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    खैराबाद\सीतापुर। ख़्वाजा ग़रीब नवाज़ के 810 वें वार्षिक उर्स के अवसर पर खैराबाद में रही धूम धाम

    ..... इंसानियत से बढ़ कर कोई धरोहर नही और शिक्षा के बिना इंसानियत नहीं-फुरक़ान मियां

    खैराबाद\सीतापुर। सुल्तानुल हिन्द ख़्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती हसन संजरी अजमेरी सुप्रसिद्ध ख़्वाजा ग़रीब नवाज़ के 810 वें वार्षिक उर्स के अवसर पर क़स्बे में विभिन्न ख़ानक़ाहों दरगाहों में उर्स से सम्बंधित कार्यक्रम कल देर रात तक चले तथा भण्डारे लंगर का भी आयोजन किया गया। इस अवसर पर इस्लामी माह रजब की 6 तारीख़ को दरगाह बड़े मखदूम साहब,दरगाह हाफिज़िया अस्लमियाँ व मदरसा अल्लामा फजले हक़ खैराबादी मेमोरियल में तथा दरगाह छोटे मखदूम साहब दरगाह एवं दरगाह मखदूम सैय्यद अब्दुर्रहीम साहब रहीमाबादी रहीमाबाद में मतवल्ली डॉ सैय्यद आसिफ अली की सरपरस्ती में प्रातः क़ुरआन ख्वानी तथा दोपहर में महफिले समा हुई इसी क्रम में डॉ सैय्यद इश्तियाक़ अली वारसी के मकान हुसैन गंज में भी रात्रि के समय ख्वाजा साहब के कुल का प्रबंध पहली बार किया गया।

    इसके पूर्व दरगाह छोटे मखदूम साहब में  क़व्वाली महफ़िले समा का आयोजन सज्जादा नशीन सैय्यद मदनी मियां ने किया और क़ुल शरीफ भी हुआ इसके बाद दरगाह बड़े मखदूम साहब में दोपहर में तथा दरगाह दादा मियां सैय्यद मक़बूल अनवर क़लन्दर अलैहिर्रहमा सैय्यद लईक अहमद किरमानी की सरपरस्ती में सांय 5 बजे महफिले समा तत्पश्चात क़ुल शरीफ हुआ इसी क्रम में मग़रिब की नमाज़ के बाद दरगाह हाफिज़िया अस्लमियाँ में सज्जादा नशीन हाजी सैय्यद फुरक़ान वहीद हाशमी की सरपरस्ती में महफिले समा प्रारम्भ हुई और ईशा की नमाज़ के पूर्व 810 वा क़ुल शरीफ हुआ इस अवसर पर फुरक़ान मियां ने कहा कि आज हम शिक्षा से दूर होते जा रहे हैं और अगर पढ़ भी रहे हैं तो बेमक़सद क्योंकि जब तक मन लगा कर नही पढ़ेंगे तबतक कुछ भी हासिल होने वाला नही ग़रीब नवाज़ ने सदैव एकता और अखंडता और भाई चारे का संदेश दिया आपस मे मेल मिलाप और ईमानदारी से काम करने की बात कही उन्होंने सदैव अपने अनुनाइयों को सही रास्ते पर चलने और सभी धर्मों के लोगों और उनके मानने वालों की इज़्ज़त करने की शिक्षा दी।  फुरक़ान हाशमी ने कहा कि हमे सबसे पहले इन्सान बनना होगा क्योंकि इन्सानियत से बढ़कर कोई धरोहर नही है और इन्सानियत तब आती है जब हम शिक्षित होंगे और यही कमी हमको परेशानी में डाले हुए है, हाशमी ने इस संवाददाता से बात करते हुए कहा कि हम जिस मैदान में काम करें हमे उसकी पूर्ण शिक्षा होनी चाहिए अगर ख़ानक़ाहों से जुड़े हैं तो हमे खानकाही तालीमात हासिल करनी होगी जिसकी आज बहुत कमी होती जा रही है।इसके बाद सज्जादा नशीन ने देश मे अमनो अमान रहने और अपने क़स्बे में शांति बनी रहे इसके लिए दुआ की तथा कोरोना जैसी तमाम बीमारियों से सुरक्षित रहने की दुआ की और इससे बचाव के नियम भी बताए इसके बाद उपस्थित जन समुदाय ने भण्डारे (लंगर)का आनन्द लिया।

    इस अवसर पर उपस्थित जनमानस में दरगाह मतवल्ली सैय्यद इरफ़ान वहीद हाशमी,सैय्यद लईक अहमद किरमानी,रहीमाबाद दरगाह के मतवल्ली डॉ सैय्यद आसिफ अली, सलमी मियां,फरजान मियां,फरहान मियां,फरमान मियां,क़ारी इस्लाम अहमद आरफी,इमरान सिद्दीकी,  सादी फ़ारूक़ी, एहतिशाम अहमद,हाफिज नईम,हाफिज आरिफ,क़ारी फय्याज अहमद,सय्यद अबसार काज़मी,अंसार काज़मी,सलीम खान,डॉ ज़फ़र,तशहीर सिद्दीकी, ,पूर्व पालिका अध्यक्ष अतीक अहमद अंसारी,डॉ ज़फ़र याब बेग, जावेद अहमद ,हाजी यूसुफ खान,लालू खान,अकील खान,अनीस अहमद बरकाती, दानियाल आरफी,शाहिद अली मोल्हे,शकील,इमरान शब्बन,पप्पू आदि हैं,इसी अवसर पर अंजुमन खिदमते ख़ल्क़ की तरफ से तमाम ज़रूरत मंदों को उनके दैनिक प्रयोग में आने वाली खाद्य सामग्री तथा अन्य दैनिक उपयोगी सामान का वितरण किया गया  फुरकान हाशमी ने कहा कि समय पड़ने पर यदि किसी ज़रुरत मन्द को सामान दे दिया जाए और उसकी समस्या हल हो जाए तो इससे बड़ा कोई पुण्य कार्य नही है इसके बाद कुल के समय उपस्थित सभी लगभग 500 लोगों को हाफिज़ी लंगर भंडारे में भोजन भी कराया गया।

    शरद कपूर 

    Initiate News Agency (INA), सीतापुर

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