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    वाराणसी। नौकरी न मिलने पर आईआईटी बीएचयू के छात्र ने की आत्महत्या।

      ........ पिता बोले बेटे का सेलेक्शन नहीं हुआ इसलिए था परेशान, शनिवार दिन में ही लगा ली थी फांसी

    वाराणसी। आईआईटी बीएचयू में पढ़ने वाले 28 साल के स्टूडेंट भगवान सिंह ने आत्महत्या कर लिया। एमटेक में पढ़ने वाला स्टूडेंट विश्वेश्वरैया छात्रावास में रहता था। छात्रावास में उसका शव पंखे से फंदे के सहारे लटकता मिला। शुरुआती जांच में सामने आया कि भगवान सिंह प्लेसमेंट न होने से परेशान था। पुलिस ने मृतक का लैपटॉप और मोबाइल जब्त कर लिया। भगवान सिंह हाथरस में थाना हसाय क्षेत्र के पिछौती गांव का रहने वाला था। उसके पिता कृष्ण कुमार सिंह खेती करते हैं। दोस्तों और प्रोफेसरों ने बताया कि छात्र भगवान सिंह के दोनों भाई वैज्ञानिक हैं। एक डीआरडीओ और दूसरा भाभा ऑटोमिक रिसर्च सेंटर में है। भगवान आईआईटी बीएचयू में मैकेनिकल इंजीनियरिंग ब्रांच में एमटेक द्वितीय वर्ष का छात्र था। भगवान विश्वेश्वरैया हॉस्टल में पहले मंजिल पर कमरा नंबर 228 में रहता था। भगवान ने फांसी शनिवार को दिन में ही लगा ली थी। मगर कमरा बंद होने पता नहीं चल सका। देर रात जब दूसरे छात्रों को अनहोनी का शक हुआ तो किसी तरह गेट खुलवाया तो देखा कि रस्सी के सहारे पंखे से उसका शव लटक रहा है। 

    उन्होंने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। शनिवार देर रात फांसी की सूचना पर लंका थाना समेत कई अधिकारी विश्वश्वरैया हॉस्टल पहुंचे। कमरे से लैपटॉप और मोबाइल पुलिस ने जब्त कर लिया। उधर भगवान के पिता कृष्ण कुमार सिंह ने बताया दो दिन पहले प्लेसमेंट का रिजल्ट घोषित हुआ था। उसमें बेटे का सेलेक्शन नहीं हुआ था। इस वजह से वह काफी परेशान था। इस वजह से उसने इस तरह का कदम उठाया होगा। डिपार्टमेंट के छात्रों ने कहा 'प्लेसमेंट हुआ था मगर कंपनी और पैकेज मन मुताबिक नहीं मिला।मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के अध्यक्ष प्रो. संतोष कुमार ने कहा यह हमारे विभाग का एक बहुत बड़ा लॉस है। जल्द ही वह अपनी थीसिस विभाग में सबमिट करने वाला था।एसीपी भेलूपुर प्रवीण कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि वह प्लेसमेंट न होने से परेशान था। अपने दोस्तों से वह अक्सर इस पर बातचीत करता था। आशंका है कि इसी वजह से उसने यह कदम उठाया होगा। पुलिस इस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है। मोबाइल-लैपटॉप की जांच के लिए उसे जब्त किया गया है। उसमें कोई ठोस सबूत मिल सकते हैं। अभी तक छात्र के कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। विश्वश्वरैया छात्रावास के अंदर प्रॉक्टोरियल बोर्ड के अधिकारी और सुरक्षाकर्मी पहुंचे। आईआईटी बीएचयू की ओर से कोई आधिकारिक बयान अभी नहीं आया है।

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