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    बलिया: 14 सरकारी कर्मियों का जिलाधिकारी ने आवास आवंटन को किया रद्द,नगर मजिस्ट्रेट ने कराया खाली।

    बलिया: ख़बर बलिया के कलेक्ट्रट कालोनी से है जहां- जिलाधिकारी बलिया इन्द्र विक्रम सिंह ने सरकारी कर्मियों के बने आवासों में से 14 आवंटियों के आवंटन को विभिन्न शिकायतों/अनियमित आवंटनों , के आधार पर 31 जनवरी 2022 को निरस्त कर दिया गया ।

    इस आदेश की कॉपी निरस्त हुए आवास के आवंटियों को 31 जनवरी की शाम को प्राप्त कराने के बाद नगर मजिस्ट्रेट ने, पुलिस व नगर पालिका के ईओ के कर्मचारियों द्वारा जबरिया सामान को बाहर निकालकर कब्जा ले लिया गया । 

    एक महिला द्वारा गुरुवार 4 बजे तक का समय लेने पर और महिला के कोविड संक्रमित होने का प्रमाणपत्र देखने के बाद राहत दी गयी ।

    वहीँ एक दुसरी महीला सीमा यादव का आरोप है मै  दो बेटियों व अपनी बहू और बेटे के साथ इस आवंटित क्वार्टर मे रहती हूं। मेरा बेटा जिसके नाम से यह क्वाटर एलाट है सरकारी करमचारी है।

    मै नगर मजिस्ट्रेट साहब से गिड़गिडाती रही क्वाटर खाली करने का समय मागती रही कहती रही कि मेरे बेटे के पास और कोई दुसरा मकान या प्रापर्टी नहीं है कहाँ जाऊंगी थोड़ा समय दे दिजिए  मै मकान ढूँढ कर लेकर इस को खाली कर दूगी पर मजिस्ट्रेट साहब ने मेरी  एक न सूनी । मै रोती रही अचानक कार्रवाई  से मै घबरागई,हमारा सारा सामान बाहर फेक दिया गया ।

    सवाल यह भी उठता है कि अनियमित रूप से आवंटित तहसील कर्मियों पर इनायत क्यो ?

    जिन कर्मचारियों पर कार्यवाही हुई है, वे ब्लॉक ,विकास भवन,चकबन्दी विभाग आदि के कर्मचारी है । इन लोगो में कई ऐसे है जिनका पैतृक घर मुख्यालय से 30 किमी से भी दूर है और शहर में इनके कोई आवास/मकान नही है । इन लोगो का आवंटन इस लिये निरस्त हुआ है क्योंकि इन लोगो की तैनाती मुख्यालय से दूर है । अगर यही आदेश है तो यह तहसील कर्मियों पर भी लागू होना चाहिये । सूत्रों की माने तो विभिन्न तहसीलों में कार्यरत होने के बावजूद मुख्यालय से दूर की तहसीलों के कर्मियों को भी यहां आवास आवंटित है। इन लोगो पर कार्यवाही न होने से इस कार्यवाही पर सरकारी कर्मियों द्वारा ही उंगली उठाई जा रही है ।

    प्रशासनिक अधिकारी/नजारत पर कार्यवाही होगी कब ?

    सरकारी कर्मचारियों को आवास का आवंटन नज़ारत बाबू के द्वारा होता है । लगभग 3 सालों से नज़ारत का चार्ज प्रशासनिक अधिकारी के पास ही है। जबकि ये दोनों महत्वपूर्ण पद है और इसके पहले दो अलग अलग लोग इसको देखते थे। इतनी बड़ी मात्रा में अनियमितता मिलने के बावजूद वर्तमान नज़ारत बाबू पर कोई प्रशासनिक कार्यवाही न होना, न ही इनको नज़ारत से हटाना,नगर मजिस्ट्रेट महोदय कि कार्य शैली पर सवालिया निशान तो उठता ही है। 



    S.Asif Hussain zaidi.

    Initiate News Agency(INA)

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