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    आगरा। सिविल एवियेशन कि अपार संभावनाएं ,लचर पैरवी से वांछित, जन मानस के लिए- आगरा के नागरिकों को संभावनाएं बताने का प्रयास।

    आगरा। परिप्रेक्ष्य में सिविल एविएशन पर जो भी कहा जाता रहा है, वह जमीनी स्‍तर पर बेअसर साबित हुआ। जितनी भी फ्लाइटें आगरा के लिये चलायी गयी वे अधिकांशत: संचालित तो रही हैं किन्तु  उपयोग करने वालों के लिये सिविल एन्‍कलेव तक पहुंचना तथा एयरपोर्ट से बाहर आना उ प्र के अन्य एयरपोर्टों के समान सुखदायी नहीं हो सका। एयरपोर्ट अथॉरिटी के सिविल एन्‍कलेव से चैक इन और चैक आउट प्लान भले ही काफी सोच समझ कर बनाये गये हैं और इनमें संभव सहूलियतें भी संभव की गयी है किन्तु वायु सेना की सुरक्षात्मक व्‍यवस्‍थाओं को दृष्टिगत न तो चेकिंग के समय में कमी हो सकती है और नहीं हवाई जहाज का उपयोग कर  आने वालों के मेजवानों की परेशानी में ही  । उपरोक्‍त सभी का मुख्‍य कारण देश के महत्वपूर्ण रक्षा प्रतिष्ठान (वायुसेना परिसर) में सिविल एन्‍कलेव का होना है।

    यह सही है कि जितनी भी उड़ानें खासकर शेड्यूल्‍ड फ्लाइटें आगरा से शुरू हुई हैं और बिना बीच में बंद हुए चल रही हैं। उन में यात्रियों की कमी नहीं है, अगर सिविल एन्क्लेव तक आना जाना सुविधाजनक होता तो आगरा का सिविल एयरपोर्ट , दिल्ली के बाहर के किसी उत्तर भारतीय हवाई अड्डे से कहीं अधिक व्यस्त होता। सिविल सोसाइटी ऑफ़ आगरा हमेशा से इस महत्‍वपूर्ण तथ्‍य को सरकार और नागरिक उड्उयन मंत्रालय के संज्ञान में लाये जाने का काम करती रही है। सिविल सोसायटी ऑफ़ आगरा की मांग रही हे कि  धनौली-बल्‍हेरा में उस जमीन पर  सिविल एन्‍कलेव को बनाये जाने का कार्य तेजी के साथ शुरू किया जाये,जहां इसे शिफ्ट किया जाना है। जन भावनाओं को देखते हुए, दिल्ली एयरपोर्ट पर पैसेंजर का दबाब और आगरा और दिल्ली के बीच, रोजाना हजरों कार/टैक्सी के द्वारा पर्यावरण पर पड़ते प्रभाव को देखते हुए, आगरा की एयर कनेक्टिविटी को और अच्छा किया जाना अपेक्षित है।

    उपरोक्त के अलावा सिविल सोसायटी ऑफ़ आगरा नागरिक उड्डयन मंत्रालय का ध्यान आकर्षित करना चाहती है कि :-

    1. आगरा एक ट्रांजिट सेण्टर बन सकता है, आगरा आ कर दूसरे  शहर की फ्लाइट पकड़ी जा सकती है, इसके लिये टाइम को सेट करना होगा, जैसे लखनऊ से भोपाल वाया आगरा.. आगरा में रात में हवाई  जहाज पार्क करने की सुविधा है, अगर एयरलाइन्स एक दो हवाई जहाज़ आगरा में पार्क करें और फ्लाइट्स का ओरिजिन आगरा से हो सकता है. आगरा में पार्किंग चार्जेज दिल्ली से कम हैं, एयरलाइन्स इस का उपयोग कर फायदा उठा सकती हैं.                                                                                     

    2. इसी तरह हैदराबाद को आगरा से सुगम तरीके से जोड़ा जा सकता है. वर्तमान में हैदराबाद भोपाल फ्लाइट ही आगरा आती है. पर आगरा के लिए आने और जाने का टिकट नहीं मिलता. ऐसे  ही इंदौर को  जोड़ा जा सकता है. लखनऊ से आगरा आने वाली फ्लाइट का ओरिजिन इंदौर  है. इंडिगो क्यों नहीं टिकट इश्यू करता यह जानने का विषय है. आगरा के जनप्रतिनिधि शायद जानना नहीं चाहते के शहर कि टूरिज्म इंडस्ट्री में भारतीय पर्यटक का भी महत्व है. वीकेंड टूरिज्म, आगरा के होटल इंडस्ट्री और शहर के लिए लाभकारी होगा. पूना सिविल एयरपोर्ट भी आगरा की तरह भारतीय वायुसेना के तहत है. वहां अब सिर्फ 4 घंटे छोड़ कर पूरे दिन फ्लाइट उत्तरने और उड़ने की परमिशन देदी गयी है. आगरा को पूना से जोड़ने का प्रयास होना चाहिए. बहुत से स्टूडेंट इस शहर में पढ़ते हैं. आगरा में तिरुपति जाने वाले भक्तों की बहुत बड़ी संख्या है.आगरा-रेनीगुंट-चेन्‍नई और आगरा-रेनीगुंट(त्रिपति)  -बैगलूर के लिये 'अप ऐंड डाउन' फ्लाइटें चलाई जा सकती हैं। संभावनाएं बहुत हैं, दिल्ली से पूरे देश के पॉपुलर डेस्टिनेशन के लिए एक नहीं दिन में कई फ्लाइट्स है,इन में से  एक दो फ्लाइट को आगरा होप्पिंग कर के बहुत से डेस्टिनेशन से जोड़ा जा सकता है. 

    3.  आगरा को इंटरनेशनल फ्लाइट्स से भी जोड़ा जा सकता है. यह कार्य वाया मुंबई और बंगलुरु से बहुत आसानी से हो सकता है. देखना यह है इंडिगो कैसे आगरा को जब तक सिविल एन्क्लेव नहीं बनता , इंटरनेशनल फ्लाइट्स का कितना लाभ दे पाती है. सिविल सोसायटी ऑफ़ आगरा के प्रतिनिधि मंडल से बात करते हुए इंडिगो के एयरपोर्ट मेनेजर श्री प्रवीण भारद्वाज ने बताया है कि लॉकडाउन से पहले, आगरा से गल्फ और साउथ ईस्ट एशिया के लिए वाया बेंगलुरु और मुंबई से कनेक्शन था. आगरा से ही बोर्डिंग पास दिये जाने का इंतजाम भी था  और इस के लिए एयरलाइंस की ओर से एक अलग से काउंटर भी शुरू किया गया था। वैसे भी आगरा के एयरपोर्ट पर कस्‍टम क्‍लीयरेंस संबधी पहले सही इंतजाम है,और पूर्व में इस व्यवस्था का उपयोग होता रहा है।

    4. वर्तमान में इंडिगो के अलावा कई अन्‍य एयरलाइंसें आगरा से इंटरनेशनल  उड़न शुरू करने को लेकर गंभीर हैं , इसके लिये एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया और भारतीय वायुसेना से उनके द्वारा जानकारी एकत्रित करने का प्रयास किया जाता  रहा है। फिलहाल इंडिगो और स्पाइसजेट के नाम तो स्पष्ट है ही।

    यहां यह भी जन जानकारी में लाया जाना जरूरी है कि 'एयर इंडिया' ने भी अपना सामान और एलाटिड स्‍पेस को आगरा एयरपोर्ट से सिमिटने की योजना को स्थगित कर दिया है। टाटा के पास जाने के बाद एयर इंडिया भी अपने ऑपरेशन में आगरा को शामिल करेगी।शायद आगरा के तीन सांसद , नहीं मानते के वर्तमान में भी आगरा की इंटरनेशनल एयर कनैक्‍टिविटी है। सिविल सोसाइटी ऑफ़ आगरा, जनता को बताना चाहती है,के जनप्रतिनिधियों की लचर पैरवी न तो धनौली में सिविल एन्क्लेव बन्ने दे रही है और न ही वर्तमान में आगरा शहर को देश और विदेश से जुड़ने के अवसरों को साकार कर उपयोग कर पा रही है। सिर्फ इवेंट मैनेजमेंट जैसे कारनामों  के माध्‍यम से ही आगरा के जनप्रतिनिधि एयर कनेक्टिविटी का हल्ला मचाते है और फिर अचानक  चुप हो कर बैठ जाते है। 

    5.आगरा से भी RCS में इंटरनेशनल फ्लाइट्स का प्रावधान है. इस का कोई फॉलो उप नहीं कर रहा है। इस के क्रियान्वित होने पर ही तो आम आमदनी वाला भी हवाई जहाज में यात्रा कर सकेगा,जो कि प्रधानमंत्री का सपना है।

    सिविल सोसायटी ऑफ़ आगरा  का मानना है कि आगरा के जनप्रतिनिधि धनौली में प्रस्‍तावित सिविल एन्क्लेव के निर्माण को लेकर अपनी पार्टी में दबाव नहीं बना सकते, तो कम से कम वर्तमान में प्रभावी सिस्टम के तहत आगरा में उड़ानों की संख्या बढ़ने का प्रयास तो कर ही सकते हैं।

    Initiate News Agency (INA), आगरा

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