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    प्रयागराज। बीबी फातिमा के किरदार को अपनाकर अपनी ज़िन्दगी सुधारें - मौलाना यूनुस हैदर

    प्रयागराज। पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब की बेटी बीबी फातिमा जहरा की शहादत की याद में करेली स्थित जेके आशियाना पैलेस में मजलिस हुई। मजलिस में बीबी फातिमा जहरा की अज़मत बतायी गयी और उससे सीख हासिल करने का सबक दिया गया। बादे मजलिस बीबी फातिमा का ताबूत निकाला गया, जिसमें अकीदतमंदों का हुजूम उमड़ पड़ा। आंसुओं का नजराना पेश किया गया।

    जेके आशियाना में हर साल की तरह इस साल भी रसूल अल्लाह की इकलौती बेटी जनाबे फातिमा जहरा की शहादत के मौके पर  मजलिस का आयोजन किया गया, जिसको मौलाना यूनुस हैदर ने खिताब किया इस दौरान उन्होंने जनाबे फातिमा ज़हरा कि ज़िंदगी पर रौशनी डालते हुए कहा कि दुनिया को जन्नत बनाना है तो फातिमा ज़हरा की सीरत पर अमल करना चाहिए। 

    रसूल-ए-खुदा की वह एकलौती बेटी थीं। उनकी ताजीम में खुद मोहम्मद साहब खड़े हो जाते थे। उन्हें अपनी जगह बैठाते थे। मसाएब पढ़ते हुए मौलाना ने कहा कि मोहम्मद साहब के बाद उनकी इस बेटी पर बहुत जुल्म हुए। उनपर जलता हुआ दरवाजा गिरा दिया गया। इससे वह कुछ दिनों के बाद शहीद हो गईं। मसाएब सुनकर वहां मौजूद लोगों की आंखें भर आईं। उसके बाद ताबूत निकाला गया और नौहाख्ववानी व सीनाजनी का सिलसिला शुरू हुआ। 

    देर रात तक नौहाख्वानी और सीनाजनी हुई और लोगों में तबर्रुक तक्सीम किया गया।  मजलिस का आगाज़ कुरान पाक की तिलावत के साथ शुरू हुआ जिसकी तिलावत कुमैल ने की। इसके बाद शुजा मिर्ज़ा ने अपने साथियों के साथ सोज़ख्वानी की और नसीमुल हसन व शहीर राल्वी ने पेशख्वानी की। नौहाख़्वानी शहंशाह सोनवी व रोमन चंदौलवी ने की। मजलिस की निज़ामत अनीस जायसी ने की।


    Initiate News Agency(INA)

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