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    पलवल। यूक्रेन से लौटे छात्र का ढोल नगाड़ों से स्वागत

    पलवल। होडल अपने घर पहुंचे यूक्रेन से छात्र का ढोल नगाड़ों से ग्रामीणों ने किया जोरदार स्वागत। छात्र ने  यूक्रेन  और रूस में छिडी जंग के बारे में बताया की किस तरह से वह जान को बचाकर घर लौटे हैं। युद्ध के बारे में आंखों देखा हाल बताते हुए छात्र की आंखों से आंसू झलकने लगे। परिवार खुशी की लहर और देश के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी का किया धन्यवाद।

    होडल लौटे  यूकेेन में मेडीकल की शिक्षा ग्रहण करने गए होडल निवासी प्रेमसिंह बैनीवाल के पुत्र मयंक बैनीवाल के सकुशल लौटने पर उनके परिजनेां और कालोनी वासियों द्वारा फूल मालाओं से स्वागत किया। मयंक बैनीवाल और उनके परिजनों ने सकुशल लौटने पर भारत सरकार का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर मयंक बैनीवाल ने बताया कि वह यूक्रेन के कालेज में मेडीकल की शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। 25 फरवरी के बाद से ही लगातार हो रही भयावह बम्बारी ने उनकी और उनके  साथी छात्रों की नीदं उडा दी थी।  उन्होंने बताया कि यूके्रन और रूस की जंग से अपने ार वापस लौटना ही उचित समझाा। वह कालेज के लगभग डेढ सौ छात्रों के साथ दो बसों में  सवार होकर यूनिवर्सिटी से पोलेंड बार्डर पहुंचे। इस बीच कई जगहों पर उनके आईडी प्रूफों की जांच की गई। उन्होंने बताया कि कई जगहों पर तो छात्र छात्राओं के साथ यूके्रन पुलिस द्वारा मारपीट किए जाने की वारदात का मंजर भी उन्होंने देखा। रास्ते में खाने पीने की कोई विषेश व्यावस्था नहीं थी। उन्होंने  केवल ब्रेड आदि खाकर कई दिन का समय गुजारा। उन्होंने बताया कि वहां की सरकार द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए गए कि वह अपने रिस्क पर घर जा सकते हैं, लेकिन बाहर के मंजर को देखकर सभी की कंपकंपी छूट रही थीं। उन्होंने बताया कि वह अपने साथियों के साथ लगभग सात फलेटों में रह रहे थे लेकिन बम्बारी शुरु होने के बाद वह सभी एक ही फलेट में रहने लगे, लेकिन वहां से गुजरते टैंक और मिशाईलों और आसमान में हवाई जहाजों की गडगडाहट को सुन सहम जाते थे। यूक्रेन में अधिकारी मार्केटों में दुकानें बंद रहती हैं। केवल सब्जी,ब्रेड या कोई अन्य खाद्य सामग्री की दुकानों ही कभी जभी खुली दिखाई देतीं हें। अधिकांश इमारतें सूनी ही नजर आती हैं, जो खंडहर में तबदील हो चुकी हैं। लाखों लोग वहां से अपने आशियानों को छोडकर सुरक्षित जगहों पर जा चुके हैं। मयंक बैनीवाल ने बताया कि उन्होंने भी कई दिनों तक बंकर में रहकर समय गुजारा लेकिन वहां भी उन्हें लगातार भय सताता रहा। इधर यूक्रेन में समाचारों के माध्यम से जानकारी मिलने पर उने परिजनेां की चिंताएं भी लगातार बढती जा रही थीं।

    ऋषि भारद्वाज

    Initiate News Agency (INA), पलवल

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