटी की शुरुआत 1 जुलाई 2017 से की थी।पर पांच वर्षों में जीएसटी व्यापारियों के लिए गम,समस्या व तनाव का बहुत बड़ा कारण बन चुकी है। यही जीएसटी व्यापारियों की बर्बादी,अर्थव्यवस्था के डूबने,बेरोजगारी बढ़ाने,महंगाई बढ़ाने, चीन जैसे पाकिस्तान के मददगार देशों की तुलना में भारत को कमजोर होने,व्यापारियों द्वारा सबसे ज्यादा आत्महत्या करने,घर व जेवर गिरवी रखने,डॉलर को तुलना में रुपया रिकॉर्ड गिरने,व्यापारियों के पलायन, जीडीपी के गिरने आदि का मुख्य कारण बनी।साथ ही मांग की गई की वन नेशन वन टैक्स के वादे अनुसार पेट्रोल ,डीजल ,बिजली व गैस को भी जीएसटी में लाया जाए।पांच साल में जीएसटी से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए एक निष्पक्ष एजेंसी को जिम्मेदारी सौंपे ताकि जीएसटी से हुए नुकसान या फायदे का असली आकलन हो सके।सांसद सत्यदेव पचौरी ने ज्ञापन को प्रधानमंत्री व वित्तमंत्री तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।अभिमन्यु गुप्ता,शुभ गुप्ता,प्रदीप तिवारी,दीपू श्रीवास्तव,शेषनाथ यादव,आजाद खान,अमित चढ्ढा,गुड्डू यादव,विनय कुमार,मनोज चौरसिया, अजय गुप्ता,रितेश गुप्ता,राहुल अग्रवाल आदि थे।

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