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    देवबंद। दुखों व कष्टों का अंत करता है मूल मंत्र: गुरदयाल सिंह

    ............ जपजी साहिब के पाठ की लड़ीवार व्याख्या प्रारंभ

    देवबंद। गुरूद्वारा श्री गुरूनानक सभा में प्रथम पातशाह की रचना जपजी साहिब के पाठ की लड़ीवार व्याख्या कार्यक्रम की शुरूआत हो गई।संगतों को सम्बोधित करते हुए हजूरी रागी भाई गुरदयाल सिंह ने कहा कि श्री गुरू ग्रंथ साहिब जी के पाठ की प्रारंभता जपजी साहिब की वाणी से होती है। जपजी साहिब गुरू गंरथ साहिब जी की वाणी का सार है। उन्होंने कहा कि गुरू नानक देव जी द्वारा उच्चारण किया गया मूल मंत्र मानव जाति के सभी दुखों व कष्टों का अंत करने वाला है। प्रत्येक गुरू नानक नाम लेवा को प्रतिदिन मूल मंत्र का जाप व जपजी साहिब का पाठ करना चाहिए। 

     गुरवाणी कथा करते ज्ञानी गुरदयाल सिंह

    ऐसा हअकरने से जीवन में परिवर्तन होगा व परिवार में सुख शांति आएगी।गुरूद्वारा कमेटी के सचिव गुरजोत सिंह सेठी ने बताया कि संगतों को गुरवाणी का अर्थ समझाने के लिए जपजी साहिब के पाठ की लड़ीवार व्याख्या शुरू की गई है। वहीं, शहीदों के सरताज गुरू अर्जुन देव जी के शहीदी पर्व के उपलक्ष्य में 40 दिवसीय सुखमणि साहिब के पाठों की लड़ी भी प्रारंभ हो गई जो 3 जून तक चलेंगे। 3 जून को गुरू अर्जुन देव जी का शहीदी पर्व श्रद्धा व उत्साह से मनाया जाएगा। इस दौरान सेठ कुलदीप कुमार, चंद्रदीप सिंह, हर्ष भारती, ज्ञानी अमनदीप सिंह, सचिन छाबड़ा, अमृत सिंह कपूर, त्रिलोचन सिंह, अमन सेठी, राजपाल सिंह, चरण सिंह, रामअवतार सिंह, विपिन नारंग, अमनदीप कपूर, युवराज अरोड़ा, संदीप धींगड़ा आदि मौजूद रहे।

    शिबली इकबाल

    Initiate News Agency (INA), देवबंद

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