Header Ads

  • INA BREAKING NEWS

    अलीगढ़। सपा प्रत्याशी के पक्ष में सोशल मीडिया पर फतवा जारी, BJP विधायक को बताया काफिर, शहर मुफ्ती बोलें फर्जी हैं फतवा

    अलीगढ़। उत्तर प्रदेश के जनपद अलीगढ़ में सोशल मीडिया पर शहर मुफ्ती के नाम से एक फर्जी फतवा जारी किया गया है। सोशल मीडिया पर जारी किए गए फर्जी फतवे में शहर विधानसभा सीट से सपा प्रत्याशी एवं पूर्व सपा विधायक जफर आलम के पक्ष में मुस्लिम मतदाताओं से वोट डालने की अपील की गई है। अपील के दौरान मुस्लिम मतदाताओं से कहा गया है कि मुस्लिम समाज के सभी लोग एकजुट हो जाएं।फिर एकजुट होकर सपा प्रत्याशी जफर आलम को वोट देकर विजयी बनाएं। जबकि बीजेपी के शहर विधायक संजीव राजा को काफिर बोला गया है।जिसके बाद सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे फर्जी फतवे को लेकर शहर मुफ्ती खालिद हमीद के द्वारा एक पत्र जारी करते हुए फतवे का खंडन किया है। तो वही वायरल हो रहे फतवे को फर्जी बताया है।

    जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश के जनपद अलीगढ़ में 10 फरवरी को प्रथम चरण का मतदान सुबह 7:00 बजे शुरू हो जाएगा। लेकिन मतदान शुरू होने से पहले अलीगढ़ जिले में शहर मुफ्ती खालिद हसन के नाम से एक फर्जी फतवा सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जबकि शहर मुफ्ती का सही नाम खालिद हमीद है लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे फर्जी फतवे में जहां एक और शहर विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी एवं पूर्व सपा विधायक जफर आलम को वोट देने की मुस्लिम मतदाताओं से अपील की गई है। तो वहीं दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी के शहर विधायक संजीव राजा को काफिर बताया गया है। कहा गया है कि पिछली बार हम भाइयों के बिखर जाने की वजह से हमारे हर दिल अजीज जफर आलम भाई हार गए थे और काफिर संजीव राजा जीत गया था। जिसके चलते हमारी कोम को काफी नुकसान उठाना पड़ा।लेकिन इस बार अल्लाह के वास्ते गुजारिश है कि एकजुट होकर जफर आलम को वोट दिया जाए। आपको बता दें शहर मुफ्ती का नाम लेकर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस फर्जी फतवे में शहर मुक्ति का नाम भी गलत लिखा गया है। जब किस शहर मुक्ति क असली नाम खालिद हमीद है तो वही फतवे में शहर मुफ्ती का नाम खालिद हसन लिखा गया है। जिसके चलते सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे फर्जी फतवे को भी लोग पहले से ही फर्जी मान रहे हैं।

    आपको बता दें सोशल मीडिया पर फर्जी फतवा जारी होने के बाद जैसे ही इस बात की खबर शहर मुफ्ती खालिद हमीद को हुई। तो उन्होंने तत्काल सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे फतवे का एक पत्र लिखकर खंडन करते हुए पत्र जारी किया गया है। फर्जी फतवे को लेकर पत्र जारी करते हुए शहर मुफ्ती खालिद हमीद ने कहा है कि उनकी तरफ से सपा प्रत्याशी जफर आलम के पक्ष में कोई पत्र जारी नहीं किया गया है और सोशल मीडिया पर वायरल होने वाला पत्र पूरी तरह से फर्जी है। इसीलिए शहर मुफ्ती ने लोगों से अपील करते हुए कहा है कि जिसको बेहतर समझें उसको वोट दें।लेकिन वोट जरूर करें।

    वायरल हो रहे इस फर्जी फतवे में कहा गया है कि 786 "नारा ए तकवी अल्लाह हू अकबर" मेरे प्यारे दीनी मुसलमान भाइयों सलाम वालेकुम बाद सलाम के आप सभी अल्लाह के फजलों करम से खैरियत से होंगे। भाईजानो इस समय चुनाव का माहौल चल दिया है और आपको मालूम है कि ओगी,मोती की हुकुमतों ने हमारी कौम को कितना नुकसान पहुंचाया है।मैं शहर मुफ्ती खालिद हसन आपसे इतना करता हूं कि पिछली दफा हम भाइयों के बिखर जाने से हमारे दिल अजीज जफर आलम भाई हार गए थे और काफिर संजीव राजा जीत गया था। जिससे हमारी कौम को काफी नुकसान उठाना पड़ा है। इसीलिए आप सभी दीनी मुसलमान भाइयों से गुजारिश है कि अलीगढ़ की खुशामदी के लिए अल्लाह के वास्ते एक राय होकर जफर साहब को वोट दें और इस्लाम का झंडा बुलंद करें।" अल्लाह हाफिज"

    अजय कुमार

    Initiate News Agency (INA), अलीगढ़

    Post Top Ad


    Post Bottom Ad


    Blogger द्वारा संचालित.