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    कानपुर: कोर्ट से बरी होने के बाद बकाया भुगतान नही कर रही है बैक

    --बैंक कर्मचारी दर दर की ठोकरे खाने को मजबूर


    कानपुर: करीब 20 वर्ष से पुलिस प्रशासन व बैंक अधिकारियो की मिली भगत से अपने बकाये भुगतान को लेकर कानपुर से लखनऊ व दिल्ली के चक्कर काटने के बाद बैंक कर्मचारी दर दर की ठोकरे खा रहा है,केवल आश्वासन ही मिल रहा है। 

    किदवई नगर निवासी अनन्त कुमार शुक्ला ने आज कानपुर प्रेस क्लब, नवीन माकेर्ट मे पत्रकार से बातचीत करते हुये आसू छलक पड़े।पीड़ित अनन्त कुमार ने बताया कि वह किदवई नगर स्थित पंजाब नेशनल बैंक मे क्लर्क के पद पर कार्यरत थे, बैंक प्रबंधक ने पुलिस से मिलकर झूठे मुकदमे मे फंसा कर जेल भिजवा कर 10 अक्टूबर 2001 को निलंबित करवा दिया।

    कोर्ट से लम्बी लडाई लड़ने के बाद हमको 9 अप्रैल 2019 को बरी कर निर्दोष साबित कर दिया।उसी दौरान रीढ की हड्डी की बीमारी के कारण मेरे इलाज मे 7 लाख रूपये खर्च हो गये थे, जिसे हमने अपने रिश्तेदार से उघार लेकर अपना इलाज  कराया।

    मेरी बेटी 27 वर्ष की हो रही है उसकी शादी की भी चिता सता रही है, लगातार कोशिश करने के बावजूद बैंक अघिकारी हमारे रूपये का भुगतान नही कर रहे है।अगर जल्द ही हमारे रूपये का भुगतान नही हुआ तो हम अपनी पूरी फैमली के साथ आत्महत्या कर लेगे।बैक के सभी अघिकारी एक दूसरे पर टाल देते है ,लेकिन भुगतान नही कर रहे है।

     हमारे पास अब इतना रूपये भी नही बचा है हम कटेम कर सकते है। हमारे पास अब अन्तिम रास्ता बचा है कि परिवार के साथ अपनी जीवन लीला को समाप्त कर लिया जाये।इस बाबत एंटी करप्शन फाउंडेशन आफ इंडिया के डिस्ट्रिक्ट इंचार्ज दिलीप कुमार मिश्रा ने कहा कि अनन्त कुमार शुक्ला ने अपनी समस्या से अवगत कराया है। 

    एंटी करप्शन की टीम बैंक प्रबंधक व उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री योगीआदित्य नाथ को पत्र लिखकर मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग करेगे। पीड़ित परिवार को हर सम्भव मदद कर न्याय दिलाया जायेगा।इस पत्रकार वार्ता मे ममता शुक्ला, ओ पी बाजपेई, सुशील मिश्रा आदि लोग मौजूद रहे।


    Initiate News Agency(INA)

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