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    शाहजहांपुर। एस एस कॉलेज में बाल श्रम निषेध दिवस के उपलक्ष्य में विभिन्न विभागों द्वारा आयोजित किए गए कार्यक्रम व प्रतियोगिताएं।

    शाहजहांपुर। अर्थशास्त्र विभाग के द्वारा विश्व बाल श्रम निषेध दिवस पर विभाग में प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की गई इस अवसर पर कालेज के प्राचार्य डां0 अनुराग अग्रवाल ने कहा कि भारत सरकार के द्वारा 23 दिसंबर 1986 में बाल श्रम निषेध अधिनियम पारित किया गया। 

    इसके अनुसार खतरनाक उद्योगों में बच्चों की नियुक्ति अवैध है । अर्थशास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष .डॉ मधुकर मधुकर श्याम शुक्ला ने कहा कि बाल श्रम दिवस प्रत्येक वर्ष 12 जून को मनाया जाता है इस दिवस को मनाए जाने का उद्देश्य है कि बाल श्रम की समस्याओं का समाधान हो तथा प्रत्येक बच्चे को उसका अधिकार मिले इसके अतिरिक्त कारखाना अधिनियम बाल अधिनियम बाल श्रम निरोधक अधिनियम भी बच्चों को सुरक्षा प्रदान करते हैं समाजशास्त्र के असिस्टेंट प्रोफेसर मानवेंद्र सिंह ने कहा कि बच्चों को ईश्वर का रूप माना जाता है बाल श्रम में गरीब बच्चे सबसे अधिक शोषण का शिकार हो रहे हैं अनुच्छेद 24 के अनुसार 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को खतरनाक कार्यों में ना लगाया जाए । अर्थशास्त्र विभाग के असिंस्टेट प्रोफेसर डां0 राम शंकर पाण्डेय ने कहा कि देश में बाल श्रम को जागरूकता से रोका जा सकता है देश में बाल मजदूरी को रोकने के लिए समाज कल्याण विभाग सहित अन्य एन जी ओ को जागरूकता संबंधी कार्यक्रम चलाने चाहिए । प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में प्रथम स्थान मुस्कान गुप्ता द्वितीय स्थान आयुष मिश्रा तथा तृतीय स्थान अनुज कुमार को प्राप्त हुआ । कार्यक्रम में डां0 श्रीकान्त मिश्रा श्री धर्मवीर सिंह डां0 पदमजा मिश्रा मोनू कुमार यशपाल सहित छात्र छात्रायें उपस्थित रही।

    बी बी ए विभाग के द्वारा बाल श्रम निषेध दिवस के उपलक्ष्य में गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें मुख्य वक्ता वर्धमान कॉलेज बिजनौर के डॉ राजीव कुमार अग्रवाल ने बताया कि बाल श्रम मानवता के विपरीत है हमारे हिंदू पुराणों में लिखा गया है कि बच्चे भगवान का रूप होते हैं यदि उनसे बाल्य अवस्था मे श्रम कराया जाएगा तो यह मानवता के विपरीत होगा, बी बी ए विभागाध्यक्ष अंकित अवस्थी द्वारा प्रतीक चिन्ह देकर अतिथि को सम्मानित किया। सुमित कुमार के संचालन में हुए कार्यक्रम आभार महिमा सिंह ने व्यक्त किया इस अवसर पर बी बी ए विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर नेहा सिंह व अभिजीत मिश्रा ने बाल श्रम पर अपने विचार प्रस्तुत किये।

    चित्रकला विभाग द्वारा विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर पोस्टर एवं स्लोगन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया पोस्टर प्रतियोगिता में 20 से अधिक छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया प्रतियोगिता का उद्देश्य जन जन तक जागरूकता फैलाना था, सभी छात्र छात्राओं ने अपने चित्रों के माध्यम से जन जागरूकता तो फैलाई ही साथ ही बाल मजदूरों की व्यथा को भी बखूबी व्यक्त किया, पोस्टर प्रतियोगिता में प्रथम स्थान विकास, द्वितीय स्थान कुनाल रस्तोगी, तृतीय स्थान आकांक्षा सक्सेना ने प्राप्त किया, स्लोगन प्रतियोगिता में प्रथम स्थान रुचि देवी द्वितीय स्थान यशी गुप्ता, तृतीय स्थान काकुल मिश्रा ने प्राप्त किया, कार्यक्रम का आयोजन चित्रकला विभागाध्यक्ष डॉ अर्चना गर्ग ने किया सभी के प्रति आभार डॉ प्रज्ज्वल पुंडीर ने व्यक्त किया।

    वाणिज्य संकाय द्वारा बाल श्रम दिवस के उपलक्ष में संगोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें वाणिज्य विभाग अध्यक्ष डॉ देवेंद्र सिंह ने कहा यदि बच्चों के खेलने और पढ़ाई की उम्र में उनसे श्रम कराया जाएगा तो ऐसे में उन बच्चों का निर्माण क्या होगा पर वे देश के लिए क्या अपना योगदान दे पाएंगे अतः बाल श्रम कराना अपराध के साथ साथ में यह अमानवीय है। डॉ गौरव सक्सेना के संचालन में हुए कार्यक्रम में विभाग के डॉ जगदीश कुमार, जागृति गुप्ता आदि ने विचार प्रकट किए अंत मे आभार डॉ रूपक श्रीवास्तव ने दिया इस अवसर पर बी.कॉम कंप्यूटर के छात्र रचित शर्मा, अरुण कुमार, पवन कुमार, सचिन सक्सेना, संजीव वर्मा बी. कॉम की आयुषी वर्मा, सुमनजीत कौर ,हरनीत कौर उत्कर्ष नारायण, मयंक शुक्ला, दुर्गेश गुप्ता, गौरी सक्सेना, शगुन सक्सेना, महिमा गुप्ता, मंजीत कुमार आदित्य, प्रियांशु आदि छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।

    फ़ैयाज़ उद्दीन 

    Initiate News Agency (INA) , शाहजहाँपुर

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