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    देवबंद। बजट से होगा कारपोरेट लोगों का फायदा गरीब व किसानों को नुकसान- भगत सिंह वर्मा

    देवबंद। केंद्र सरकार द्वारा संसद में आज पेश किए गए बजट की पश्चिम प्रदेश मुक्ति मोर्चा ने निंदा करते हुए इसे कारपोरेट जगत के लिए बेहतर और गरीब किसानों के लिए विरोधी बजट बताया.

    प्रेस को जारी बयान में पश्चिम प्रदेश मुक्ति मोर्चा राष्ट्रीय अध्यक्ष व किसान भगत सिंह वर्मा ने कहा कि 2022 - 23 का यूनियन बजट किसान और गरीब विरोधी है। इस बजट में देश के अन्नदाता किसानों के लिए कुछ नहीं है। देश के किसानों को आशा थी कि इस बजट में सरकारों की गलत नीतियों के कारण बढ़ते हुए कर्ज पर अंकुश लगाया जाएगा और किसानों के कर्ज व ब्याज माफ किए जाएंगे। 

    लेकिन बजट में न ही किसानों को उनकी फसलों का लाभकारी मूल्य दिलाने के लिए कदम उठाया है और ना ही कोई ओर योजना है।भगत सिंह वर्मा ने कहा कि बजट में मनरेगा योजना को सीधा खेती से जोड़ना चाहिए था और मनरेगा योजना के तहत ही किसानों को खेती के लिए मजदूर उपलब्ध कराने चाहिए थे। भगत सिंह वर्मा ने कहा कि देश में गन्ना मुख्य नकदी फसल है गन्ने से देश और प्रदेश सरकारों को प्रति वर्ष लाखों करोड़ रुपए राजस्व प्राप्त होता है। 

    इस बजट में देश के गन्ना किसानों को बजट में 50000 करोड रुपए आवंटित करके 100 रुपए कुंटल गन्ना किसानों के खातों में सीधा भेजना चाहिए था। भगत सिंह वर्मा ने कहा कि देश में अन्नदाता किसानों की क्रय शक्ति बढ़ने से ही देश आर्थिक रूप से मजबूत हो सकता है इस बजट में किसानों की घोर उपेक्षा की गई है। यह बजट किसान विरोधी होने के साथ-साथ गरीब विरोधी है सबेरोजगारी और महंगाई बढ़ाने वाला बजट है। इस बजट से सीधे-सीधे कारपोरेट घरानों को लाभ होगा।

    सपा पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष रामकिशन सैनी ने कहा कि केंद्रीय वित्तमंत्री सीतारमण द्वारा प्रस्तुत किया गया भाजपा सरकार का चौथा आम बजट गरीब, मजदूर विरोधी और उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने वाला है।

    नगर के मोहल्ला सैनी सराय में हुई सपा पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ की बैठक में बोलते हुए रामकिशन सैनी ने कहा कि बजट में युवाओं को रोजगार देने और आसमान छू रही महंगाई पर अंकुश लगाने के लिए कुछ नहीं किया गया। केंद्र सरकार का आम बजट केवल बड़े उधोगपतियों को लाभ पहुंचाने वाला है।

    जनता को लग रहा था कि उत्तर प्रदेश सहित पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए बजट के माध्यम से युवाओं को रोजगार देने और आसमान छू रही मंहगाई पर अंकुश लगाने की कोशिश की जाएगी। लेकिन इस बजट में ऐसा कुछ नहीं है जिससे एक बार फिर देशवासियों के हाथ केवल निराशा लगी है। डा. संदीप सैनी, अरूण कश्यप, विकास सैनी, सचिन सेन, डा. नरेश कश्यप, संजय सैनी व दीपक गुर्जर आदि मौजूद रहे।


    Initiate News Agency(INA)

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