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    नैमिषारण्य/सीतापुर। चैत्र नवरात्र आज से घर घर होगी देवी माँ की आराधना

    नैमिषारण्य/सीतापुर। चैत्र नवरात्रि व राक्षस नामक संवत्सर 2 अप्रैल से आज से प्रारंभ हो रहा है जिसके चलते तीर्थ नैमिषारण्य ललिता देवी मंदिर में तैयारियां अंतिम रुप में है इस वर्ष कोविड़-19 का प्रभाव कम होने के कारण नवरात्रि पर्व पूरे देश मे धूमधाम से मनाया जायेगा इन दिनों भक्तजन माँ दुर्गा के अलग अलग स्वरूपों की पूजा करेगे मान्यताओं के अनुसार नवरात्र के मध्य में जो श्रद्धालु व्रत अथवा माँ दुर्गा की उपासना विधि विधान से करने से कई गुना अधिक फल की प्रप्ति होती है। 

    यह है कलश स्थापना का शुभमुहूर्त

    कपिल शास्त्री बताते है कि कलश स्थापना आज प्रातः05:51 से 08:22 बहुत ही शुभमुहूर्त है इसके बाद 11:36 से 12:22 मध्य का समय भी शुभ है श्री शास्त्री ने बताया कि देवी की सवारी अशव ( घोड़ा) है शास्त्रो में माँ दुर्गा का घोड़े पर सवार होकर आना गम्भीर माना जाता है भागवत पुराण के अनुसार नवरात्रि में जब देवी घोड़े की सवारी करते हुए आती है तब इसका असर प्रकति अथवा देश आदि पर देखने को मिलता है। 

    आज कालीपीठ मंदिर में खुलेंगे मां धूमावती के कपाट, श्रद्धालु कर सकेंगे दर्शन

    नैमिष तीर्थ स्थिति कालीपीठ मंदिर में स्थापित दसमहाविद्याओ में प्रमुख एम उग्र स्वरुप की देवी मां धूमावती के दर्शन मात्र नवरात्रि में पड़ने वाले शनिवार को ही होते है यह बात पुजारी भास्कर शास्त्री ने बताई उन्होंने मां धूमावती का वर्णन करते हुए बताया कि एक बार माता को भूख लगी तो माता ने अपने स्वामी भोलेनाथ से भोजन मांगा लेकिन महादेव समाधि में लीन होने के कारण उनकी इच्छा पूरी न कर सके तब मां धूमावती ने क्रोध में आकर अपने स्वामी भोलेनाथ को ही निगल लिया किन्तु भोलेनाथ हलाहल बिष का पान करते थे इस कारण माता के शरीर से धुंवा निकलने लगा तभी से माता का नाम धूमावती पड़ गया इस नवरात्रि में माता के दर्शन का सयोग दो बार बन रहा है पहला दर्शन 2 अप्रैल व दूसरा दर्शन 9 अप्रैल शनिवार अष्टमी तिथि को पड़ेगा काफी लोगो मे यह भी संसय बना रहता है कि सुहागिन स्त्रीयों को माता के दर्शन नही करना चाहिए किन्तु ऐसा नहीं है सौभाग्यवती महिलाओं के माता का स्पर्श वर्जित हैं बाकी माता का पूजन निषेध नही है क्योंकि जो कालो के काल महाकाल को भगवान शिव जी को अपने उदर में धारण कर सकती है वह देवी महिलाओं के सौभाग्य भक्षक काल भी निगल कर अखण्ड सौभग्य का वरदान देती है।

    गौरव दीक्षित

    Initiate News Agency (INA), नैमिषारण्य\सीतापुर 

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