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    संडीला\हरदोई। पशुआहार निर्माता कम्पनी ज्ञानधारा ने लॉच किया भैंस स्पेशल

     विजय लक्ष्मी सिंह

    •  लॉचिंग में ज्ञानधारा एमडी ऋतु अग्रवाल के साथ ही ज्ञानदूध एमडी जय अग्रवाल रहे मौजूद
    • भैंस के दूध की मात्रा और गुणवत्ता बढ़ाने के साथ रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में कारगर
    •  ज्ञानधारा का उद्देश्य मुनाफा कमाना नही है। कंपनी की प्राथमिकता पशुओं का स्वास्थ्य और पशु पालकों की आय बढ़ाना है: एमडी ऋतु अग्रवाल

    संडीला\हरदोई। पशुआहार निर्माण में अग्रणी कंपनी ज्ञानधारा ने भैस स्पेशल की लॉचिंग कर पशुआहार क्षेत्र में क्रांति ला दी है। भैंस वंशीय पशुपालकों के लिए यह पशुआहार वरदान साबित होने वाला है। कंपनी एमडी ने नए प्रोडक्ट की लॉचिंग करते हुए बताया कंपनी का यह उत्पाद पशुपालकों के लिए लाभकारी साबित होगा। 

    इसके उपयोग से दूध की मात्रा और गुणवत्ता में वृद्धि होगी, साथ ही पशुओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता में विकास होगा। संडीला इंडस्ट्रियल स्टेट में भैंस स्पेशल की लॉचिंग के दौरान एमडी ऋतु अग्रवाल ने बताया ज्ञानधारा का उद्देश्य मुनाफा कमाना नही है। कंपनी की प्राथमिकता पशुओं का स्वास्थ्य और पशु पालकों की आय बढ़ाना है।

    एमडी जय अग्रवाल

    जब पशु पालक अपने पशुओं को बेहतर फीड करेंगे तो निश्चित ही दूध की गुणवत्ता और मात्रा बढेगी। ज्ञानदूध के एमडी जय अग्रवाल ने बताया जब पशुओं में दूध बढ़ेगा तो उनके दूध को भी आस-पास के इलाकों से अधिक दूध मिलेगा, जिससे कंपनी का मिल्क कलेक्शन का खर्च कम आएगा और किसानों की बढ़ती आमदनी के साथ कंपनी का भी फायदा होगा।

    एमडी ऋतु अग्रवाल

    इस मौके पर उन्होने कंपनी की रिसर्च टीम, कर्मियों, डिस्ट्रीब्यूटर्स व पशुपालकों को बधाई दी। न्यूट्रीशियन डॉ. मनीष पाठक ने बताया गाय व भैस की शारीरिक संरचना और दूध की गुणवत्ता अलग अलग होती है। भैंस के दूध में फेट छह प्रतिशत व उससे भी अधिक होता है। जब कि गाय के दूध में यह तीन से 3.5 फीसदी तक होता है। भैंस के दूध में 110 व गाय के दूध में 60 केलोरी होती है। यही नहीं भैस का रंग काला होने के कारण और पसीने की ग्रंथिया न के बराबर होने के कारण उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता भी कम होती है। 

    डॉ. मनीष पाठक

    इन सब चीजों को ध्यान में रखते हुए ही भैंस स्पेशल पशुआहार बनाया गया है। बताया पशुआहार के प्रयोग से दूध में फेट बढ़ेगा और पशुपालकों के सीधा सीधा प्रति लीटर अधिक फायदा मिलेगा। 

    मार्केटिंग हेड जेबी सिंह

    इसके अलावा पशुओं की दूध देने क्षमता और समय भी बढ़ेगा जो फायदेमंद साबित होगा। ज्ञानधारा से जुड़े हैं दो लाख पशुपालक कंपनी के मार्केटिंग हेड जेबी सिंह ने बताया ज्ञानदूध के साथ दो लाख पशुपालक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े हैं। 2018 में स्थापित ज्ञानधारा पशुआहार कंपनी अपने गुणवत्तायुक्त पशु आहार के चलते ही पूर्वी उत्तर प्रदेश की दूसरे नंबर की कंपनी बन चुकी है। बताया शक्ति,सुप्रीम, गोल्ड और अब भैस स्पेशल पशुआहार पशुपालन के क्षेत्र में क्रांति ला रहे हैं। 

    पशुआहार के उपयोग से पशुपालकों को प्रत्यक्ष लाभ हो रहा है, जिससे सौ किलोमीटर के क्षेत्र में पशुपालन और दुग्ध उत्पादन भी बढ़ रहा है। इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए ही भैंस स्पेशल पशुआहार बनाया गया है। 

    आई एन ए हरदोई डेस्क

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