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    कानपुर। बिकरू कांड: 173 लोगों के शस्त्र लाइसेंस गायब होने के मामले में बड़ी कार्रवाई, डीएम नेहा शर्मा ने लिपिक विजय रावत किया बर्खास्त।

    कानपुर। दुर्दांत विकास दुबे और दिवंगत पूर्व मंत्री कमल रानी वरुण समेत 173 लोगों के शस्त्र लाइसेंस गायब होने के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। डीएम नेहा शर्मा ने आरोपी लिपिक विजय रावत को बर्खास्त कर दिया। 2 जुलाई 2020 को बिकरू में सीओ सहित 8 पुलिसकर्मियों की मौत के बाद पुलिस मुठभेड़ में मारे गए विकास दुबे के असलहों की जांच के दौरान एसआईटी को असलहा लाइसेंस गायब होने की बात सामने आई थी। 

    जिसके बाद मामले की जांच सीबीसीआईडी को सौंपी गई थी। सीबीसीआईडी की जांच में दोषी पाए गए तत्कालीन सहायक शस्त्र लिपिक विजय रावत पर 22 दिसंबर 2020 को प्रशासन की तरफ से कोतवाली थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। बिकरू कांड के बाद पुलिस ने विकास दुबे समेत गांव के एक-एक शस्त्र लाइसेंस धारकों पर कार्रवाई करते हुए उनके लाइसेंस निरस्त कर दिए थे। इस दौरान पता चला कि वर्ष-1997 में विकास दुबे ने जो अपना पहला शस्त्र लाइसेंस बनवाया था, उसकी फाइल गायब है। मामले की विस्तृत जांच पर पाया गया कि विकास के शस्त्र लाइसेंस समेत 173 फाइलें गायब हैं। 

    अतुल कुमार,एडीएम सिटी

    ये फाइलें 131 से 330 क्रमांक तक की थीं। तत्कालीन सहायक शस्त्र लिपिक विजय रावत की अभिरक्षा में रखी गई थीं। प्रशासन ने विजय रावत को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया था। 8 साल पहले कानपुर देहात कलेक्ट्रेट के असलहा अनुभाग से 200 फाइलें लाई गई थीं। इनमें से 173 फाइलें गायब हो गईं थीं। मामले में एडीएम सिटी अतुल कुमार ने बताया कि लिपिक को बर्खास्त किया गया है।

    इब्ने हसन ज़ैदी

    Initiate News Agency (INA) , कानपुर

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