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    बिजनौर। बलिया के निर्दोष पत्रकारों को रिहा करने की मांग

    बिजनौर। पत्रकार प्रेस महासंघ के कार्यकर्ताओं ने महामहिम राज्यपाल के नाम संबोधित एक ज्ञापन एसडीएम चांदपुर को सौंपा और जल्द से जल्द पत्रकारों को रिहा करने की मांग की साथ ही इस पूरे मामले में जो आरोपी है उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग भी की। 

    दरअसल यह पूरा मामला जनपद बिजनौर के तहसील चांदपुर का है जहां पर पत्रकार प्रेस महासंघ के  कार्यकर्ता एकजुट हुए और तहसील पहुंचे, पत्रकार प्रेस महासंघ की और से जनपद बलिया में नकल माफियाओं की पोल खोलने वाले पत्रकारों को गिरफ्तार कर जेल भेजे जाने को लेकर  एक ज्ञापन महामहिम राज्यपाल के नाम सौंपा गया, जिसमें बताया गया कि विभिन्न जिलों में पत्रकारों के प्रति उत्पीड़न की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, बलिया जनपद एवं उसके आसपास के अन्य जनपदों में सुनियोजित एवं बड़े पैमाने पर नकल कराने कराई जाती है, स्थानीय अमर उजाला व सहारा हिंदी दैनिक के लिए काम करने वाले पत्रकार अजीत ओझा, दिग्विजय सिंह, मनोज गुप्ता को अंग्रेजी के प्रश्न पत्र लीक मामले को उजागर करने के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजा भेज दिया, बलिया जिला प्रशासन नकल माफियाओं पर सीधा सीधी कार्रवाई करने के बजाय कलम के सिपाहियों का मुंह बंद करने और हाथ बांधने की कोशिश के साथ पत्रकारिता का गला घोटने का काम किया जा रहा है। 

    जिला सचिव मोहम्मद रहमान बिजनौर

    इस कृत्य से पूरे प्रदेश के पत्रकारों में आक्रोश व्याप्त हो गया है पत्रकार प्रेम महासंघ इकाई जनपद बिजनौर नकल माफियाओं के कुकृत्य की व्यापक जांच एवं पेपर लीक का गलत खुलासा करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई के साथ उक्त पत्रकारों के खिलाफ दर्ज मुकदमा वापस लिया जाए, बलिया जनपद के जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक जनपद में संलिप्त अन्य अधिकारियों की भूमिका की न्यायिक जांच कराई जाए एवं जांच परिणाम आने तक उन्हें निलंबित कर दिया जाए, जिससे जांच प्रक्रिया को प्रभावित न किया जा सके, प्रदेश में पत्रकार उत्पीड़न की घटनाओं पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए,विभिन्न समाचार पत्रों मीडिया संस्थानों में कार्यरत पत्रकारों को शासन स्तर से सूचीबद्ध किया जाए। 

    जिला अध्यक्ष विकास शर्मा बिजनौर

    उत्तर प्रदेश में पत्रकार आयोग का गठन करके उसमें मान्यता प्राप्त सभी संगठनों को प्रतिनिधित्व दिया जाए, उत्तर प्रदेश में किसी भी पत्रकार को किसी प्रकरण में कथित रूप से संलिप्तता पाए जाने की दशा में तब तक गिरफ्तारी न की जाए जब तक पुलिस विभाग के एक राजपत्रित अधिकारी स्तर से उसकी जांच पूरी ना करा ली जाए, उत्तर प्रदेश में पत्रकारों के लिए टोल टैक्स फ्री किया जाए, पत्रकार प्रेस महासंघ इकाई जनपद बिजनौर से जुड़े सभी साथी महोदय जी से लोकतंत्र में संविधान की रक्षा की उम्मीद करते हैं। 

     दिनेश कुमार प्रजापति 

    Initiate News Agency (INA), धामपुर जनपद बिजनौर

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