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    अयोध्या। अयोध्या से योगी आदित्यनाथ नहीं तो कौन होगा भाजपा प्रत्याशी

    --अयोध्या विधानसभा सीट पर व अयोध्या जनपद में सपा, भाजपा में सीधा मुकाबला होने के आसार है


    अयोध्या। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की धर्म नगरी अयोध्या से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के चुनाव लड़ने की प्रबल संभावना थी। लोग कयास लगा रहे थे कि वाराणसी से भारत के प्रधानमंत्री मोदी जी सांसद हैं, तो अयोध्या की नगरी से योगी जी विधायक होंगे। मोदी जी देश की राजनीति देखेंगे योगी जी प्रदेश की राजनीति देखेंगे। किंतु अयोध्या वासियों को एक बार निराशा देखना पड़ा कि योगी जी अयोध्या से चुनाव नहीं लड़ेंगे पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दिया।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गोरखपुर शहर सीट से चुनाव लड़ने की तस्वीर साफ होने के बाद अब अयोध्या से बीजेपी का कौन चेहरा होगा इस पर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। एक तरफ सिटिंग विधायक वेद प्रकाश गुप्ता चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर अयोध्या नगर निगम के प्रथम महापौर ऋषिकेश उपाध्याय भी दावेदारी ठोक रहे हैं। यही नही संत समाज से हनुमानगढ़ी के पुजारी महंत राजूदास भी चुनावी समर में संभावित उम्मीदवार के रूप में दिख रहें हैं।

    अयोध्या भारतीय जनता पार्टी के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। अयोध्या में बीजेपी से सीधी टक्कर समाजवादी पार्टी की है। समाजवादी पार्टी से तेज नारायण पांडे पवन चुनावी मैदान में हैं।

    भाजपा ने  योगी को मथुरा-अयोध्या की बजाय गोरखपुर सीट से उतारा है।

    1991 से 2012 तक लल्लू सिंह  बीजेपी से विधायक रहे।

    अयोध्या की बात करें तो अयोध्या ने अब तक किन-किन दलों के विधायकों को चुना है तो अब तक 25 वर्ष का रिकॉर्ड 1991 से 2012 तक बीजेपी के विधायक के रूप में लल्लू सिंह का रहा है।  लल्लू सिंह वर्तमान समय अयोध्या के सांसद है।

    2017 में वैश्य समाज से वेद प्रकाश गुप्ता यहां पर बीजेपी का परचम लहराए। 

    2012 के चुनाव में समाजवादी पार्टी से तेज नारायण पांडे पवन जीते थे। मंत्री थे।

    पहली बार 1967 में वैश्य समाज से बृज किशोर अग्रवाल भारतीय जनसंघ से चुनाव जीते थे।

    विश्वनाथ कपूर ने बीकेडी के ब्राह्मण प्रत्याशी को हराया था। 

    1974 के चुनाव में जनसंघ के वेद प्रकाश अग्रवाल ने बीकेडी के संत श्री राम द्विवेदी को बहुत कम अंतर से हराया था।

    1977 में जय शंकर पांडे जनता पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़े चुनाव जीत गए थे।अगले चुनाव में उन्हें खत्री बिरादरी के कांग्रेसी नेता निर्मल खत्री से हार  हुई। फिर कांग्रेस से सुरेंद्र प्रताप सिंह भी यहां से चुनाव जीते। जिन्होंने भगवान जयसवाल को हराया था। 

    जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के टिकट की घोषणा गोरखपुर शहर से हो गई तो एक बार फिर अयोध्या विधानसभा से बीजेपी का चेहरा कौन होगा यह सवाल यहां की जनता पूछ रही है।  अयोध्या से बीजेपी किस चेहरे पर दांव लगाएगी। 

    यद्यपि इस बार उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 बहुत रोचक चुनाव होने जा रहा है । सीधी टक्कर भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी के बीच है। अब तक जो चुनाव होते थे उसमें कांग्रेस और बसपा भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेती थी। किंतु इस बार ऐसा नहीं देखा जा रहा है। अयोध्या सीट से भी समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी का सीधा मुकाबला होगा।


    देव बक्श वर्मा

    Initiate News Agency(INA) अयोध्या

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