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    देवबंद। तिकोने संघर्ष में कौन जीतेगा भविष्य के गर्भ में, पार्टियों में जोड तोड जारी

    ........ मुस्लिम वोट बटें तो नही लगेगी सपा की नैय्या पार

    ..... बसपा के पास मजबूत वोट बैंक बाहर के वोट दिला सकते है जीत

    देवबंद। बडो की कहावत है कि जैसा बोओगें वैसे ही काटोगें, ऐसा ही कुछ नजारा देवबंद विधानसभा सीट पर देखने को मिल रहा है। इस विधानसभा सीट पर वैसे तो 9 प्रत्याशी चुनाव मैदान में है मगर मुख्य रूप से मुकाबला भाजपा के ब्रिजेश सिंह (जडौदाजट), सपा के कार्तिक राणा (भायला) और बसपा के चैधरी राजेन्द्र सिंह (मिरगपुर) के बीच नजर आ रहा है। इस लडाई में सपा और बसपा के उम्मीदवारों के द्वारा जीत के लिए जोड तोड का संघर्ष जोरो शोरो से चलाया जा रहा है मगर भाजपा के नेताओं के द्वारे घर घर जन सम्पर्क को जीत का हथियार बनाया गया है। क्षेत्र के हिन्दू मतदाताओं में खासकर स्वर्ण व पिछडे वर्ग के मतदाताओं का साफ साफ कहना है कि उनका विश्वास योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर है, उनको प्रत्याशी से कुछ लेना देना नही है।

    वही दुसरी तरफ बसपा प्रत्याशी गुर्जर समुदाय से आता है, इस लिए उसको भरोसा है कि उसका समुदाय उसको वोट करेगा तथा दलित वोट बैंक उसकी पार्टी बसपा का बडा वोट बैंक है। मुस्लिम वोट बोनस है। इस प्रकार बसपा के पास मजबूत आधार जीत पाने का है। इसी प्रकार सपा के पास भी अपना मजबूत वोट बैंक होने के साथ ही प्रत्याशी राजपूत होने के कारण भाजपा के राजपूत वोटों में सेंग लगना अनिवार्य है। सपा का मुस्लिम वोट बैंक स्थानीय दो मुस्लिम नेता एक चेयरमैन जियाउद्दीन अंसारी और दूसरे पूर्व विधायक माविया अली के बीच बटता साफ नजर आ रहा है। इस प्रकार तीनों प्रत्याशी कही ना कही एक दूसरे की वोटो को काटते नजर आ रहे है। वही, काग्रेंस से राहत खलील भी अपनी जीत की दावेदारी ठोक रहे है।

    भाजपा के मुकाबले सपा और बसपा के नेता हर सम्भव प्रयास मे लगे है कि किस प्रकार भाजपा के वोट बैंक को खिसकाया जाये। मुकाबला बडा रोचक है और कोई भी यह दावा नही कर सकता है अब उंट किस करवट बैठेगा यह तो भविष्य के गर्भ में छिपा है।

     शिबली इकबाल

    Initiate News Agency (INA), देवबंद

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