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    अयोध्या। एक सप्ताह बाद श्रद्धालुओं के लिए खुलेंगे राम नगरी के जगन्नाथ मंदिर के कपाट।

    .........रामजन्म भूमि मन्दिर परिसर से जुड़ा है जगन्नाथ मन्दिर

    ......... अधिक स्नान के कारण अस्वस्थ है प्रभु जगन्नाथ,एक सप्ताह तक औषधीय काढ़ा का लगेगा भोग प्रसाद-स्वामी राघवाचार्य जी महाराज

    अयोध्या। शास्त्रों की परंपरा के अनुसार आषाढ़ कृष्ण पक्ष एकादशी पर रामनगरी के सभी मठ मंदिरों में विशेष पूजन अर्चन किया जाता है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी पहुंचते हैं। लेकिन अयोध्या का एक ऐसा मंदिर है जहां पर पूजन के बाद श्रद्धालुओं के दर्शन पर प्रतिबंध लगा दिया जाता है और अब लगभग 1 सप्ताह के बाद ही इस मंदिर में भगवान श्रद्धालु व भक्तों को दर्शन देंगे हैं दरसल यह अनोखी परंपरा जगन्नाथ मंदिर से जुड़ी है।

    अयोध्या के राम जन्मभूमि परिसर से जुड़े जगन्नाथ मंदिर में भगवान जगन्नाथ का श्रृंगार कर आरती पूजन किया गया। और भोग भी लगाया गया उसके बाद के श्रद्धालुओं के लिए भगवान के गर्भगृह के कपाट बंद कर दिए गए। अब 1 सप्ताह के बाद भगवान इस मंदिर में भक्तों को दर्शन देंगे। इस परंपरा का धार्मिक महत्व है। महंत राघवाचार्य ने बताया कि जगन्नाथपुरी में जब भगवान विष्णु तालाब में स्नान करने गए इतना स्नान कितना बीमार हो गए और जब घर में आए तो लक्ष्मी जी नहीं थी वह भी रूठ कर अपने मायके चली गई थी। जिसके कारण से ठाकुर जी अस्वस्थ हो गए। जिसको लेकर आज योगिनी एकादशी से भगवान को विभिन्न प्रकार के औषधि युक्त काढा दिया जाता है। इस दौरान भगवान को आज से विश्राम करा दिया गया। अब अमावस्या तक भगवान का पूजन अर्चन और काढा दिए जाने का कार्य पुजारी के द्वारा किया जाएगा। और प्रतिपदा को भगवान स्वस्थ होते हैं तो उन्हें विधि विधान पूर्वक पूजन अर्चन के बाद खिचड़ी भोग लगाया जाएगा। लेकिन पहले इस दिन भगवान पुनः स्नान करने के लिए बाहर आएंगे और विधि विधान पूर्वक औषधियों से उनका अभिषेक किया जाएगा। उसके बाद भगवान का श्रृंगार होगा और फिर भोग लगाएं जाने के बाद श्रद्धालुओं को दर्शन देंगे।

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