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    लखीमपुर खीरी। 16 मई को प्रभात हत्याकांड मामले में सुनवाई, मुख्य आरोपी केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी जा सकते है जेल।

    ........... प्रभात हत्याकांड: 22 साल पुराने मामले में अजय मिश्रा टेनी की बढ़ सकती हैं मुश्किलें, 16 मई को आएगा फैसला

    लखीमपुर खीरी। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच 16 मई को लखीमपुर खीरी के 22 साल पुराने प्रभात गुप्‍ता हत्याकांड मामले की अंतिम सुनवाई करेगी। इस मामले में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। 22 साल पुराने प्रभात हत्याकांड मामले में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा समेत चार लोग आरोपी हैं। 

    मामले में 16 मई को होने वाली अंतिम सुनवाई पर यूपी के तमाम राजनीतिक दलों की नजर है। बता दें कि तिकुनिया में पिछले साल किसानों को गाड़ी से रौंदने के मामले में टेनी के बेटे आशीष मिश्रा इस वक्‍त जेल में बंद हैं. इस घटना में चार किसानों और एक पत्रकार सहित आठ लोगों की मौत हो गई थी। 

    बता दें कि 8 जुलाई 2000 को लखीमपुर खीरी जिले के तिकुनिया थाना क्षेत्र के तिकुनिया कस्बे में 22 साल के नौजवान प्रभात गुप्ता की हत्‍या हुई थी। वहीं, अजय मिश्रा टेनी पर हत्या का आरोप लगा था. जबकि इस मामले की पैरवी प्रभात गुप्ता के भाई राजीव गुप्ता कर रहे हैं। उन्‍होंने बताया कि उनके बड़े भाई प्रभात गुप्ता जिला पंचायत चुनाव की तैयारी कर रहे थे और अजय मिश्र टेनी अपनी राजनीतिक जमीन तलाश रहे थे जिसके चलते दोनों के बीच विवाद हुआ और उनके भाई की हत्या कर दी गई थी। उन्‍होंने बताया कि प्रभात गुप्ता की हत्या की जांच पहले सीबीसीआईडी को दी गई थी, लेकिन जब लोगों ने उन्हें बताया कि सीबीसीआईडी में मामले सालों साल लटके रहते हैं तो इस पर उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री से मिलकर इसकी जांच हटवाने का अनुरोध किया था. इसके बाद यह जांच दोबारा आईजी जोन के स्तर से कराई जा रही थी। 

    राजीव गुप्ता ने बताया कि उनका यह मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में पिछले 2 साल से पेंडिंग है।  जब इस पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही थी, इसलिए उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दाखिल कर दी है। साथ ही कहा कि इस मामले की जल्‍द सुनवाई हो और आरोपियों को कठोर सजा मिले। 

    प्रभात गुप्ता हत्याकांड मामले में कब क्या हुवा। 

    • 8 जुलाई 2000 को प्रभात गुप्ता की गोली मार कर तिकुनिया में हत्या कर दी गई थी। 
    • इस मामले में तिकुनिया थाने में FIR 41/2000 में अजय मिश्रा टेनी समेत 4 लोग नामजद हुए थे। 
    • 29 मार्च 2004 को गवाह होने के बाद भी लखीमपुर न्यायालय से अजय मिश्रा टेनी को दोष मुक्त कर दिया गया। 
    • 15 मई 2004 को बरी किए गए आदेश के खिलाफ प्रभात गुप्ता के पिता संतोष गुप्ता रिवीजन हाईकोर्ट में दाखिल कर लखीमपुर न्यायालय के आदेश को चुनौती देते हुए हत्या में तथ्यों को स्वीकार नहीं करने का आरोप लगाया. साथ ही राज्य सरकार की ओर से भी उच्च न्यायालय में बरी किए जाने के विरुद्ध अपील दाखिल की गई। 
    • 2005 में प्रभात गुप्ता के पिता संतोष गुप्ता का निधन हो गया। 
    • 2004 में ही संतोष गुप्ता की याचिका स्वीकार हो गई और फिर 2013 में चीफ जस्टिस ने मामला सुनने का आदेश दिया। 
    • 2018 में डबल बेंच के सामने मुकदमे की सुनवाई पूरी हुई और आदेश सुरक्षित किया गया, लेकिन 6 महीने तक फैसला नहीं आने पर वादी स्व सन्तोष गुप्ता के बेटे राजीव गुप्ता ने कोर्ट में एक अपील दाखिल. उनकी अपील के बाद फिर से मुकदमे की सुनवाई का आदेश हुआ। 

    राजीव गुप्ता( म्रतक प्रभात गुप्ता के भाई)

    इस बीच 4 साल तक सुनवाई की तारीख ना मिलने के कारण राजीव गुप्‍ता ने सर्वोच्च न्यायालय में रिट दाखिल की। वहीं, जनवरी 2022 में पुनः हाईकोर्ट में सुनवाई के लिए आवेदन किया। इस बीच न्यायाधीश रमेश सिन्हा एवं न्यायाधीश सरोज यादव की डबल बेंच ने 7 अप्रैल 22 को मामले की फाइनल सुनवाई की तारीख 16 मई तय की है।  इसके साथ अब प्रभात गुप्ता की हत्या में अंतिम सुनवाई के बाद फैसला आएगा। 

    शाहनवाज गौरी

    Initiate News Agency (INA), लखीमपुर खीरी

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