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    कानपुर। MBBS में एडमिशन दिलाने के नाम पर लाखों की ठगी।

    कानपुर। मेडिकल कॉलेज में एडमिशन दिलाने के नाम पर एक फ्रॉड का मामला सामने आया है, उत्तराखंड रुड़की के रहने वाले मदन सैनी अपनी बेटी को डॉक्टर बनवाना चाहते थे। लेकिन किसी गवर्नमेंट कॉलेज में एडमिशन न मिल पाने से निराश थे। मार्च के महीने में उनके पास एडमिशन करवाने के नाम पर एक कॉल आया जिसमे टप्पेबाजों ने उनको देश भर के आठ मेडिकल कॉलेजों के नाम बताएं और उनसे पूछा की किस कॉलेज में एडमिशन करवाना चाहेंगे। टप्पेबाज से बात करते हुए उन्होंने कहा जिस कॉलेज में आराम से एडमिशन हो जाएगा वहां करवा दो। इनसे पूरे डाक्यूमेंट्स और एप्लीकेशन भरवा कर उनको कानपुर का जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में एडमिशन दिलाने की बात तय हुई। एडमिशन के नाम पर शातिरों ने पीड़ित परिवार से एमबीबीएस के चार सालों की फीस एक बार में 30 लाख रूपए बताई।

    मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य से मिली जानकारी के अनुसार रकम और अन्य डाक्यूमेंट्स देने का समय और जगह शातिरों ने पहले ही तय कर रखा था। शातिरों ने पीड़ित परिवार को 24 मार्च को शहर बुलवाया और मेडिकल कॉलेज के बाहर बने पेट्रोल पंप में कार में बैठकर डाक्यूमेंट्स और रकम उनको दे दी। इसके बाद पीड़ित को पूरी फीस जमा होने की रसीद भी दे दी और पीड़ित परिवार को पांच अप्रैल से क्लास शुरू होने की बात कह कर दोबारा दो अप्रैल को शहर आने को कहा गया। 

    डॉ संजय काला प्रिंसिपल मेडिकल कॉलेज

    जब पीड़ित परिवार दो तारीख को शहर पंहुचा तो उन्होंने एडमिशन दिलाने वालों से संपर्क किया, उन्होंने बैंक बंद होने के चलते चार तारीख को मेडिकल कॉलेज के बाहर मिलने की बात कही। सोमवार को जब पीड़ित परिवार शातिरों से मिला तो उन्होंने 27 हजार रूपए और जमा करने की बात कही, जिस पर पीड़ित के पिता ने उनको यह रकम दे दी। शातिरों ने बैंक में पैसा जमा करने की फर्जी स्लिप भी उनको थमा दी और पांच तारीख से क्लास शुरू होने के लिए उस छात्रा को डॉक्टर वाला एप्रन और एक स्टेथोस्कोप भी दिया। साथ ही आई कार्ड, टाइम टेबल और अन्य डाक्यूमेंट्स भी दिए।     

    आनंद तिवारी जॉइंट कमिश्नर कानपुर

    वही जब मंगलवार को पीड़ित छात्र एमबीबीएस की पहली क्लास अटेंड करने पहुंची तो पहली क्लास जीव विज्ञान की थी। जब क्लास में अटेंडेंस हुई तो उसका नाम नहीं लिया गया तो उसने प्रोफेसर से इसके बारे शिकायत की तो उसे एडमिशन काउंसलर के पास जाने के लिए कहा जब काउंसलर डॉ मुदित और डॉ नीलिमा भी इस मामले को समझ नहीं पाए तो प्राचार्य प्रो संजय काला को इसकी जानकारी दी गई। डॉ संजय काला ने बताया, इस छात्र से एडमिशन के नाम पर ठगी हुई है। हम लोगों ने सीसीटीवी फुटेज देखी लेकिन उसमे सभी शातिर अपने चेहरे पर मास्क लगाए हुए है। हम लोगों ने स्वरूप नगर पुलिस से संपर्क किया है। पीड़ित परिवार ने थाने में तहरीर दी है। जिसके बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

    इब्ने हसन ज़ैदी

    Initiate News Agency (INA) , कानपुर

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