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    देवबंद। रमजान के आखिरी अशरे में कसरत से करें इबादतः कैसर

    देवबंद। दारुल उलूम वक्फ के वरिष्ठ उस्ताद मौलाना नसीम अख्तर शाह कैसर ने कहा कि रहमत और बरकतों वाला रमजान का महीना अलविदा कहने को है। इस महीने का आखिरी अशरा जिसे जहन्नम से निजात का अशरा कहते हैं चल रहा है। इसलिए सभी को चाहिए कि वह अल्लाह की इबादत करें और अपने गुनाहों की तौबा करते रहें। रमजान के आखिरी अशरे पर रोशनी डालते हुए मौलाना नसीम अख्तर शाह कैसर ने कहा कि इस महीने में खुदा रोजेदार पर अपनी रहमतों की बारिश करता है। 

    इसलिए रमजान माह की खास अहमियत है। बताया कि इस माह का पहला और दूसरा अशरा समाप्त हो चुका है। तीसरा अशरा दोजख की आग से निजात पाने का चल रहा है। इसलिए सभी को चाहिए कि वह कसरत के साथ अल्लाह की इबादत करें और अल्लाह की बारगाह में रो-रोकर अपने गुनाहों की तौबा मांगे। क्योंकि अल्लाह बहुत रहम करने वाला है।

    शिबली इकबाल

    Initiate News Agency (INA), देवबंद

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