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    श्रावस्ती। मौसम के बदले मिजाज ने बढ़ाया राप्ती का जलस्तर।

    ......... -खतरे के निशान को पार कर गई राप्ती, नदी के तट पर बसे गांवों पर मंडराने लगा बाढ़ का खतरा। 

    श्रावस्ती। जनपद में अचानक मौसम ने दस्तक दी और बदले मौसम में आसमान में काले बादल छा गए हल्की फुल्की बारिश शुरू होकर बन्द होकर मूसलाधार बारिश होती कि उससे पहले ही पहाड़ो पर हुई बारिश के चलते राप्ती का जलस्तर बढ़ने लगा है।   बुधवार को राप्ती नदी का जलस्तर 128.30 रिकार्ड किया गया राप्ती का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है लाल निशान 127.70 मीटर है जिससे तटवर्ती गांवों में बाढ़ को लेकर लोगों में बेचैनी बढ़ गयी है।वहीं बढ़ रहे जलस्तर को लेकर प्रसाशन भी सतर्क हो गया है और सभी बाढ़ चौकियों को सतर्क कर दिया गया है।

    पहाड़ो पर हो रही बरसात के चलते बुधवार सुबह से ही राप्ती लाल निशान को बढ़ने लगी थी बुधवार को सुबह 8 बजे राप्ती बैराज पर जलस्तर 127.60 रिकार्ड किया गया,वहीं सुबह 9 बजे तक 127.70 तक पहुँची जो कि खतरे के निशान के बराबर थी तराई और पहाड़ो पर हो रही झमाझम बारिश से जलस्तर में लगातार वृद्धि शुरू हो गयी जो 10 बजे तक नदी ने खतरे के निशान को पार कर लिया और 11 बजे तक 128.30 तक जलस्तर पहुँच गया जो कि खतरे के निशान से 60 सेंटीमीटर ऊपर था यह सिलसिला दोपहर 03 बजे तक जारी रहा राप्ती के जलस्तर के खतरे का निशान 127.70 माना गया है हालांकि दोपहर 03 बजे तक राप्ती के जलस्तर में कमी दर्ज की गई है जो शाम 04 बजे तक 128.20 पर पहुँच गया राप्ती के बढ़ते जलस्तर को देख नदी किनारे बसे सैकड़ो गांवो के लोगो की धड़कने तेज़ हो गयी है वहीं जिलाधिकारी नेहा प्रकाश ने बताया है कि राप्ती नदी का जलस्तर घट-बढ़ रहा है। राप्ती बैराज लक्ष्मनपुर में खतरे का निशान 127.70 सेंटीमीटर है।  बुधवार को राप्ती का जलस्तर 128.30 सेंटीमीटर पर पाया गया, जो कि खतरे के निशान से 60 सेंटीमीटर अधिक है। फिर भी नदी के घटते-बढ़ते जल स्तर पर निगरानी रखी जा रही है। 

    जिलाधिकारी ने सभी बाढ़ चौकी प्रभारियों एवं चौकी पर तैनात अधिकारियों व कर्मचारियों को सक्रिय रहने का निर्देश दिया है। इसके अलावा सभी नोडल अधिकारी एवं उपजिलाधिकारी भी अपने क्षेत्रों में निगरानी रखे जाने के निर्देश दिए है।जिलाधिकारी ने राहत एवं बचाव कार्य से जुड़े सभी सम्बंधित अधिकारियों व कर्मचारियों को दिया निर्देश कि सम्भावित बाढ़ के मद्देनजर राहत एवं बचाव कार्य के लिए सभी तैयारियां पूर्ण कर ली जाय। सम्भावित बाढ़ वाले गाँवो के निवासियों से सीधा संवाद रखा जाय। उन्होने यह भी बताया कि जनपद स्तर पर बाढ़ आपदा के बेहतर प्रबन्धन एवं सूचनाओं के त्वरित सम्प्रेषण हेतु बाढ़ कन्ट्रोल रूम की स्थापना की गई है। इस कन्ट्रोलरूम का दूरभाष नम्बर 8429321551 एवं 7395045570 है।

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