Header Ads

  • INA BREAKING NEWS

    कानपुर। ज्ञानवापी मस्जिद का सर्वे संविधान का उल्लंघन : मोहम्मदी यूथ ग्रुप

    कानपुर। ज्ञानवापी मस्जिद का सर्वेक्षण पूजा स्थल अधिनियम व सुप्रीम कोर्ट का उल्लंघन सर्वे पर रोक लगाने व देश-प्रदेश में धर्मस्थलों की सुरक्षा की मांग को लेकर मोहम्मदी यूथ ग्रुप जिलाधिकारी कार्यालय मे जिलाधिकारी नेहा शर्मा से मिला व महामहिम राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद व प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम सम्बोधित ज्ञापन प्रेषित किया। प्रतिनिधि मंडल ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि वाराणसी की ज्ञानवापी मस्जिद के परिसर में सर्वे 06 मई से शुरु हुआ 07 मई को भारी विरोध के चलते सर्वेक्षण रुक गया है लेकिन तनाव वाराणसी के साथ पूरे देश में बना हुआ है। ज्ञानवापी मस्जिद का सर्वे करने का आदेश देश के प्रथम कानून मंत्री बाबा भीमराव अम्बेडकर के संविधान की रचना के खिलाफ है व वाराणसी 1991 के पूजा स्थल अधिनियम का खुला उल्लंघन है।

    अयोध्या फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि पूजा स्थल अधिनियम भारत की धर्मनिरपेक्ष विशेषताओं की रक्षा करता है, यह दुर्भाग्यपूर्ण है की कोर्ट की खुलेआम अवहेलना की जा रही है। वाराणसी हमारे देश के प्रधानमंत्री का संसदीय क्षेत्र भी है फिर भी इतने संवेदनशील मामले पर वाराणसी प्रशासन का रवैया न्यायसंगत नही है। मस्जिद परिसर के बाहर और अंदर नारेबाजी से स्थिति तनावपूर्ण बनी है जिससे वहां कभी भी हालात खराब हो सकते है जिसका असर पूरे देश पर पड़ेगा लेकिन कानून व्यवस्था के ज़िम्मेदार खामोश है। मुसलमानों में भय व्याप्त है कानून व्यवस्था पर खतरा मंडरा रहा है हिंदू-मुस्लिम में नफरत फैलाने के मकसद से विवाद बढ़ाया जा रहा है।हिंदू-मुसलमान की एकता को तोड़ने एक खास मज़हब के लोगो को निशाना बनाने का मकसद है, देश के लगभग 20 से 22 करोड़ मुसलमानों की धार्मिक आस्था को चोट पहुंचाना है। अपने ही देश में बार-बार उनके धर्म स्थलों को निशाना बनाया जा रहा है कही सरकार की निगरानी में कही कट्टरपंथी हिंदू संगठनों द्वारा की जा रही है देश के कई राज्यों में घटनाएं है जिसमें मध्यप्रदेश, राजस्थान, गुजरात, दिल्ली, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, कर्नाटक, हरियाणा, उत्तराखंड में हिंदू-मुस्लिम में नफरत पैदा करने, उनको बांटने की घटनाएं बढ़ी है। गाँधी-नेहरु, अम्बेडकर-कलाम, भगत-अशफाक, पटेल-गफ्फार के देश में यह नफरते भरी जा रही है। सर्वे को रोकना अति आवश्यक अगर ऐसा नही हुआ तो यह देश के लिए घातक कदम होगा। विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र में सर्वोच्च पद पर आसीन लोकतंत्र के ज़िम्मेदार व देश के प्रधान सेवक से इस मामले में हस्तक्षेप कर सर्वे पर रोक लगाने व धर्म स्थलों की सुरक्षा की मांग की।

    प्रतिनिधि मंडल ने इसी से सम्बन्धित महामहिम राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद व प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम सम्बोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौपा जिलाधिकारी नेहा शर्मा ने पूरी बातो को ध्यानपूर्वक सुना व ज्ञापन आज ही राष्ट्रपति भवन व पीएमओ भेजने का आश्वासन दिया। मोहम्मदी यूथ ग्रुप ने जिलाधिकारी का शुक्रिया अदा किया।प्रतिनिधि मंडल व ज्ञापन मे ग्रुप के अध्यक्ष इखलाक अहमद डेविड, शफाअत हुसैन डब्बू, अयाज़ अहमद चिश्ती, इस्लाम खाँ आज़ाद, रिज़वान अंसारी, महबूब आलम खान, मोहम्मद अनीस अंसारी, शबनम आदिल, अफरोज़ आलम, इस्लाम खान, मोहम्मद इलियास, तौफीक रेनू, मोहम्मद शारिक, एजाज़ रशीद, निज़ाम कुरैशी आदि लोग मौजूद थे।

    इब्ने हसन ज़ैदी

    Initiate News Agency (INA) , कानपुर

    Post Top Ad


    Post Bottom Ad


    Blogger द्वारा संचालित.